तुम्हारी चाहत में हो के पागल - भजन (Tumhari Chahat Mein Ho Ke Pagal)


तुम्हारी चाहत में हो के पागल,
गली गली मैं भटक रही हूँ ,
कहा मिलोगे तुम मुझको मोहन ,
हर एक जगह पे ढूंढ रही हूँ ,
पता बता दो तो मिलने आऊ ,
हाल ये दिल का तुम्हे सुनाऊ ,
ना बढ़ाओ मुझसे यूं दुरी मोहन ,
हाथ जोड़कर ये कह रही हूँ ,

तुम्हारी चाहत में हो के पागल ,
गली गली मैं भटक रही हूँ ,

क्या मैं करू जो तुम मान जाओ ,
पास में अपने मुझे बुलाओ ,
कोई तो राह बता दो मोहन ,
हाथ जोड़कर में पूछ रही हूँ ,

तुम्हारी चाहत में हो के पागल ,
गली गली मैं भटक रही हूँ ,

क्या कुछ तुमसे छुपा हैं मोहन ,
तेरे भरोसे हैं मेरा जीवन ,
जनम जनम से हूँ मैं तो प्यासी ,
जनम जनम से हूँ तेरी दासी ,
दरश को तेरे तरस रही हूँ ,

तुम्हारी चाहत में हो के पागल ,
गली गली मैं भटक रही हूँ ॥
Tumhari Chahat Mein Ho Ke Pagal - Read in English
Tumhari Chahat Mein Ho Ke Pagal, Gali Gali Main Bhatak Rahi Hoon, Kaha Miloge Tum Mujhko Mohan, Har Ek Jagah Pe Dhoondh Rahi Hoon..
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