शिव भोला भंडारी - भजनसुख का त्योहार, मिले डमरू के ताल, सुख का त्योहार, मिले डमरूके ताल, करे दुख पिडा पार जटाधारी, शिव भोला भंडारी, शिव भोला भंडारी ॥
क्या वो करेगा लेके चढ़ावा: भजनक्या वो करेगा लेके चढ़ावा, सब कुछ त्याग के बैठा कहीं, भक्त नहीं वो भला है ढूंढ़ता, गुण देखे गुणगान नहीं,
मैं कहता नहीं श्रद्धा है बुरी, पर कर्म तराजू धर्म वही, भक्त नहीं वो भला है ढूंढ़ता, गुण देखे गुणगान नहीं ॥