महादेव का पुजारीजिसका कैलाश में है डेरा, वो तो शिव शंभू है मेरा, जिसे मानती है दुनिया ये सारी ॥
कन्हैया ले चल परली पार - भजनतेरी आस लगा बैठी हूँ, लज्जा शील गवां बैठी हूँ, मैं अपना आप लूटा बैठी हूँ, आँखें खूब थका बैठी हूँ, साँवरिया मैं तेरी रागिनी, तू मेरा मल्हार।। कन्हैया ले चल परली पार ॥