मेरी लगती न हरि बिन अंखियां - भजन (Meri Lagti Na Hari Bin Ankhiya)


मेरी लगती न हरि बिन अंखियां,
हे मेरी लगती न हरि बिन अंखियां।
अंखियां, हे री सखी अंखियां,
हे मेरी लगती न हरि बिन अंखियां।

मैं भी रंगाई संग हरि भी रंगाया,
मैं भी रंगाई संग हरि भी रंगाया।

और रंगाई सारी सखियां,
सखी री लगती न हरि बिन अंखियां।
हे मेरी लगती न हरि बिन अंखियां।

मैं भी जगाई संग हरि भी जगाया,
मैं भी जगाई संग हरि भी जगाया।
और जगाई सारी सखियां,
सखी री लगती न हरि बिन अंखियां।
हे मेरी लगती न हरि बिन अंखियां।

ज्ञान का दीपक मेरे श्याम जलाया,
श्याम ने जलाया, मेरे श्याम ने जलाया।
घोर अंधेरा काटणिया,
मेरी लगती न हरि बिन अंखियां।
हे मेरी लगती न हरि बिन अंखियां।

अंखियां, हे री सखी अंखियां,
हे मेरी लगती न हरि बिन अंखियां।
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