होली एक ऐसा रंगबिरंगा त्योहार है, जिसमे हर धर्म के लोग पूरे उत्साह और मस्ती के साथ रंगों से, मिष्ठानो से, भजनों से जाति बंधन से परे संदेश देते हैं। होली में रंगों का प्रयोग जितना आवश्यक है उतना ही आवश्यक भजनों का गाया जाना भी है। भजनों में रसिया, ठुमरी एवं राग गाये जाते हैं, इन सभी प्रकार के भजनों को होली के दौरान गायन के कारण, होरी गायन भी कहते हैं।
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सोने की लंका जलाए गयो रे, एक छोटो सो वानर, छोटो सो वानर, एक छोटो सो वानर, रावण को पानी पिलाए गयो रे, एक छोटो सो वानर, सोने की लंका जलाये गयो रे, एक छोटो सो वानर ॥
वीर बलि हनुमान, ये हैं राम भक्त हनुमान, सारे जग में फैली शान, सारे भक्त करें गुणगान, थारी जय हो, थारी जय हो पवन सुत,
बजरंगी हनुमान, बालाजी तेरी जय हो, पवन सुत माँ अंजना के लाल ॥