जय रघुनन्दन, जय सिया राम: भजन (Jai Raghunandan Jai Siya Ram Bhajan)


जय रघुनन्दन, जय सिया राम: भजन

जय रघुनन्दन, जय सिया राम ।
भजमन प्यारे, जय सिया राम ।

जय रघुनन्दन, जय सिया राम ।
भजमन प्यारे, जय सिया राम ।

आदि राम, अनंत है राम ।
सत चित और, अनंत है राम ।
जय रघुनन्दन, जय सिया राम ॥

हनुमान के स्वामी राम ।
दीनन के दुःख हारी राम ।
जय रघुनन्दन, जय सिया राम ॥

मर्यादा पुर्शोतम राम ।
पूरण ब्रम्ह सनातन राम ।
जय रघुनन्दन, जय सिया राम ॥

तुलसी सुत तुलसी के राम ।
करुना कर भक्तों के राम ।
जय रघुनन्दन, जय सिया राम ॥

जय सिया राम जय जय सिया राम

Jai Raghunandan Jai Siya Ram Bhajan in English

Jai Raghunandan, Jai Siya Ram । Bhajman Pyare, Jai Siya Ram ।
यह भी जानें

Bhajan Shri Ram BhajanShri Raghuvar BhajanRam Navmi BhajanSundarkand BhajanRamayan Path BhajanVijayadashami BhajanJagjit Singh Bhajan

अन्य प्रसिद्ध जय रघुनन्दन, जय सिया राम: भजन वीडियो

- Uday Majumdar and Hariharan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

तेरी जय हो गणेश - भजन

तेरी जय हो गणेश, किस जननी ने तुझे जनम दियो है,..

घर में पधारो गजानन जी - भजन

घर में पधारो गजाननजी, मेरे घर में पधारो, ग्रह प्रवेश के समय गाए जाने वाला पॉपुलर श्री गणेश भजन...

रख लाज मेरी गणपति - भजन

रख लाज मेरी गणपति, अपनी शरण में लीजिए । कर आज मंगल गणपति..

नमामि श्री गणराज दयाल: भजन

नमामि श्री गणराज दयाल, करत हो भक्तन का प्रतिपाल...

कदम कदम पर रक्षा करता: भजन

कदम कदम पर रक्षा करता, घर घर करे उजाला उजाला, खाटू वाला खाटू वाला, ओ लीले घोड़े वाला, खाटू वाला खाटू वाला, ओ लीले घोड़े वाला ॥

प्रभु जो तुम्हे हम, बताकर के रोये: भजन

प्रभु जो तुम्हे हम, बताकर के रोये, बताकर के रोये, उसे दिल में कब से, दबा कर के रोये, प्रभु जो तुम्हें हम, बताकर के रोये ॥

चटक मटक चटकीली चाल, और ये घुंघर वाला बाल: भजन

चटक मटक चटकीली चाल, और ये घुंघर वाला बाल, तिरछा मोर मुकट सिर पे, और ये गल बैजंती माल, तेरी सांवरी सुरतिया, पे दिल गई हार, तेरी सांवरी सुरतिया, पे दिल गई हार ॥

Download BhaktiBharat App