Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

जय रघुनन्दन, जय सिया राम: भजन (Jai Raghunandan Jai Siya Ram Bhajan)


जय रघुनन्दन, जय सिया राम: भजन
जय रघुनन्दन, जय सिया राम ।
भजमन प्यारे, जय सिया राम ।
जय रघुनन्दन, जय सिया राम ।
भजमन प्यारे, जय सिया राम ।

आदि राम, अनंत है राम ।
सत चित और, अनंत है राम ।
जय रघुनन्दन, जय सिया राम ॥

हनुमान के स्वामी राम ।
दीनन के दुःख हारी राम ।
जय रघुनन्दन, जय सिया राम ॥

मर्यादा पुर्शोतम राम ।
पूरण ब्रम्ह सनातन राम ।
जय रघुनन्दन, जय सिया राम ॥

तुलसी सुत तुलसी के राम ।
करुना कर भक्तों के राम ।
जय रघुनन्दन, जय सिया राम ॥

जय सिया राम जय जय सिया राम

Jai Raghunandan Jai Siya Ram Bhajan in English

Jai Raghunandan, Jai Siya Ram । Bhajman Pyare, Jai Siya Ram ।
यह भी जानें

Bhajan Shri Ram BhajanShri Raghuvar BhajanRam Navmi BhajanSundarkand BhajanRamayan Path BhajanVijayadashami BhajanJagjit Singh Bhajan

अन्य प्रसिद्ध जय रघुनन्दन, जय सिया राम: भजन वीडियो

- Uday Majumdar and Hariharan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

श्री हनुमान बाहुक

असहनीय कष्टों से हताश होकर अन्त में उसकी निवृत्ति के लिये गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमानजी की वन्दना आरम्भ की जो कि ४४ पद्यों के हनुमानबाहुक प्रसिद्ध स्तोत्र लिखा।

अमृत की बरसे बदरीया - भजन

अमृत की बरसे बदरीया, बाबा की दुअरिया, अमृत की बरसें बदरीया, बाबा की दुअरिया ॥

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी - भजन

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी, अँखियाँ प्यासी रे । मन मंदिर की जोत जगा दो..

हार गया हूँ बाबा, अब तो आके थाम रे: भजन

हार गया हूँ बाबा, अब तो आके थाम रे, सुन सांवरे हारे का सहारा, तेरा नाम रे ॥

भजन: हरि जी! मेरी लागी लगन मत तोडना..

हरि जी! मेरी लागी लगन मत तोडना, लागी लगन मत तोडना, प्यारे लागी लगन मत तोडना...

सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ

सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ ।..

एक हरि को छोड़ किसी की चलती नहीं है मनमानी - भजन

एक हरि को छोड़ किसी की, चलती नहीं है मनमानी, चलती नही है मनमानी......

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP