साखी गोपाल मंदिर - Sakhi Gopal Temple

साखीगोपाल मंदिर पुरी ओडिशा में एक हिंदू मंदिर है, जिसके मुख्य देवता भगवान श्री कृष्ण हैं। साखी (साक्षी भी कहा जाता है) (गवाह) जब आप पुरी जगन्नाथ मंदिर जाते हैं तो गोपाल मंदिर को जरुर दर्शन करना चाहिए। मंदिर पुरी से सिर्फ 20 किलोमीटर दूर, पुरी-भुवनेश्वर हाईवे पर स्थित है। खड़े मुद्रा में श्याम सुंदर भगवान श्री कृष्ण और देवी राधा के दर्शन बहुत ही मनमोहक लगते हैं। मंदिर जगन्नाथ मंदिर की शैली में ही बनाया गया है।

यहां भगवान कृष्ण की मूर्ति एक दुर्लभ प्रकार के अविनाशी पत्थर से बनी है जिसे ब्रज कहा जाता है।

पौराणिक कथा:
साखी गोपाल नाम इस किंवदंती से लिया गया है कि भगवान कृष्ण प्रेम संबंध में एक युवा भक्त के विवाह के पक्ष में गवाही देने के लिए गवाह के रूप में आए थे, जिस पर सवाल उठाया जा रहा था।

पौराणिक कथा के अनुसार, गाँव के एक गरीब युवक, जिसे गाँव के मुखिया की बेटी से प्यार हो गया। हालांकि, उच्च आर्थिक स्थिति का होने के कारण, मुखिया ने इस युवक और उसकी बेटी के बीच विवाह का विरोध किया। मुखिया और युवक समेत ग्रामीण काशी की यात्रा पर निकले थे | गाँव का मुखिया बीमार पड़ गया और साथी ग्रामीणों ने उसे छोड़ दिया। युवक ने उसकी इतनी अच्छी देखभाल की कि वह जल्द ही ठीक हो गया और कृतज्ञता में, अपनी बेटी की शादी युवक से करने का वादा किया। जैसे ही वे गाँव लौटे, मुखिया अपने वादे से मुकर गया, युवक से अपने दावे के समर्थन में एक गवाह पेश करने के लिए कहा।

भगवान गोपाल, युवक की भक्ति से प्रभावित होकर, एक शर्त पर वादा करके गवाही देने के लिए सहमत हुए: कि युवक नेतृत्व करे और वह उसका अनुसरण करे, लेकिन युवक को कभी पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। वह रेत के एक टीले से गुजरते हुए गाँव का रास्ता ले गया। जैसे ही वे गुजरे, वह व्यक्ति भगवान के कदमों को नहीं सुन सका और वापस मुड़ गया। तुरंत भगवान मौके पर जड़े पत्थर की मूर्ति में बदल गए। गांव वाले बहुत प्रभावित हुये कि भगवान ने खुद युवक के इस दावे का समर्थन किया फिर युवकों की शादी कर दी गई है; बाद में उन्हें भगवान गोपाल के सम्मान में बने मंदिर के पहले पुजारी के रूप में नियुक्त किया गया, जो साक्षी के रूप में आए (संस्कृत में साक्षी के रूप में जाना जाता है)।

प्रसाद: सखीगोपाल मंदिर में चावल की जगह गेहूं से प्रसाद बनाया जाता है। यह दुनिया भर के विष्णु मंदिरों में असाधारण चीजों में से एक है।

त्यौहार: आंला नवमी (आंवला नवमी) प्रमुख त्योहार है, राधा पाद दर्शन उत्सव भी उसी दिन आयोजित किया जाता है। कार्तिक के महीने में वार्षिक राधा पद दर्शन के लिए हजारों भक्त मंदिर में आते हैं।

प्रचलित नाम: साक्षी-गोपाल मंदिर

समय - Timings

दर्शन समय
5:00 AM - 9:00 PM
त्यौहार
Amla Navami, Jagannath Rathyatra, Janmashtami, Kartik Purnima, Ram Navami | यह भी जानें: Shivaratri

Sakhi Gopal Temple in English

Sakhigopal is a Hindu temple in Puri Odisha, the main deity is Bhagwan Shri Krishna.

जानकारियां - Information

बुनियादी सेवाएं
Prasad, Prasad Shop, Sitting Benches, Shoe Store, Washroom, Drinking Water, Music System, Parking, ATM
समर्पित
भगवान श्री कृष्ण
वास्तुकला
कलिंग बौद्ध वास्तुकला
फोटोग्राफी
हाँ जी (मंदिर के अंदर तस्वीर लेना अ-नैतिक है जबकि कोई पूजा करने में व्यस्त है! कृपया मंदिर के नियमों और सुझावों का भी पालन करें।)
नि:शुल्क प्रवेश
हाँ जी

वीडियो - Video Gallery

कैसे पहुचें - How To Reach

पता 📧
Sakhigopal Puri Odisha
सड़क/मार्ग 🚗
Bhubaneswar - Puri HwyOdisha >> Sakhigopal Temple Road
रेलवे 🚉
Sakhi Gopal Railway Station
हवा मार्ग ✈
Biju Patnaik International Airport
नदी ⛵
Bhagabi
निर्देशांक 🌐
19.948397°N, 85.809132°E
साखी गोपाल मंदिर गूगल के मानचित्र पर
http://www.bhaktibharat.com/mandir/sakhi-gopal-mandir

अगला मंदिर दर्शन - Next Darshan

अपने विचार यहाँ लिखें - Write Your Comment

अगर आपको यह मंदिर पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

इस मंदिर को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

श्री खाटू श्याम जी आरती

ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे। खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥

ॐ जय जगदीश हरे आरती

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

श्री हनुमान जी आरती

मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं,बुद्धिमतां वरिष्ठम्॥ आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥..

Download BhaktiBharat App