चली जा रही है उमर धीरे धीरे - भजन (Chali Ja Rahi Hai Umar Dheere Dheere)


चली जा रही है उमर धीरे धीरे,
पल पल यूँ आठों पहर धीरे धीरे,
चली जा रही हैं उमर धीरे धीरे,
जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे,
मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥
बचपन भी जाए जवानी भी जाए,
बुढ़ापे का होगा असर धीरे धीरे,
मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥
चली जा रही है उमर धीरे धीरे,
पल पल यू आठौँ पहर धीरे धीरे ॥

तेरे हाथ पावों में बल ना रहेगा,
झुकेगी तुम्हारी कमर धीरे धीरे,
मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥
चली जा रही है उमर धीरे धीरे,
पल पल यू आठौँ पहर धीरे धीरे ॥

शिथिल अंग होंगे एक दिन तुम्हारे,
फिर मंद होगी नज़र धीरे धीरे,
मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥
चली जा रही है उमर धीरे धीरे,
पल पल यू आठौँ पहर धीरे धीरे ॥

बुराई से मन को अपने हटाले,
सुधर जाए तेरा जीवन धीरे धीरे,
मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥
चली जा रही है उमर धीरे धीरे,
पल पल यू आठौँ पहर धीरे धीरे ॥

चली जा रही है उमर धीरे धीरे,
पल पल यूँ आठों पहर धीरे धीरे,
चली जा रही हैं उमर धीरे धीरे,
जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे,
मिल जाएगा वो सजन धीरे धीरे ॥
Chali Ja Rahi Hai Umar Dheere Dheere - Read in English
Chali Ja Rahi Hain Umar Dhire Dhire, Pal Pal Yoo Aathaun Pahar Dhire Dhire, Bachapan Bhee Jae Javani Bhi Jae..
Bhajan Prabhu BhajanVedic BhajanVed BhajanSchool BhajanCollage BhajanArya Samaj BhajanInspirational BhajanMorning BhajanDainik BhajanDaily BhajanDevendra Pathak Bhajan

अन्य प्रसिद्ध चली जा रही है उमर धीरे धीरे - भजन वीडियो

Shri Prem Bhushan Ji

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

जय जय शनि देव महाराज - भजन

जय जय शनि देव महाराज, जन के संकट हरने वाले। तुम सूर्य पुत्र बलिधारी..

हनुमत जय बजरंगबली: भजन

हनुमत जय बजरंगबली, आपका नाम जपा है जिसने, विपदा उसकी टली, पवनसुत जय बजरंगबली ॥

स्वर्ण पर्वताकार शरीरा श्री हनुमान कहावे: भजन

स्वर्ण पर्वताकार शरीरा श्री हनुमान कहावे, सालासर के स्वर्ण कलश पर लाल ध्वजा लहराये ॥

दरबार सजा तेरा न्यारा, निरखत निरखत मैं हारा: भजन

दरबार सजा तेरा न्यारा, निरखत निरखत मैं हारा ॥

राम भक्त लें चला रे, राम की निशानी - भजन

राम भक्त ले चला रें, राम की निशानी, शीश पर खड़ाऊँ, अखियों में पानी, राम भक्त लें चला रे, राम की निशानी ॥