जय श्री विश्वकर्मा प्रभु, जय श्री विश्वकर्मा। सकल सृष्टि के करता, रक्षक स्तुति धर्मा॥
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आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन - भोग आरती
आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन, भिलनी के बैर सुदामा के तंडुल, रूचि रूचि भोग लगाओ प्यारे मोहन…
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श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं - आरती
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं, हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं । आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं, श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं ।..
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आरती बाल कृष्ण की कीजै, अपना जन्म सफल कर लीजै। श्री यशोदा का परम दुलारा...
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ॐ जय हिंगलाज माता, मैया जय हिंगलाज माता । जो नर तुमको ध्याता, वांछित फल पाता ॥ ॐ जय हिंगलाज माता…
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श्री जगन्नाथ आरती - चतुर्भुज जगन्नाथ
चतुर्भुज जगन्नाथ, कंठ शोभित कौसतुभः ॥ पद्मनाभ, बेडगरवहस्य, चन्द्र सूरज्या बिलोचनः
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जय श्री देव हरे, स्वामी जय श्री देव हरे । जनम जनम के पातक, क्षण में दूर करे ॥
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जय देवी जय देवी तुळजा अंबाई । चंड मुंड वधुनिया महिषासुर वधुनिया । ठेविलासे तुझे पायी ॥
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आरती (Aarti, Arti, arati) is a special love, benevolence and gratitude songs which is the part of puja ritual with ghee or oil deepak (lamp). , divine elements or Guru (spiritual teacher). Bhakti Bharat updates you 71+ aarti lyrics.