🐚नित्यानन्द त्रयोदशी - Nityananda Trayodashi

Nityananda Trayodashi Date: 14 February 2022
प्रभु नित्यानंद के जन्म दिवस को नित्यानंद त्रयोदसी के नाम से जाना जाता है। यह त्यौहार वसंत ऋतु में होता है।

प्रभु नित्यानंद के जन्म दिवस को नित्यानंद त्रयोदशी के नाम से जाना जाता है। यह त्यौहार वसंत ऋतु में होता है। प्रभु नित्यानंद अपने सभी अवतारों में भगवान विष्णु के साथ ही अवतरित होते हैं। नित्यानंद प्रभु चैतन्य महाप्रभु के प्रथम शिष्य थे, तथा इन्हें निताई भी कहा जाता है।

भगवान कृष्ण के साथ उनके प्रिय भाई बलराम के रूप में, तथा भगवान श्री राम के साथ उनके छोटे भाई लक्ष्मण के रूप में अवतरित हुए हैं। प्रभु नित्यानंद प्राणियों के सबसे अधिक पतितों पर भी दया करने के लिए जाने जाते हैं। भक्त इस दिन दोपहर तक उपवास रखते हैं, तथा उसके उपरांत भोज करते हैं।

नित्यानंद प्रभु का जन्म सन् 1474 के आसपास वर्तमान भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल के एक छोटे से गाँव एकचक्र में हुआ था। उनके पिता श्री हाडाई ओझा एवं माँ पद्मावती मूल रूप से मिथिला के एक पवित्र ब्रह्मण परिवार से थे। नित्यानंद प्रभु का जन्म माघ महीने के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी के दिन हुआ था।

Nityananda Trayodashi in English

The birthday of Bhagwan Nityananda is known as Nityananda Trayodasi. This festival takes place in the spring.

संबंधित जानकारियाँ

भविष्य के त्यौहार
3 February 202322 February 202410 February 202531 January 2026
आवृत्ति
वार्षिक
समय
1 दिन
सुरुआत तिथि
माघ शुक्ला त्रयोदशी
समाप्ति तिथि
माघ शुक्ला त्रयोदशी
महीना
जनवरी / फरवरी
कारण
श्री नित्यानन्द प्रभु आविर्भाव
उत्सव विधि
पूजा, भजन-कीर्तन, कथा।
महत्वपूर्ण जगह
इस्कॉन मंदिर
पिछले त्यौहार
25 February 2021
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