मुख्य आकर्षण - Key Highlights |
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| ◉ मंदिर मंदोदरी को समर्पित। |
| ◉ ज्येष्ठ मास में वार्षिक मेला का आयोजन। |
| ◉ आस-पास पांडवों के अज्ञातवास का स्थान है। |
हाटू माता को नारकंडा क्षेत्र की देवी एवं नारकंड जनजाति की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। स्थानीय मान्यता के अनुसार प्रसिद्ध हाटू माता मंदिर लंकापति रावण की पत्नी मंदोदरी का मंदिर है। हाटू पीक शिमला क्षेत्र की सबसे ऊँची चोटी है तथा समुद्र तल से इसकी ऊँचाई 3400 मीटर (अर्थात12000 फीट) है। और इस चोटी के शीर्ष पर हाटू माता का मंदिर स्थित है।
ज्येष्ठ माह के पहले रविवार को लोग बड़ी संख्या में मंदिर दर्शन करने आते हैं। हाटू मंदिर पगोडा वास्तुकला मे बना हुआ है। माता के भक्त यहाँ अपनी मनोवांछित इच्छा को लेकर आते हैं, तथा अपनी मनोकामनाओं को पूर्ण होने के विश्वास के साथ जाते हैं। यहाँ भक्तों की मनोकामनाओं निश्चित रूप से ही पूरी होती हैं।
हाटू मंदिर की सड़क नारकंडा से 6 किलोमीटर पहले विभाजित एक रास्ते से होकर जाती है। इस रास्ते मे लंबी खड़ी चढ़ाई और खतरनाक ड्राइव ट्रेक से होते हुए मंदिर तक पहुँचा जा सकता है। चारों ओर देवदार और हारे-भरे पेड़ों से भरा हुआ रास्ता, भक्तों को बहुत ही आनंददायक लगता है।

हाटू माता मंदिर

हाटू माता मंदिर

हाटू माता मंदिर

हाटू माता मंदिर

हाटू माता मंदिर
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