Shri Ram Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

नेत्र उत्सव (Netra Utsav)

नेत्र उत्सव
नेत्रोत्सव जो की नबजौबन दर्शन के नाम से भी जाना जाता है। रथ यात्रा से एक दिन पहले यह नेत्रोत्सव अनुष्ठान आयोजित किया जाता है।
कैसे मनाया जाता है नेत्र उत्सव
❀ नेत्र उत्सव पर प्रभु जगन्नाथ अपने भक्तों को 14 दिनों के बाद दर्शन देते हैं। इस अवसर पर जगन्नाथ जी के नव यौवन के रूप में दर्शन होते हैं। इसके दूसरे दिन पर भगवान जगन्नाथ बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ यात्रा पर निकल ते हैं।

देवस्नान पूर्णिमा के दिन 108 घड़ा के पानी से स्नान करने के बाद भगवान बीमार पड़जाते हैं. भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा को 14 दिनों ('अनसर घर') के लिए सार्वजनिक दृश्य से दूर रखा जाता है। लोकप्रिय धारणा यह है कि स्नान यात्रा के दौरान अनुष्ठानिक स्नान के बाद, देवताओं को बुखार हो जाता है और इसलिए वे गर्भगृह में दर्शन नहीं देते हैं।

❀ 14 दिनों तक एकांतवास में रहने के बाद पूरी तरह से स्वस्थ होकर नेत्र उत्सव को तीनों विग्रह अपने भक्तों को दर्शन देते हैं।

जगन्नाथ पुरी की रथ यात्रा किसी त्योहारों से कम नहीं होती है। देश-विदेश से लोग इसमें हिस्सा लेने आते हैं।

Netra Utsav in English

Netra Utsav is organized a day before the Rath Yatra.
यह भी जानें

Blogs Netra Utsav BlogsNabjouban Darshan BlogsSnana Yatra BlogsDevasnana Purnima BlogsSnana Purnima BlogsGajanan Besh BlogsNiladri Bije BlogsPuri Rath Yatra Festival BlogsGundicha Yatra BlogsJagannath Rath BlogsChariot Festival BlogsRath Yatra Dates BlogsHera Panchami BlogsSuna Besh Blogs

अगर आपको यह ब्लॉग पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस ब्लॉग को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

ब्लॉग ›

जंगम जोगी

जंगम जोगी, जंगम शब्द का अर्थ एक यात्रा करने वाला जोगी है जो एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा करता है और दान द्वारा अपना जीवन यापन करता है। शैव संप्रदाय के ये जोगी भगवान शिव की भक्ति के लिए जाने जाते हैं। जो भगवान शिव की कहानी सुनाती है, जिसमें शिव के विवाह से लेकर उनके अमरनाथ जाने तक की पूरी कहानी को गीतों के माध्यम से प्रस्तुत करते हैं।

माता मीरा

मां मीरा एक फकीर हैं, जो यहां लोगों की मदद के लिए आई है। वह कहती हैं: "आप किसी भी मार्ग, किसी भी धर्म, किसी भी गुरु और किसी भी तकनीक का अनुसरण कर सकते हैं, अगर आपको मदद और आशीर्वाद की जरूरत है तो मैं आपके लिए मौजूद रहूंगी।"

राहुकाल क्या होता है?

ग्रहों के गोचर में हर दिन सभी ग्रहों का एक निश्चित समय होता है, इसलिए राहु के लिए भी हर समय एक दिन आता है, जिसे राहु काल कहा जाता है।

ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

यह एकादशी तिथियाँ केवल वैष्णव सम्प्रदाय इस्कॉन के अनुयायियों के लिए मान्य है | ISKCON एकादशी कैलेंडर 2026

बटगणेश मंदिर, पुरी जगन्नाथ मंदिर में गणेश चतुर्थी

जगन्नाथ मंदिर पुरी के बटगणेश मंदिर में हर साल गणेश चतुर्थी का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।

पूजा की बत्ती बनाने की विधि

पूजा की बत्ती बनाने की विधि | रुई से बत्ती कैसे बनाये? | रुई से बत्ती बनाने की विधि

दण्डी सन्यासी का क्या अर्थ है?

डंडा का अर्थ संस्कृत में छड़ी या बेंत होता है और इस छड़ी को रखने वाले सन्यासी को दंडी सन्यासी कहा जाता है। देश में संतों के एक महत्वपूर्ण संप्रदाय दंडी सन्यासियों का दावा है कि शंकराचार्य उन्हीं में से चुने गए हैं।

Shiv Chalisa - Shiv Chalisa
Ram Bhajan - Ram Bhajan
Bhakti Bharat APP