🐅आषाढ़ गुप्त नवरात्रि - Ashadh Gupt Navratri

Ashadh Gupt Navratri Date: Magha Navratri: 2 February 2022
देवी भागवत के अनुसार वर्ष में चार बार नवरात्रि आते हैं और जिस प्रकार नवरात्रि में देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है, ठीक उसी प्रकार गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की साधना की जाती है। 12-21 फरवरी 2021

देवी भागवत के अनुसार वर्ष में चार बार नवरात्रि आते हैं और जिस प्रकार नवरात्रि में देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है, ठीक उसी प्रकार गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की साधना की जाती है। गुप्त नवरात्रि के दौरान साधक माँ काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, माँ ध्रूमावती, माँ बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की पूजा करते हैं।

गुप्त नवरात्रि विशेषकर तांत्रिक क्रियाएं, शक्ति साधना, महाकाल आदि से जुड़े लोगों के लिए विशेष महत्त्व रखती है। इस दौरान देवी भगवती के साधक बेहद कड़े नियम के साथ व्रत और साधना करते हैं। इस दौरान लोग लंबी साधना कर दुर्लभ शक्तियों की प्राप्ति करने का प्रयास करते हैं।

माघ नवरात्री उत्तरी भारत में अधिक प्रसिद्ध है, और आषाढ़ नवरात्रि मुख्य रूप से दक्षिणी भारत में लोकप्रिय है।

संबंधित अन्य नाम
माघ नवरात्रि, आषाढ़ नवरात्रि

Ashadh Gupt Navratri in English

Out of four Navratris, there are two Gupt Navratri Magh and Ashadh. These Navratris are not well known by people therefore called Gupt Navratri.

संबंधित जानकारियाँ

भविष्य के त्यौहार
Magha Navratri: 22 January 2023
आवृत्ति
अर्ध वार्षिक
समय
10 दिन
सुरुआत तिथि
माघ / आषाढ़ शुक्ल प्रतिपद
समाप्ति तिथि
माघ / आषाढ़ शुक्ल नवमी
महीना
❀ जनवरी - फरवरी ❀ जून - जुलाई
मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे।
प्रकार
माघ नवरात्रि, आषाढ़ नवरात्रि
उत्सव विधि
शक्ति साधना, व्रत, मंत्र जाप।
महत्वपूर्ण जगह
माता मंदिर
पिछले त्यौहार
Ashadha Navratri: 11 July 2021, Magha Navratri: 12 February 2021
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