आरती

आरती (Aarti, Arti, arati) is a special love, benevolence and gratitude songs which is the part of puja ritual with ghee or oil deepak (lamp). Aarti is performed for God, divine elements or Guru (spiritual teacher). Bhakti Bharat updates you 71+ aarti lyrics.

मां नर्मदाजी आरती

ॐ जय जगदानन्दी, मैया जय आनंद कन्दी। ब्रह्मा हरिहर शंकर, रेवा शिव हर‍ि शंकर, रुद्रौ पालन्ती।

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श्री सत्यनारायण जी आरती

जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा। सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा॥

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रघुवर श्री रामचन्द्र जी आरती

आरती कीजै श्री रघुवर जी की, सत चित आनन्द शिव सुन्दर की॥

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श्री जगन्नाथ संध्या आरती

अनंत रूप अन्नांत नाम, आधी मूला नारायाणा

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श्री जग्गनाथ आरती - चतुर्भुज जगन्नाथ

चतुर्भुज जगन्नाथ, कंठ शोभित कौसतुभः ॥ पद्मनाभ, बेडगरवहस्य, चन्द्र सूरज्या बिलोचनः

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विन्ध्येश्वरी आरती: सुन मेरी देवी पर्वतवासनी

स्तुति श्री हिंगलाज माता और श्री विंध्येश्वरी माता सुन मेरी देवी पर्वतवासनी...

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आरती: श्री शनिदेव - जय जय श्री शनिदेव

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी। सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी॥जय जय..॥

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जगन्नाथ मंगल आरती

आरती श्री जगन्नाथ, आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी, आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी

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श्री भैरव देव जी आरती

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा, जय काली और गौर देवी कृत सेवा॥

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श्री ललिता माता की आरती

श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी । राजेश्वरी जय नमो नमः ॥ करुणामयी सकल अघ हारिणी..

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