Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

ग्रंथ

श्री रामचरितमानस: सुन्दर काण्ड: पञ्चम पद

प्रबिसि नगर कीजे सब काजा । हृदयँ राखि कौसलपुर राजा ॥ गरल सुधा रिपु करहिं मिताई ।..

Granth

श्री रामचरितमानस: सुन्दर काण्ड: चतुर्थ पद

मसक समान रूप कपि धरी । लंकहि चलेउ सुमिरि नरहरी ॥ नाम लंकिनी एक निसिचरी ।..

Granth

श्री रामचरितमानस: सुन्दर काण्ड: तृतीय पद

निसिचरि एक सिंधु महुँ रहई । करि माया नभु के खग गहई । जीव जंतु जे गगन उड़ाहीं ।..

Granth

श्री रामचरितमानस: सुन्दर काण्ड: द्वितीय पद

जात पवनसुत देवन्ह देखा । जानैं कहुँ बल बुद्धि बिसेषा ॥ सुरसा नाम अहिन्ह कै माता ।..

Granth

श्री रामचरितमानस: सुन्दर काण्ड: प्रथम पद

जामवंत के बचन सुहाए। सुनि हनुमंत हृदय अति भाए॥ तब लगि मोहि परिखेहु तुम्ह भाई।..

Granth

श्रीमद्‍भगवद्‍गीता

श्रीमद्भागवत गीता में 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं, गीता का दूसरा नाम गीतोपनिषद है। प्रश्न-उत्तर शैली मे श्रीमद्भागवत गीता से संबंधित कुछ तथ्य..

Granth

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP