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हनुमान जयंती विशेष 2023 (Hanuman Jayanti Specials 2023)

हनुमान जयंती विशेष 2023

चैत्र शुक्ल पूर्णिमा के दिन सभी हनुमान भक्त श्री हनुमान जयंती यानि हनुमान जयंती को भव्य रूप से मनाते हैं। जिसके तहत भक्त बड़े उत्साह के साथ व्रत, मेला, भजन-कीर्तन, सुंदरकांड पाठ का आयोजन करते हैं। इस वर्ष यह आयोजन 6 अप्रैल 2023 को है।

हनुमान जयंती क्यों, कब, कहाँ और कैसे?
श्री हनुमान जन्मोत्सव - Shri Hanuman Jayanti

हनुमान आरती:
श्री हनुमान आरती
श्री बालाजी की आरती

हनुमान चालीसा:
श्री हनुमान चालीसा

मंत्र / नामावली:
श्रीहनुमत् पञ्चरत्नम्
श्री हनुमान स्तवन - श्रीहनुमन्नमस्कारः
श्री हनुमान अष्टोत्तर-शतनाम-नामावली

हनुमान भजन:
हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन
संकट मोचन हनुमानाष्टक
श्री बजरंग बाण पाठ
श्री राम स्तुति: श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन
राम ना मिलेगे हनुमान के बिना
वीर हनुमाना अति बलवाना
श्री हनुमान-बालाजी भजन

हनुमान कथा:
सुन्दरकाण्ड पाठ
श्री हनुमान गाथा

हनुमान मंदिर:
दिल्ली के प्रसिद्ध हनुमान बालाजी मंदिर
हनुमान बरी, नगला खुशहाली
श्री मकरध्वज हनुमान मंदिर, बेट द्वारिका
डुल्या मारुति मंदिर, पुणे
108 फुट संकट मोचन धाम, दिल्ली
बड़ा हनुमान मंदिर, ब्रिजघाट गढ़मुक्तेश्वर
श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर, जयपुर
श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर, जयपुर
दर्शन मुखी श्री हनुमान मंदिर, शेरगढ़ किला धौलपुर
पनकी हनुमान मंदिर, कानपुर
रामचंडी हनुमान मंदिर, पुरी

भोग, प्रसाद बनाने की विधि:
चूरमा के लड्‍डू
बेसन के लड्‍डू
पंचामृत
साबूदाने की खीर

हनुमान जी का जन्म वर्ष भर में दो तिथियों को मनाया जाता है, पहला चैत्र माह की पूर्णिमा को और दूसरा तिथि कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। एक तिथि को जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है और दूसरी को विजय अभिनंदन महोत्सव के रूप में मनाया जाता है। उनकी जयंती को लेकर दो कहानियां हैं।

एक मान्यता है जब हनुमान जी माता अंजनी के पेट से पैदा हुए थे जब वह बहुत भूखे थे। तब वे सूर्य को फल के रूप में खाने के लिए दौड़े, तो उसी दिन राहु भी सूर्य को अपनी ग्राश बनाने के लिए आया, लेकिन हनुमान जी को देखते हुए उन्होंने इसे दूसरा राहु माना। इस दिन को चैत्र महीने की पूर्णिमा के बाद हनुमान जयंती के रूप में मनाया जाता है।

दीपावली को हनुमान जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। माता सीता ने हनुमान की भक्ति और समर्पण को देखकर उन्हें अमरता का वरदान दिया। माना जाता है कि यह दिन दीपावली का दिन था। इसलिए इस दिन को हनुमान जयंती के रूप में भी मनाया जाता है।

Hanuman Jayanti Specials 2023 in English

On the day of Chaitra Shukla Purnima, all Hanuman devotees observe Shri Hanuman birth anniversary i.e. Hanuman Jayanti in a grand way. This year the event is on Thursday, 6 April 2023.
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कपूर जलाने के क्या फायदे हैं?

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श्रीमद भगवद गीता पढ़ने का वैज्ञानिक कारण क्या है?

श्रीमद्भगवद्गीता, इस पवित्र ग्रंथ को कम से कम एक बार अवश्य पढ़ना चाहिए। कई मानते हैं कि गीता की शिक्षाओं का भी पालन करना चाहिए। लेकिन कुछ ही लोग गीता के वास्तविक उद्देश्य को पहचान पाते हैं। किसी अन्य पवित्र ग्रंथ की तुलना में खासकर सनातन संस्कृति में गीता पर अधिक जोर क्यों है...

आठ प्रहर क्या है?

हिंदू धर्म के अनुसार दिन और रात को मिलाकर 24 घंटे में आठ प्रहर होते हैं। औसतन एक प्रहर तीन घंटे या साढ़े सात घंटे का होता है, जिसमें दो मुहूर्त होते हैं। एक प्रहर 24 मिनट की एक घाट होती है। कुल आठ प्रहर, दिन के चार और रात के चार।

रुद्राभिषेक क्या है ?

अभिषेक शब्द का शाब्दिक अर्थ है – स्नान कराना। रुद्राभिषेक का अर्थ है भगवान रुद्र का अभिषेक अर्थात शिवलिंग पर रुद्र के मंत्रों के द्वारा अभिषेक करना।

प्रसिद्ध स्कूल प्रार्थना

भारतीय स्कूलों में विद्यार्थी सुवह-सुवह पहुँचकर सबसे पहिले प्रभु से प्रार्थना करते है, उसके पश्चात ही पढ़ाई से जुड़ा कोई कार्य प्रारंभ करते हैं। इसे साधारण बोल-चाल की भाषा में प्रातः वंदना भी कहा जाता है।

बाली जात्रा उत्सव

बाली जात्रा ओडिशा के सबसे बड़े व्यापार मेलों में से एक है और यह आठ दिनों तक चलता है। बाली जात्रा का अर्थ है बाली की यात्रा। यह कार्तिक के महीने में पूर्णिमा के दिन आयोजित किया जाता है..

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