Updated: Nov 07, 2025 13:06 PM |
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Dodda Jaathre Date: Thursday, 2 April 2026
डोड्डा जात्रे (जिसे डोड्डा जात्रे या डोड्डा जात्रे भी लिखा जाता है) कर्नाटक के नंजनगुड स्थित श्रीकांतेश्वर मंदिर में मनाया जाने वाला एक भव्य वार्षिक उत्सव है। कन्नड़ में जात्रे का अर्थ मेला या त्योहार होता है, और डोड्डा का अर्थ भव्य या बड़ा होता है, जो इसे दक्षिण भारत के सबसे बड़े मंदिर मेलों में से एक बनाता है।
| संबंधित अन्य नाम | दोड्डा दयवारा जात्रे |
| शुरुआत तिथि | चैत्र पूर्णिमा |
| कारण | भगवान शिव |
| उत्सव विधि | Bhajan Kirtan, Tableau, Aarti, Bhandare |
Dodda Jaatre (also spelled Dodda Jathre or Dodda Jatre) is the grand annual festival celebrated at Srikanteshwara Temple in Nanjangud, Karnataka.
डोड्डा जात्रे के मुख्य आकर्षण:
❀ देवता: भगवान श्रीकान्तेश्वर (भगवान शिव का एक रूप)
❀ स्थान: नंजनगुड, मैसूरु जिला, कर्नाटक
❀ त्योहार का प्रकार: रथोत्सव (रथ उत्सव)
❀ मनाने का समय: मार्च-अप्रैल (चैत्र मास, पंगुनी पूर्णिमा पर)
डोड्डा जात्रे का विवरण:
❀ डोड्डा जात्रे के दौरान, भगवान श्रीकान्तेश्वर की मूर्ति को ले जाने वाले विशाल लकड़ी के रथ को हज़ारों भक्त सड़कों पर खींचते हैं।
❀पूरा शहर जुलूस, भक्ति संगीत, नृत्य और पारंपरिक मेलों से जीवंत हो उठता है।
❀ कर्नाटक और तमिलनाडु से हज़ारों श्रद्धालु इस दिव्य दृश्य को देखने के लिए एकत्रित होते हैं।
❀ पूरे उत्सव के दौरान विशेष पूजा, अभिषेक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
डोड्डा जात्रे तिथि:
संभवतः चैत्र पूर्णिमा के आसपास, श्रीकान्तेश्वर रथोत्सव के साथ आयोजित किया जाएगा।
संबंधित जानकारियाँ
शुरुआत तिथि
चैत्र पूर्णिमा
उत्सव विधि
Bhajan Kirtan, Tableau, Aarti, Bhandare
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