जय देवी जय देवी तुळजा अंबाई । चंड मुंड वधुनिया महिषासुर वधुनिया । ठेविलासे तुझे पायी ॥
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शंकराची आरती – जय जय त्र्यंबकराज
जय जय त्र्यंबकराज गिरिजानाथा गंगाधरा हो ॥ त्रिशूलपाणी शंभो नीलग्रीवा शशिशेखरा हो ॥ वृषभारूढ फणिभुषण दशभुज पंचानन शंकरा हो ॥ विभूतिमाला जटा सुंदर गजचर्मांबरधरा हो ॥
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जय स्वामीनारायण, जय अक्षरपुरुषोत्तम, अक्षरपुरुषोत्तम जय, दर्शन सर्वोत्तम, जय स्वामीनारायण
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गगन मै थालु रवि चंदु दीपक बने तारिका मंडल जनक मोती ॥ धूपु मल आनलो पवणु चवरो करे सगल बनराइ फूलंत जोती ॥...
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गुरुदेव आरती - श्री नंगली निवासी सतगुरु
आरती श्री गुरुदेव जी की गाऊँ । बार-बार चरणन सिर नाऊँ ॥ त्रिभुवन महिमा गुरु जी की भारी ।
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ॐ जय कलाधारी हरे, स्वामी जय पौणाहारी हरे, भक्त जनों की नैया, दस जनों की नैया, भव से पार करे...
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अथ ध्यानं प्रवक्ष्यामि श्रृणुसर्वाङ्गसुन्दरि । यत्कृतं देवदेवेन ध्यानं हनुमतः प्रियम् ॥ 1॥
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आरती (Aarti, Arti, arati) is a special love, benevolence and gratitude songs which is the part of puja ritual with ghee or oil deepak (lamp). , divine elements or Guru (spiritual teacher). Bhakti Bharat updates you 71+ aarti lyrics.