गणेशोत्सव - Ganeshotsav
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

क्या ईश्वर में सम्पूर्ण विश्वास है - प्रेरक कहानी (Kya Eshwar Me Poorn Vishwash Hai)


Add To Favorites Change Font Size
एक बार, दो बहुमंजिली इमारतों के बीच, बंधी हुई एक तार पर लंबा सा बाँस पकड़े, एक कलाकार चल रहा था। उसने अपने कन्धे पर अपना बेटा बैठा रखा था। सैंकड़ों लोग दिल साधे देख रहे थे। सधे कदमों से, तेज हवा से जूझते हुए, अपनी और अपने बेटे की ज़िंदगी दाँव पर लगाकर, उस कलाकार ने दूरी पूरी कर ही ली।
भीड़ आह्लाद से उछल पड़ी, तालियाँ, सीटियाँ बजने लगी। लोग उस कलाकार की फोटो खींच रहे थे, उसके साथ सेल्फी ले रहे थे। उससे हाथ मिला रहे थे। वो कलाकार माइक पर आया, भीड़ को बोला, क्या आपको विश्वास है कि मैं यह दोबारा भी कर सकता हूँ?

भीड़ चिल्लाई - हाँ हाँ, तुम कर सकते हो।
उसने पूछा - क्या आपको विश्वास है
भीड़ चिल्लाई - हाँ पूरा विश्वास है, हम तो शर्त भी लगा सकते हैं कि तुम सफलता पूर्वक इसे दोहरा भी सकते हो।

कलाकार बोला - पूरा पूरा विश्वास है ना।
भीड़ बोली - हाँ हाँ
कलाकार बोला - ठीक है, कोई मुझे अपना बच्चा दे दे, मैं उसे अपने कंधे पर बैठा कर रस्सी पर चलूँगा।

फिर एक दम खामोशी, शांति, चुप्पी सी फैल गयी।
कलाकार बोला - डर गए? अभी तो आपको विश्वास था कि मैं कर सकता हूँ। असल में आपका यह मुझ पर विश्वास है, परंतु मुझपे दृढ़-विश्वास नहीं है। दोनों विश्वासों में फर्क है साहेब!

यही कहना है, ईश्वर हैं! ये तो विश्वास है! परन्तु ईश्वर में सम्पूर्ण विश्वास नहीं है। क्या ईश्वर में सम्पूर्ण विश्वास है?
अगर ईश्वर में पूर्ण विश्वास है तो चिंता, क्रोध और तनाव क्यों?
यह भी जानें

Prerak-kahani Syrcus Prerak-kahaniKalakar Prerak-kahaniTrust Prerak-kahaniVishwas Prerak-kahani

अगर आपको यह prerak-kahani पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस prerak-kahani को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

Latest Prerak-kahani ›

राधा रानी भक्त गुलाब सखी - सत्य कथा

श्री बरसाने में प्रेम सरोवर के मार्ग पर एक समाधी बनी हुई है। जिसे हर कोई गुलाब सखी (Gulab Sakhi) के चबूतरे के नाम से जानते है। एक भक्त का नाम गुलाब खान(Gulab Khan) था।

सनातन गोस्वामी का नियम - प्रेरक कहानी

गिरि गोवर्द्धन की नित्य परिक्रमा करना, अब उनकी अवस्था 90 वर्ष की हो गयी थी, नियम पालन मुश्किल हो गया था फिर भी वे किसी प्रकार निबाहे जा रहे थे।..

गुरू की बात को गिरिधारी भी नही टाल सकते - प्रेरक कहानी

उन्होंने मेरे शब्दो का मान रखते हुए मेरे शिष्य पर अपनी सारी कृपा उडेल दी। इसलिए कहते है गुरू की बात को गिरिधारी भी नही टाल सकते।

श्री राधा नाम की कीमत - प्रेरक कहानी

एक बार एक व्यक्ति था। वह एक संत जी के पास गया। और कहता है कि संत जी, मेरा एक बेटा है। वो न तो पूजा पाठ करता है और न ही भगवान का नाम लेता है।

एक ही घड़ी मुहूर्त में जन्म, कर्म अलग-अलग क्यों? - प्रेरक कहानी

बालक ने कहा - इस प्रकार हे राजन! उस घटना के आधार पर हम अपना भोग, भोग रहे हैं, धरती पर एक समय में अनेकों फूल खिलते हैं, किन्तु सबके फल रूप, गुण, आकार-प्रकार, स्वाद में भिन्न होते हैं।

आत्मविश्वास ना खोएं, ऊँचाइयाँ पाओगे - प्रेरक कहानी

एक बार एक युवक को संघर्ष करते-करते कई वर्ष हो गए लेकिन उसे सफलता नहीं मिली।...

श्री गणेश एवं बुढ़िया माई की कहानी

एक बुढ़िया माई थी। मिट्टी के गणेश जी की पूजा करती थी। रोज बनाए रोज गल जाए। एक सेठ का मकान बन रहा था..

Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Bhakti Bharat APP