✨हरतालिका तीज - Hartalika Teej

आने वाले त्यौहार: 9 September 2021
हरतालिका तीज पर कुंआरी कन्याएँ अपने मन के अनुरूप पति को प्राप्त करने हेतु माँ गौरी व भगवान शंकर की पूजा एवं व्रत करती हैं। यह त्यौहार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आता है, तथा हरतालिका व्रत हस्त नक्षत्र में किया जाता है।

हरतालिका तीज पर कुंआरी कन्याएँ अपने मन के अनुरूप पति को प्राप्त करने हेतु माँ गौरी व भगवान शंकर की पूजा एवं व्रत करती हैं। यह त्यौहार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आता है, तथा हरतालिका व्रत हस्त नक्षत्र में किया जाता है। नई विधा के अनुसार कुछ सौभाग्यवती स्त्रियां भी हरतालिका व्रत का पालन करतीं हैं।

हरतालिका तीज का शाब्दिक अर्थ क्रमशः हरत अर्थात अपहरण, आलिका का अर्थ स्त्रीमित्र (सहेली) तथा तीज-तृतीया तिथि से लिया गया है। हरतालिका तीज की कथा के अनुसार, देवी पार्वतीजी की उनकी सहेलियां अपहरण कर उन्हें घने जंगल में ले गई थीं। जिससे कि पार्वतीजी के पिता उनका विवाह, उनकी ही इच्छा के विरुद्ध भगवान विष्णु से न कर दें।

हरतालिका तीज पर माता पार्वती(माता शैलपुत्री) और भगवान शंकर की विधि-विधान से पूजा की जाती है। हरतालिका पूजन के लिए भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की बालू, रेत व काली मिट्टी की प्रतिमा बनाते हैं। इसमें भगवान शिव को धोती-अंगोछा चढ़ाया जाता है। तथा सुहाग सामग्री अपनी सास के चरण स्पर्श करने के बाद ब्राह्मणी और ब्राह्मण को दान दे दिए जाते हैंखोलें। इस प्रकार पूजन के बाद कथा सुनें और रात्रि जागरण करने का विधान है, आरती के बाद सुबह माता पार्वती को सिन्दूर चढ़ाएं व हलवे का भोग लगाकर व्रत खोलें।

हरतालिका तीज त्यौहार कर्नाटक, आंध्र प्रदेश व तमिलनाडु में को गौरी हब्बा नाम से जाना जाता है। यह त्यौहार माता गौरी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण दिन के रूप में पूजा जाता है। गौरी हब्बा के दिन महिलाएं स्वर्ण गौरी व्रत रखती हैं व माता गौरी से सुखी वैवाहिक जीवन के लिए प्रार्थना करती हैं।

Hartalika Teej in English

On the Hartalika Teej, kunvaaree Kanya`s worship and fast on Mata Gauri and Lord Shankar to get an ideal life partner. This festival falls on the Tritiya of Shukla Paksha of Bhadrapada month, and the haratalika fast is performed in Hasta Nakshatra.

संबंधित जानकारियाँ

भविष्य के त्यौहार
30 August 202218 September 2023
आवृत्ति
वार्षिक
समय
1 दिन
सुरुआत तिथि
भाद्रपद शुक्ला तृतीया
समाप्ति तिथि
भाद्रपद शुक्ला तृतीया
महीना
अगस्त / सितंबर
कारण
देवी पार्वती भगवान शिव को पति के रूप में पाती हैं।
उत्सव विधि
व्रत, पूजा, भजन कीर्तन।
महत्वपूर्ण जगह
उत्तर भारत
पिछले त्यौहार
21 August 2020, 1 September 2019, 12 September 2018

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