झोली भर लो भक्तो, दौलत बरसे भोले के दरबार - भजनझोली भर लो भक्तो, दौलत बरसे भोले के दरबार, झोली भर ल्यो जी, दातारि का क्या कहना है, दातारि का क्या कहना, सरकारों की सरकार, झोली भर ल्यो जी, झोली भर लो भक्तों, दौलत बरसे भोले के दरबार, झोली भर ल्यो जी ॥
आजा आजा ओ गणराजा - भजनसर्वप्रथम पूजीत हो बाबा, तुम हो जग से निराले। श्रद्धा भाव से तुमको पूजे, सदा ये दुनिया वाले। कभी नहीं कोई लौटा तेरे दर से यूँ ही खाली, भर-भर के देते हो सबको, जो आए बनके सवाली॥