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मदन मोहन मंदिर करौली - Madan Mohan Mandir Karauli

मुख्य आकर्षण - Key Highlights

◉ मंदिर भगवान कृष्ण के रूप श्री मदन मोहन जी को समर्पित है।
◉ यह मंदिर अपनी विशिष्ट करौली पत्थर की वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है।
◉ यहाँ प्रतिदिन राग भोग की परंपराओं का सावधानीपूर्वक पालन करते हुए पूजा अर्चना की जाती है।

राजस्थान के करौली में ऐतिहासिक किले परिसर के अंदर स्थित श्री मदन मोहन मंदिर, यहाँ के सबसे प्रमुख कृष्ण मंदिरों में से एक है। यह मंदिर गौड़ीय वैष्णव परंपरा से जुड़ा है और श्री मदन मोहन जी के साथ-साथ राधा और गोपाल जी को समर्पित है। राजस्थान आने वाले कृष्ण भक्तों के लिए यह मंदिर तीर्थयात्रा का एक महत्वपूर्ण स्थान है।

मदन मोहन मंदिर, करौली में दर्शन का समय
मदन मोहन मंदिर पूरे सप्ताह खुला रहता है और दर्शन का समय सुबह 4 बजे से रात 8:30 बजे तक है।

मदन मोहन मंदिर, करौली के मुख्य त्योहार
मंदिर में मनाए जाने वाले कृष्ण से जुड़े प्रमुख त्योहारों जन्माष्टमी, राधाष्टमी, गोपाष्टमी, हिंडोला, फाग उत्सव, अन्नकूट / छप्पन भोग और एकादशी है। महत्वपूर्ण वैष्णव त्योहारों के दौरान यहाँ बड़ी संख्या में भक्त आते हैं।

मदन मोहन मंदिर, करौली कैसे पहुँचें
मदन मोहन मंदिर राजस्थान के करौली में महल परिसर में स्थित है। करौली सड़क मार्ग से जयपुर और राजस्थान के अन्य शहरों से जुड़ा हुआ है। हिंडौन रेलवे स्टेशन सबसे नज़दीकी स्टेशन है, जो मंदिर से लगभग 25 किलोमीटर दूर है। जयपुर सबसे नज़दीकी बड़ा हवाई अड्डा है।

प्रचलित नाम: श्री मदन मोहन जी मंदिर

समय - Timings

दर्शन समय
4 AM - 8:30 PM
4:00 AM: मंगला आरती
9:00 AM: धूप आरती
9:30–10:00 AM: श्रृंगार आरती
7: 10 PM: संध्या आरती
8:30 PM: शयन आरती
त्योहार

मदन मोहन मंदिर, करौली का इतिहास और वास्तुकला

मदन मोहन मंदिर मुख्य रूप से करौली के खास पत्थर से बना है और मध्ययुगीन वास्तुकला की परंपराओं को दर्शाता है। मंदिर की परंपरा के अनुसार, श्री मदन मोहन जी की मूर्ति मूल रूप से भगवान कृष्ण के प्रपौत्र (पोते के बेटे) महाराजा वज्रनाभ से जुड़ी थी। पारंपरिक रूप से इस मूर्ति को कृष्ण के तीन प्राचीन रूपों में से एक माना जाता है—मदन मोहन, गोविंद देव और गोपीनाथ—जिनके छोटे मंदिर मुख्य मंदिर के पास स्थित हैं।

चैतन्य महाप्रभु के शिष्य सनातन गोस्वामी ने 16वीं शताब्दी में वृंदावन में इस मूर्ति को खोजा था। मुगल काल के दौरान, सुरक्षा के लिए मूर्ति को वृंदावन से हटा दिया गया था और आखिरकार 1742 ईस्वी में यह करौली पहुँची। मंदिर के ऐतिहासिक विवरण के अनुसार, बाद में महाराजा गोपाल सिंह ने करौली में मूर्ति की स्थापना की और 1748 ईस्वी में इसे स्थायी रूप से प्रतिष्ठित किया गया।

Madan Mohan Mandir Karauli in English

The Shri Madan Mohan Temple, located within the historic fort and palace complex in Karauli, Rajasthan, is one of the region's most prominent Krishna temples.

जानकारियां - Information

मंत्र / प्रचलित जयकारा
ॐ केशवाय नमः स्वाहा, ॐ नारायणाय नमः स्वाहा, माधवाय नमः स्वाहा
बुनियादी सेवाएं
पेयजल, प्रसाद, सीसीटीवी सुरक्षा, जूता स्टोर, पार्किंग स्थल
स्थापना
1748
समर्पित
भगवान कृष्ण
वास्तुकला
Medieval Rajputana architecture

क्रमवद्ध - Timeline

4 AM - 8:30 PM

कैसे पहुचें - How To Reach

पता 📧
Bazar, Phoota Kota Rajasthan
रेलवे 🚉
Hindaun Railway Station
हवा मार्ग ✈
Jaipur International Airport
सोशल मीडिया
Download App
निर्देशांक 🌐
26.4950026°N, 77.0292387°E
मदन मोहन मंदिर करौली गूगल के मानचित्र पर
http://www.bhaktibharat.com/mandir/madan-mohan-mandir-karauli

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