शंकराची आरती – जय जय त्र्यंबकराजजय जय त्र्यंबकराज गिरिजानाथा गंगाधरा हो ॥ त्रिशूलपाणी शंभो नीलग्रीवा शशिशेखरा हो ॥ वृषभारूढ फणिभुषण दशभुज पंचानन शंकरा हो ॥ विभूतिमाला जटा सुंदर गजचर्मांबरधरा हो ॥
ॐ जय जगदीश हरे आरतीॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥
श्री गणेश आरतीजय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥...
खाटू श्याम आरतीॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे। खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥
श्री राम स्तुतिRam Stuti Lyrics in Hindi and English - श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं। नव कंज लोचन कंज मुख...