बजरंग बाणनिश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥
अम्बे रानी ने, अपना समझ कर मुझे: भजनभैरव खुश हो गए, ध्यान में खो गए, और हनुमान, श्री राम जपने लगे, ब्रम्हा ने व्यास को, एक नए वेद का, ज्ञान फिर से कराया, मजा आ गया, अम्बें रानी ने, अपना समझ कर मुझे, अपने दर पे बुलाया, मजा आ गया ॥