Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

मेरे उठे विरह में पीर - भजन (Mere Uthe Virah Me Pir)


मेरे उठे विरह में पीर - भजन
मेरे उठे विरह में पीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी ॥
श्लोक
सब द्वारन को छोड़ के,
श्यामा आई तेरे द्वार,
श्री वृषभान की लाड़ली,
मेरी और निहार ॥

मेरे उठे विरह में पीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी,
मुरली बाजे यमुना तीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी ॥

श्याम सलोनी सूरत पे,
दीवानी हो गई,
अब कैसे धारू धीर सखी,
सखी वृन्दावन जाउंगी ॥

छोड़ दिया मेने भोजन पानी,
श्याम की याद में,
मेरे नैनन बरसे नीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी ॥

इस दुनिया के रिश्ते नाते,
सब ही तोड़ दिए,
तुझे कैसे दिखाऊं दिल चिर,
सखी वृन्दावन जाउंगी ॥

नैन लड़े मेरे गिरधारी से,
बावरी हो गई,
दुनिया से हो गई अंजानी,
सखी वृन्दावन जाउंगी ॥

मेरे उठे विरह में पीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी,
मुरली बाजे यमुना तीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी ॥

Mere Uthe Virah Me Pir in English

Mere Uthe Virah Me Pir, Sakhi Brundaban Jaungi, Murali Baje Yamuna Tir, Sakhi Brundaban Jaungi ॥
यह भी जानें

Bhajan Shri Krishna BhajanBrij BhajanBaal Krishna BhajanBhagwat BhajanJanmashtami BhajanLaddu Gopal BhajanRadhashtami BhajanIskcon Bhajan

अन्य प्रसिद्ध मेरे उठे विरह में पीर - भजन वीडियो

वृन्दावन जाऊँगी सखी - Riya Brijwasi

Devi Neha Saraswat Bhajan - वृन्दावन जाऊँगी सखी

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

ऊँचे पर्वत गुफा न्यारी जहाँ मां भवन बना बैठी: भजन

ऊँचे, पर्वत, गुफा न्यारी, जहाँ मां, भवन बना बैठी ॥

बोलो जय जयकारे: भजन

ऊँचे ऊँचे भवनों बैठी रुप अनेकों धारे, चरण चाकरी कर लो भैया, हो जाए वारे न्यारे, बोलो जय जयकारे, माँ के बोलो जय जयकारे ॥

तेरा दरबार हमनें सजाया है माँ: भजन

तेरा दरबार हमनें सजाया है माँ, तुमको बुलाया है माँ, ये बता दो बता दो, ये बता दो पूजा में कोई, कमी तो नही कमी तो नही, तेरा दरबार हमनें सजाया है माँ ॥

इस धरती पर स्वर्ग से सुन्दर, है तेरा दरबार: भजन

इस धरती पर स्वर्ग से सुन्दर, है तेरा दरबार, हम पर रहे बरसता यूँ ही, सदा तुम्हारा प्यार, तुम्हारा प्यार ना रूठे, तेरा दरबार ना छूटे,
माँ तुम्हारा प्यार ना रूठे, मेरा परिवार ना टूटे ॥

अम्बे चरण कमल है तेरे - भजन

अम्बे चरण कमल है तेरे, हम भौंरें हैं जनम जनम के, निसदिन देते फेरे

माता के भजन

नवरात्रि, माता की चौकी, देवी जागरण, अष्टमी तथा शुक्रवार को गाए जाने वाले प्रसिद्ध माता के भजन..

शंभु, पैयाँ पड़ूँ - शिव भजन

शंभु, पैयाँ पड़ूँ, तोहे बिनती करूँ,कृपा कीजो। दया करके शिव, दर्शन दीजो॥ By Keerthi Sagathia on Bhakti Bharat

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP