गणेश मंदिर जो भगवान श्री गणेश को समर्पित है। वि.संकर अय्यर द्वारा 31 अक्टूबर 1952 में स्थापित (नवीनीकृत - 22 अप्रैल 1999), श्री गणेश मंदिर के साथ-साथ दो मंदिरों का समूह, शिव एवं शनि मंदिर, दोनों मंदिर एक ही दीवार परस्पर साझा करते हैं। मंदिरों की सीमाओं को अच्छी तरह से परिभाषित नहीं किया गया है, क्योंकि दोनों ही भवन बंद हैं। अधिकांश समय, जब नए भक्त इन मंदिरों में जाते हैं, दोनों मंदिरों को भेद नहीं पाते हैं। ये मंदिर कनॉट प्लेस में प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के पास हैं।
गणेश मंदिर सीपी का इतिहास और वास्तुकला
श्री गणेश मंदिर की स्थापना 31 अक्टूबर 1952 को वी. शंकर अय्यर ने की थी और अप्रैल 1999 में इसका जीर्णोद्धार किया गया था। यह मंदिर शिव और शनि मंदिरों के साथ भी स्थित है, जो पवित्र मंदिरों का एक समूह बनाते हैं।
भगवान गणेश के अलावा, इस मंदिर में कई देवताओं—शिव, शनि और नवग्रहों—के मंदिर भी हैं। यहाँ दुर्गा, हनुमान, हरिहर और अन्य वैदिक देवताओं की भी पूजा की जाती है। वास्तुकला की दृष्टि से, यह एक विशिष्ट दक्षिण भारतीय शैली का सुंदर मंदिर है जिसके चारों ओर सकारात्मक हैं, जो वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ आपको शांति और सुकून का अनुभव कराती हैं। दक्षिण भारतीय मूल के पुजारियों द्वारा इसका वातावरण समृद्ध होता है। यह मंदिर दिल्ली का पहला दक्षिण भारतीय मंदिर है।
गणेश मंदिर सीपी का दर्शन समय:
मंदिर पूरे सप्ताह खुला रहता है और दर्शन का समय सुबह 5:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और फिर शाम 4:00 बजे से रात 9:30 बजे तक है।
गणेश मंदिर सीपी का प्रमुख उत्सव
गणेश चतुर्थी यहाँ का प्रमुख उत्सव है। गणेश चतुर्थी के दौरान, जब उत्सव और सजावट अपने चरम पर होती है, यहाँ आना उचित है। शिवरात्रि, नवरात्र भी बेहद धूम धाम धाम से मनाया जाता है।
गणेश मंदिर सीपी कैसे पहुँचें
मंदिर तक दिल्ली मेट्रो द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है—राजीव चौक या शिवाजी स्टेडियम स्टेशन सबसे नज़दीक हैं, जिससे इसे शहर के दर्शनीय स्थलों की यात्रा कार्यक्रम में शामिल करना सुविधाजनक हो जाता है।
Front view of Shiv Mandir and Ganesh Mandir
5 AM - 9:30 PM
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