Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

मेरे उठे विरह में पीर - भजन (Mere Uthe Virah Me Pir)


मेरे उठे विरह में पीर - भजन
मेरे उठे विरह में पीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी ॥
श्लोक
सब द्वारन को छोड़ के,
श्यामा आई तेरे द्वार,
श्री वृषभान की लाड़ली,
मेरी और निहार ॥

मेरे उठे विरह में पीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी,
मुरली बाजे यमुना तीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी ॥

श्याम सलोनी सूरत पे,
दीवानी हो गई,
अब कैसे धारू धीर सखी,
सखी वृन्दावन जाउंगी ॥

छोड़ दिया मेने भोजन पानी,
श्याम की याद में,
मेरे नैनन बरसे नीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी ॥

इस दुनिया के रिश्ते नाते,
सब ही तोड़ दिए,
तुझे कैसे दिखाऊं दिल चिर,
सखी वृन्दावन जाउंगी ॥

नैन लड़े मेरे गिरधारी से,
बावरी हो गई,
दुनिया से हो गई अंजानी,
सखी वृन्दावन जाउंगी ॥

मेरे उठे विरह में पीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी,
मुरली बाजे यमुना तीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी ॥

Mere Uthe Virah Me Pir in English

Mere Uthe Virah Me Pir, Sakhi Brundaban Jaungi, Murali Baje Yamuna Tir, Sakhi Brundaban Jaungi ॥
यह भी जानें

Bhajan Shri Krishna BhajanBrij BhajanBaal Krishna BhajanBhagwat BhajanJanmashtami BhajanLaddu Gopal BhajanRadhashtami BhajanIskcon Bhajan

अन्य प्रसिद्ध मेरे उठे विरह में पीर - भजन वीडियो

वृन्दावन जाऊँगी सखी - Riya Brijwasi

Devi Neha Saraswat Bhajan - वृन्दावन जाऊँगी सखी

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे - भजन

जगन्‍नाथ चक्‍का नैन नीलाचल वारे, जगन्नाथ, जगन्नाथ, चका नैन, चका नैन

मुझे अपना बनालों - भजन

बिगडी मेरी बात बनादों, डूबति नैय्या पार लगादों, अपने दर पे मुझको बुलालो, बाबा मेरे, हो मुझे अपना बनालों..

भगवन सब कमाल हैं प्यारे - भजन

भगवन सब कमाल हैं प्यारे, तेरी मेरी ढाल है प्यारे, भगवन सब कमाल हैं प्यारे, तेरी मेरी ढाल है प्यारे

तुम्हे हर घडी माँ प्यार करेगी - भजन

तुम्हे हर घडी माँ प्यार करेगी, जरा माँ के दर पे तुम आकर के देखो, झुलाएगी पलकों के झूले में तुझको, बस एक बार माँ तुम बुला करके देखो, तुम्हे हर घडी माँ प्यार करेगी, जरा माँ के दर पे तुम आकर के देखो ॥

अपने चरणों का सेवक, बना लो: भजन

हमें अपने गले से लगा लो माँ, अपने चरणों का सेवक, बना लो माँ ॥

दादी के दरबार की, महिमा अपरम्पार: भजन

दादी के दरबार की, महिमा अपरम्पार, हरपल भक्तों के ऊपर, माँ बरसे तेरा प्यार, दादी कें दरबार की, महिमा अपरम्पार ॥

मेरी माँ के बराबर कोई नहीं: भजन

तेरी ममता से जो गहरा हो, ऐसा तो सागर कोई नहीं, मेरी माँ के बराबर कोई नहीं..

Durga Chalisa - Durga Chalisa
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP