नवरात्रि विशेष 2026 - Navratri Specials 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

बगलामुखी माता आरती (Bagalamukhi Mata Aarti)


बगलामुखी माता आरती
श्री बगलामुखी माता जी की आरती
जय जय श्री बगलामुखी माता,
आरति करहुँ तुम्हारी ।
पीत वसन तन पर तव सोहै,
कुण्डल की छबि न्यारी ॥
कर-कमलों में मुद्गर धारै,
अस्तुति करहिं सकल नर-नारी ॥
जय जय श्री बगलामुखी माता..

चम्पक माल गले लहरावे,
सुर नर मुनि जय जयति उचारी ॥
त्रिविध ताप मिटि जात सकल सब,
भक्ति सदा तव है सुखकारी॥
जय जय श्री बगलामुखी माता..

पालत हरत सृजत तुम जग को,
सब जीवन की हो रखवारी ॥
मोह निशा में भ्रमत सकल जन,
करहु हृदय महँ, तुम उजियारी ॥
जय जय श्री बगलामुखी माता..

तिमिर नशावहु ज्ञान बढ़ावहु,
अम्बे तुमही हो असुरारी ॥
सन्तन को सुख देत सदा ही,
सब जन की तुम प्राण पियारी॥
जय जय श्री बगलामुखी माता..

तव चरणन जो ध्यान लगावै,
ताको हो सब भव-भयहारी ॥
प्रेम सहित जो करहिं आरती,
ते नर मोक्षधाम अधिकारी ॥
जय जय श्री बगलामुखी माता..

॥ दोहा ॥
बगलामुखी की आरती,
पढ़ै सुनै जो कोय ।
विनती कुलपति मिश्र की,
सुख-सम्पति सब होय ॥

Bagalamukhi Mata Aarti in English

Shree Bagalamukhi Mata Jee Ki Aarati, Jay Jay Shri Bagalaamukhi Mata, Aarati Karahun Tumhaari ।
यह भी जानें

Aarti Baglamukhi AartiMaa Baglamukhi AartiGupt Navratri AartiNavratri AartiDurga Puja AartiBaglamukhi Jayanti AartiPitambara Aarti

अगर आपको यह आरती पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस आरती को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

आरती ›

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी - आरती

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी, तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥

खाटू श्याम आरती

ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे। खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली: माँ दुर्गा, माँ काली आरती

अम्बे तू है जगदम्बे काली जय दुर्गे खप्पर वाली। तेरे ही गुण गाये भारती...

श्री राम स्तुति

Ram Stuti Lyrics in Hindi and English - श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं। नव कंज लोचन कंज मुख...

ॐ जय जगदीश हरे आरती

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

श्री सूर्य देव - ऊँ जय कश्यप नन्दन

ऊँ जय कश्यप नन्दन, प्रभु जय अदिति नन्दन। त्रिभुवन तिमिर निकंदन, भक्त हृदय चन्दन॥

आरती: श्री शनिदेव - जय जय श्री शनिदेव

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी। सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी॥जय जय..॥

Aditya Hridaya Stotra - Aditya Hridaya Stotra
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP