इस्कॉन मंदिर बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत में स्थित एक प्रमुख आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और भक्तिमय स्थल है। यह विश्व के सबसे प्रसिद्ध कृष्ण-हिंदू मंदिरों में से एक है और भगवद्गीता और भागवत पुराण की शिक्षाओं पर आधारित भक्ति का एक जीवंत केंद्र है, जिन्हें इस्कॉन के संस्थापक श्रील ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद ने लोकप्रिय बनाया था। यह मंदिर कृष्ण चेतना को बढ़ावा देता है - जप, प्रार्थना, शास्त्र अध्ययन, ध्यान और सामुदायिक सेवा के माध्यम से भगवान कृष्ण के प्रति भक्ति।
इस्कॉन मंदिर बेंगलुरु का इतिहास और वास्तुकला
❀ स्थानीय इस्कॉन बेंगलुरु सोसाइटी का पंजीकरण 8 मई 1978 को आध्यात्मिक शिक्षा और भक्तिमय गतिविधियों के माध्यम से कृष्ण चेतना के प्रसार के उद्देश्य से किया गया था। मंदिर का उद्घाटन 31 मई 1997 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा द्वारा किया गया था।
❀ इस परिसर में स्वर्ण-परीक्षित ध्वज-स्तंभ और शिखर पर कलश-शिखर हैं, जो इसे देखने में बेहद आकर्षक बनाते हैं।
❀ भक्तिभारत के अनुसार मुख्य मंदिर में दिव्य युगल श्री श्री राधा-कृष्ण हैं, परिसर में कई अन्य महत्वपूर्ण मंदिर हैं, जिनमें कृष्ण-बलराम, निताई-गौरांगा, श्रीनिवास गोविंदा (वेंकटेश्वर), प्रह्लाद नरसिम्हा और श्रील प्रभुपाद का एक स्मारक मंदिर शामिल हैं।
इस्कॉन मंदिर बेंगलुरु दर्शन समय
मंदिर प्रतिदिन सुबह से शाम तक दर्शन के लिए निर्धारित समय पर खुला रहता है। प्रवेश सभी के लिए निःशुल्क है।
❀ मंगला आरती - सुबह 4:15 बजे से 5:00 बजे तक
❀ दैनिक दर्शन: सुबह 7:15 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक; दोपहर का विश्राम 1:15 बजे से 4:15 बजे तक
❀ संध्या दर्शन: शाम 4:15 बजे से 8:00 बजे तक
इस्कॉन मंदिर बेंगलुरु के प्रमुख त्यौहार
❀ दैनिक आरती, कीर्तन (भक्ति गीत) और भगवद्गीता और श्रीमद् भागवतम् जैसे शास्त्रों पर आध्यात्मिक प्रवचन मंदिर के जीवन का केंद्र हैं।
❀ जन्माष्टमी, राधाष्टमी, गौरा पूर्णिमा और रथ यात्रा इस्कॉन मंदिर बेंगलुरु के प्रमुख त्यौहार हैं।
❀ मंदिर दर्शन के समय सभी आगंतुकों को नि:शुल्क प्रसाद वितरित करता है, जो इसकी सेवा भावना को दर्शाता है।
बेंगलुरु में इस्कॉन मंदिर का आध्यात्मिक महत्व
इस्कॉन बेंगलुरु मात्र एक मंदिर नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक केंद्र है जहाँ विभिन्न पृष्ठभूमियों के लोग भक्तिमय अनुष्ठानों में संलग्न होते हैं, वैदिक दर्शन सीखते हैं और सेवा गतिविधियों में भाग लेते हैं—इन सभी का उद्देश्य आंतरिक शांति और सामुदायिक कल्याण है। परंपरा और आधुनिक कार्यक्रमों का यह अनूठा संगम इसे एक तीर्थस्थल और सांस्कृतिक संवर्धन का केंद्र बनाता है।
बेंगलुरु में इस्कॉन मंदिर कैसे पहुँचें
❀ नम्मा मेट्रो (ग्रीन लाइन) मंदिर तक पहुँचने का सबसे आसान और तेज़ तरीका है। महालक्ष्मी मेट्रो स्टेशन सबसे नज़दीकी है।
❀ यशवंतपुर रेलवे स्टेशन सबसे नज़दीकी है, जो मंदिर से सिर्फ़ 2 से 3 किलोमीटर दूर है।
❀ केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (BLR) मंदिर से लगभग 33-35 किलोमीटर दूर है।
4:15 AM - 8 PM
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