ॐ जय तनोट ईश्वरी, मैया जय तनोट ईश्वरी।
जो नर तुमको ध्याते, दुख-विपत्ति हरी॥
धोरा ऊपर मन्दिर आपरो, शोभा अति भारी।
मन्दिर आगे सागर चमके, सेवा करे थारी॥ ॐ…
भक्तिभारत लिरिक्स
सन उन्नीस सौ पैसठ में, सबको जान पड़ी।
शरण आई जब फौजां, मैया रक्षा करी॥ ॐ…
शत्रु दल ने गोले फेके, मन्दिर शीश धरी।
कृपा भई जब थारी, बम न एक फटी॥ ॐ…
दुश्मन हम पर बार-बार, घातक घात करी।
शक्ति दिखी जब थारी, तोपां उलट पड़ी॥ ॐ…
भाटी कुल की देवी, थार की तू ईश्वरी।
विजय ध्वज फहराया, संकट दूर करी॥ ॐ…
हिन्दू ध्यावे, मुस्लिम ध्यावे, सब जग दया करी।
हम सब मिल गुण गावे, चरणां शीश धरी॥ ॐ…