भक्तों की मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली यह पवित्र व्रत सोलह सोमवार व्रत कथा भक्ति भारत के द्वारा आप तक पहुंचाई जा रही है। एक समय की बात है देवों के देव भगवान महादेवजी, पार्वती के साथ भ्रमण करते हुए मृत्युलोक में अमरावती नगरी में आए।
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किसी नगर में एक धनी व्यापारी रहता था। दूर-दूर तक उसका व्यापार फैला हुआ था। नगर के सभी लोग उस व्यापारी का सम्मान करते थे..
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कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 1
नैमिषारण्य तीर्थ में श्रीसूतजी ने अठ्ठासी हजार सनकादि ऋषियों से कहा: अब मैं आपको कार्तिक मास की कथा विस्तारपूर्वक सुनाता हूँ
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कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 2
इस प्रकार सत्यभामा भगवान श्रीकृष्ण के मुख से अपने पूर्वजन्म के पुण्य का प्रभाव सुनकर बहुत प्रसन्न हुई।
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कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 3
कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को तुम लोगों ने मुझे जगाया है इसलिए यह तिथि मेरे लिए अत्यन्त प्रीतिदायिनी और माननीय है। हे देवताओ! यह दोनों व्रत नियमपूर्वक करने से मनुष्य मेरा सान्निध्य प्राप्त कर लेते हैं।
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कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 4
जो मनुष्य कार्तिक में तुलसी जी की जड़ के समीप श्रीहरि का पूजन करता है वह इस लोक में सम्पूर्ण भोगों का उपभोग कर के अन्त में वैकुण्ठ धाम को जाता है।
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करवा चौथ व्रत कथा: साहूकार के सात लड़के, एक लड़की की कहानी
एक साहूकार के सात लड़के और एक लड़की थी। एक बार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सेठानी...
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करवा चौथ व्रत कथा: पतिव्रता करवा धोबिन की कथा!
पुराणों के अनुसार करवा नाम की एक पतिव्रता धोबिन अपने पति के साथ तुंगभद्रा नदी के किनारे स्थित गांव में रहती थी..
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करवा चौथ व्रत कथा: द्रौपदी को श्री कृष्ण ने सुनाई कथा!
एक बार अर्जुन नीलगिरि पर तपस्या करने गए। द्रौपदी ने सोचा कि यहाँ हर समय अनेक प्रकार की विघ्न-बाधाएं आती रहती हैं |
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श्री सत्यनारायण कथा - प्रथम अध्याय
सूतजी जी नैषिरण्य तीर्थ में शौनिकादि ऋषियों से वह कथा सुनाई जो भगवान ने स्वयं नारद जी को सुनाई.. एक समय की बात है नैषिरण्य तीर्थ में शौनिकादि, अठ्ठासी हजार ऋषियों ने श्री सूतजी से पूछा हे प्रभु!...
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टेसू झेंजी विवाह की पौराणिक कथा
मान्यता के अनुसार, भीम के पुत्र घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक को महाभारत का युद्ध मे आते समय झेंजी से प्रेम हो गया। उन्होंने युद्ध से लौटकर झेंजी से विवाह करने का वचन दिया..
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श्री सत्यनारायण कथा - द्वितीय अध्याय
सूत जी बोले: हे ऋषियों ! जिसने पहले समय में इस व्रत को किया था उसका इतिहास कहता हूँ, ध्यान से सुनो!...
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संतोषी माता व्रत कथा | सातवें बेटे का परदेश जाना | परदेश मे नौकरी | पति की अनुपस्थिति में अत्याचार | संतोषी माता का व्रत | संतोषी माता व्रत विधि | माँ संतोषी का दर्शन | शुक्रवार व्रत में भूल | माँ संतोषी से माँगी माफी | शुक्रवार व्रत का उद्यापन
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अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा | बृहस्पतिदेव की कथा
भारतवर्ष में एक राजा राज्य करता था वह बड़ा प्रतापी और दानी था। वह नित्य गरीबों और ब्राह्मणों...
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हे कुंतीनंदन! आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी का नाम पापांकुशा एकादशी है। आश्विन शुक्ल एकादशी के दिन इच्छित फल की प्राप्ति के लिए भगवान विष्णु का पूजन करना चाहिए।
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