Download Bhakti Bharat APPHanuman Chalisa

जब तक दुख नहीं मिलते, प्रभु की याद नहीं आती: प्रेरक कहानी (Jab Tak Dukh Nahin Milate Prabhu Ki Yad Nahin Aati)


जब तक दुख नहीं मिलते, प्रभु की याद नहीं आती: प्रेरक कहानी
Add To Favorites

एक दिन किसी निर्माण के दौरान भवन की छटी मंजिल से सुपर वाईजर ने नीचे कार्य करने वाले मजदूर को आवाज दी।

निर्माण कार्य की तेज आवाज के कारण नीचे काम करने वाला मजदूर कुछ समझ नहीं सका की उसका सुपरवाईजर उसे आवाज दे रहा है।

फिर सुपरवाईजर ने उसका ध्यान आकर्षित करने के लिए एक १० रु का नोट नीचे फैंका, जो ठीक मजदूर के सामने जा कर गिरा।

मजदूर ने नोट उठाया और अपनी जेब मे रख लिया, और फिर अपने काम मे लग गया ।

अब उसका ध्यान खींचने के लिए सुपर वाईजर ने पुन: एक ५०० रु का नोट नीचे फैंका

उस मजदूर ने फिर वही किया और नोट जेब मे रख कर अपने काम मे लग गया।

ये देख अब सुपर वाईजर ने एक छोटा सा पत्थर का टुकड़ा लिया और मजदूर के उपर फैंका जो सीधा मजदूर के सिर पर लगा।

अब मजदूर ने ऊपर देखा और उसकी सुपर वाईजर से बात चालू हो गयी।

ये वैसा ही है जो हमारी जिन्दगी मे होता है।

भगवान् हमसे संपर्क करना, मिलना चाहता है, लेकिन हम दुनियादारी के कामो मे व्यस्त रहते है, अत: भगवान् को याद नहीं करते।

भगवान् हमें छोटी छोटी खुशियों के रूप मे उपहार देता रहता है, लेकिन हम उसे याद नहीं करते, और वो खुशियां और उपहार कहाँ से आये ये ना देखते हुए, उनका उपयोग कर लेते है, और भगवान् को याद नहीं करते।

भगवान् हमें और भी खुशियों रूपी उपहार भेजता है, लेकिन उसे भी हम हमारा भाग्य समझ कर रख लेते है, भगवान् का धन्यवाद नहीं करते, उसे भूल जाते है।

तब भगवान् हम पर एक छोटा सा पत्थर फैंकते है, जिसे हम कठिनाई कहते है, और तुरंत उसके निराकरण के लिए भगवान् की और देखते है, याद करते है।

यही जिन्दगी मे हो रहा है यदि हम हमारी छोटी से छोटी ख़ुशी भी भगवान् के साथ उसका धन्यवाद देते हुए बाँटें, तो हमें भगवान् के द्वारा फैंके हुए पत्थर का इन्तजार ही नहीं करना पड़ेगा।

यह भी जानें

Prerak-kahani Dukh Prerak-kahaniPrabhu Prerak-kahaniThekedar Prerak-kahaniMajdoor Prerak-kahaniSupervisor Prerak-kahaniPrabhu Kripa Prerak-kahaniKhushiyan Prerak-kahaniHappiness Prerak-kahaniThanks GOD Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

प्रेरक कहानी: जीवन में, सब ईश्वर की दया ही है

अमीर सेठ अपने नौकर से तो बहुत खुश था, लेकिन जब भी कोई कटु अनुभव होता तो वह भगवान को अनाप शनाप कहता और बहुत कोसता था..

भगवान अपने बच्चों को वही देंगे, जो उत्तम होगा

एक बार घोषणा हुई कि भगवान सेब बॉटने आ रहे है। सभी लोग भगवान के प्रसाद के लिए तैयार हो कर लाइन लगा कर खड़े, एक छोटी बच्ची बहुत उत्सुक थी

अच्छे को अच्छे एवं बुरे को बुरे लोग मिलते हैं: प्रेरक कहानी

गुरु जी गंभीरता से बोले, शिष्यों आमतौर पर हम चीजों को वैसे नहीं दखते जैसी वे हैं, बल्कि उन्हें हम ऐसे देखते हैं जैसे कि हम खुद हैं।...

प्रेरक कहानी: जो मुझ से प्रेम रखता है, जो सर्व-शक्तिशाली है

मैंने श्राप कभी नहीं दीया, लेकिन कोई है जो मुझ से प्रेम रखता है! और वह इतना शक्तिशाली है कि दुनिया का बड़े से बड़ा राजा भी उसकी लाठी से डरता है...

हर समस्या का कोई हल होता है: प्रेरक कहानी

परेशानी के भंवर मे अपने को फंसा पाओ, कोई प्रकाश की किरण नजर ना आ रही हो, हर तरफ निराशा और हताशा हो तब तुम इस ताबीज को खोल कर इसमें रखे कागज़ को पढ़ना, उससे पहले नहीं!

प्रेरक कहानी: अपने रूप, रंग या गुण पर घमंड ना करें।

एक समय की बात है एक बार दांत और जीभ में भयंकर युध्द छिड़ गया।
दांत ने जीभ से कहा: अरे! तुम सिर्फ माँस के लोथड़े हो।...

प्रेरक कहानी: जो आपका नहीं, उसके लिए दुख क्यों?

एक आदमी सागर के किनारे टहल रहा था। एकाएक उसकी नजर चांदी की एक छड़ी पर पड़ी, जो बहती-बहती किनारे आ लगी थी। वह खुश हुआ और झटपट छड़ी उठा ली। अब वह छड़ी लेकर टहलने लगा।...

Hanuman ChalisaSavan 2022
Subscribe BhaktiBharat YouTube Channel
Download BhaktiBharat App