Haanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

पंडित जी, वैशाली गाज़ियाबाद (Pandit Ji in Vaishali Ghaziabad)

पूजा अनुष्ठान, हवन, जन्मपत्री तथा त्योतिष आदि धार्मिक कार्यों हेतु गाज़ियाबाद महानगर के उप नगर जैसे वैशाली, इंदिरापुरम एवं वसुंधरा क्षेत्र के प्रतिष्ठित पंडित जी से आप भक्ति-भारत के द्वारा सम्पर्क कर सकते हैं। दिए गये सभी पंडितजी अपने-अपने क्षेत्र के प्रसिद्ध मंदिरों के प्रमुख महंत भी हैं।
पंडित जी मोबाइल जगह मंदिर
श्री लवकुश शास्त्री 📞 9818581904 वैशाली गुलमोहर शिवालय
श्री अमित बल्लभ शास्त्री 📞 9818825738 वैशाली शिव शक्ति मंदिर
पं. श्री राम शर्मा 📞 9811131339 वैशाली बालाजी मंदिर
पं. श्री कुलदीप शर्मा 📞 9971940445 इंदिरापुरम श्री शिव मंदिर
पं. प्रमोद कुमार मिश्रा 📞 8766227438 इंदिरापुरम बालाजी धाम मंदिर
पं. लक्ष्मीकांत द्विवेदी 📞 7042231046 वसुंधरा शिव शक्ति मंदिर

Pandit Ji in Vaishali Ghaziabad in English

You can contact the Panditji of Vaishali, Indirapuram and Vasundhara region for religious functions like Puja rituals, havan and horoscopes etc.
यह भी जानें

गृह प्रवेश पूजा, गायत्री जप, गृह शांति, ग्रह दोष निवारण, हवन, मुंडन संस्कार, नाम करण, नवग्रह जाप, सत्यनारायण कथा, शुद्धि, भूमि पूजन, शांति पूजा, मूल शांति, वास्तु शांति, महा मृत्युंजय जाप, अन्नप्राशन पूजा, लघु रुद्र पूजा, नामकरण पूजा, विवाह पूजा, सगाई पूजा, दुर्गा पूजा, लक्ष्मी पूजा, गणेश प्रतिष्ठान, गणपति पूजा, नवरात्रि पूजा और वसंत पंचमी पूजा।

Blogs Panditji BlogsPandit BlogsMahant BlogsPandit Ji In Vaishali BlogsPandit Ji In Indirapuram BlogsPandit Ji In Vasundhara BlogsFamous Pandit Blogs

अगर आपको यह ब्लॉग पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस ब्लॉग को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

ब्लॉग ›

जगन्नाथ मंदिर प्रसाद को 'महाप्रसाद' क्यों कहा जाता है?

जगन्नाथ मंदिर में सदियों से पाया जाने वाला महाप्रसाद लगभग 600-700 रसोइयों द्वारा बनाया जाता है, जो लगभग 50 हजार भक्तों के बीच वितरित किया जाता है।

भगवान जगन्नाथ के नील माधव के रूप में होने के पीछे क्या कहानी है?

नील माधव (या नीला माधव) के रूप में भगवान जगन्नाथ की कहानी प्राचीन हिंदू परंपराओं, विशेष रूप से ओडिशा की परंपराओं में निहित एक गहरी आध्यात्मिक और प्रतीकात्मक कहानी है।

भगवान जगन्नाथ का नीलाद्रि बीजे अनुष्ठान क्या है?

नीलाद्रि बीजे, वार्षिक रथ यात्रा उत्सव के अंत और भगवान जगन्नाथ की गर्भगृह में वापसी को चिह्नित करता है या फिर आप भगवान जगन्नाथ और उनकी प्यारी पत्नी माँ महालक्ष्मी के बीच एक प्यारी सी कहानी बता सकते हैं।

रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ का मुकुट टाहिया

रथयात्रा के समय पहण्डी बिजे के दौरान भगवन टाहिया धारण करते हैं। टाहिया एकमात्र आभूषण है जिसे रथयात्रा अनुष्ठान के दौरान भगवान पहनते हैं।

हवन में आम की लकड़ी ही क्यों?

सनातन धर्म में हवन के बिना पूजा का कोई विधान नहीं है। हवन को 10 से 15 मिनट में भी किया जा सकता है। हवन कहीं भी साफ-शुद्ध जगह किया जा सकता है,हवन को सीमित साधनों से भी किया जा सकता है।

मृत्यु के बाद तेरहवी क्यों की जाती है?

हिन्दू धर्म में मृत्यु के 13 दिनों तक शोक मनाया जाता है और फिर तेरहवें दिन ब्राह्मण भोज का आयोजन किया जाता है ताकि मृतक की आत्मा को शांति मिले और ईश्वर के धाम में स्थान मिले। तेरह दिनों की इस अवधि को तेरहवी के नाम से जाना जाता है। गरुड़ पुराण के अनुसार यदि मृतक की तेरहवीं न हो तो उसकी आत्मा पिशाच योनि में भटकती रहती है।

स्नान यात्रा

स्नान यात्रा जो कि देवस्नान पूर्णिमा या स्नान पूर्णिमा नाम से भी जाना जाता है।

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP