होली एक ऐसा रंगबिरंगा त्योहार है, जिसमे हर धर्म के लोग पूरे उत्साह और मस्ती के साथ रंगों से, मिष्ठानो से, भजनों से जाति बंधन से परे संदेश देते हैं। होली में रंगों का प्रयोग जितना आवश्यक है उतना ही आवश्यक भजनों का गाया जाना भी है। भजनों में रसिया, ठुमरी एवं राग गाये जाते हैं, इन सभी प्रकार के भजनों को होली के दौरान गायन के कारण, होरी गायन भी कहते हैं।
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शिव जी का नाम सुबह शाम, भक्तो रटते रहना, शिव परमेश्वर शिव रामेश्वर, शिव नागेश्वर ओम्कारेश्वर, महाकालेश्वर सबके ईश्वर,
शिव जी का नाम सूबह शाम, भक्तो रटते रहना ॥
भोले शिव मंगलकारी, भोले की महिमा न्यारी, भोले की भक्ति कर लो, भोले को भक्ति प्यारी, भोले को ध्यान में धरके, निकलेगा जो मंदिर से, भोले हर लेंगे उसकी, पीड़ा ही सारी, भोलें शिव मंगलकारी, भोले की महिमा न्यारी ॥