बजरंग बाणनिश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥
सुनलो अरज मेरी सालासर वाले: भजनसुनलो अरज मेरी सालासर वाले, सुमिरन है वंदन है, मुझे चरणों से लगा ले, ओ बाबा घाटे वाले, तेरे बिन कौन संभाले,
हटा कर बादल काले, करो अब नए उजाले, सुनलो अरज़ सुनलो अरज़ ॥