Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

ईश्वर से सम्पर्क करने का नम्बर - प्रेरक कहानी (Number To Contact GOD)


Add To Favorites Change Font Size
एक पुजारी और नाई दोनों मित्र थे। एक बार नाई पुजारी से कहता है - ईश्वर ऐसा क्यों करता है? वैसा क्यों करता है? यहाँ बाढ़ आ गई, वहाँ सूखा हो गया, यहाँ दुर्घटना हुई, यहाँ भुखमरी चल रही है, नौकरी नहीं मिल रही। हमेशा ही लोगों को ऐसी बहुत सारी परेशानियां देता रहता है।
उस पुजारी ने उसे एक आदमी से मिलाया जो भिखारी था, बाल बहुत बड़े थे, दाढ़ी भी बहुत बड़ी थी।
उसने नाईं को कहा- देखो इस इंसान को, जिसके बाल बड़े-बड़े हैं, दाढ़ी भी बहुत बढ़ गयी है। तुम नाई हो, तुम्हारे होते हुए ऐसा क्यों है?

नाई बोला- अरे उसने मेरे से संपर्क ही नहीं किया।
पुजारी ने कहा- यही तो बात है जो लोग ईश्वर से संपर्क करते हैं, उनका दुःख हमेशा के लिए खत्म हो जाता है। और जो लोग संपर्क ही नहीं करते वे दुःखी रहते हैं, और कहते हैं कि हम दुःखी हैं। जो संपर्क करेगा, वही तो दुःख से मुक्ति पायेगा।

ईश्वर से सम्पर्क करने का नम्बर कुछ ऐसे है। प्रतिदिन इस नंबर को डायल करें
अहम् से शून्य होजाओ, शून्यता में चले जाओ, अपने-आप को भी शून्य में मिला दो।
000 000 0000
यह भी जानें

Prerak-kahani Pujari Prerak-kahaniNai Prerak-kahaniBarbar Prerak-kahaniLogical Prerak-kahaniGOD Contact Number Prerak-kahaniBhagwan Ka Mobile No Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Prerak-kahani ›

अपनी शिक्षाओं की बोली ना लगने दें - प्रेरक कहानी

एक नगर में रहने वाले एक पंडित जी की ख्याति दूर-दूर तक थी। पास ही के गाँव में स्थित मंदिर के पुजारी का आकस्मिक निधन होने की वजह से...

भक्त का भाव ही प्रभुको प्रिय है - प्रेरक कहानी

बनारस में उस समय कथावाचक व्यास डोगरे जी का जमाना था। बनारस का वणिक समाज उनका बहुत सम्मान करता था। वो चलते थे तो एक काफिला साथ चलता था।

श्री राम नाम जाप महिमा

अगर तुम तीन बार राम नाम का जाप करते हो तो यह सम्पूर्ण विष्णु सहस्त्रनाम या १००० बार ईश्वर के नाम का जाप करने के बराबर है।

इन्द्रियों के भोग से कैसे जीव का नाश हो सकता है

परमात्मा द्वारा जीव को पांच ज्ञानेन्द्रियां प्रदान की गई हैं। श्रवण, त्वक,चक्षु, जिह्वा और घ्राणेन्द्रिय।इनके क्रमशः शब्द,स्पर्श, रूप, रस और गंध विषय हैं।

महिमा राम नाम की - प्रेरक कहानी

राम राम कहने जैसे छोटे काम की वजह से आज उसकी जान बच गई। राम कहने से तर जाओगे..

शुद्ध भावनाओं से ईश्वर और सुंदर भविष्य पक्का है - प्रेरक कहानी

एक मन्दिर था, उसमें सभी लोग पगार पर थे। आरती वाला, पूजा कराने वाला आदमी, घण्टा बजाने वाला भी पगार पर था...

बाबा आप सही कह रहे हैं, भगवान हैं - प्रेरक कहानी

एक मेजर के नेतृत्व में 15 जवानों की एक टुकड़ी हिमालय के अपने रास्ते पर थी। बेहताशा ठण्ड में मेजर ने सोचा की अगर उन्हें यहाँ एक कप चाय मिल जाती तो आगे बढ़ने की ताकत आ जाती।

Shiv Bhajan - Shiv Bhajan
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP