खोलो समाधी भोले शंकर, मुझे दरश दिखाओ - भजन (Kholo Samadhi Bhole Shankar Mujhe Darsh Dikhao)


खोलो समाधी भोले शंकर,
मुझे दरश दिखाओ,
इस जग की झूठी माया,
से मुझको बचाओ,
खोलो समाधि भोले शंकर,
मुझे दरश दिखाओ ॥
शिव शिव जपती मैं,
दूर से आई,
शिव शिव जपती मैं,
दूर से आई,
दर दर की ठोकरें है खाई,
मुझे दरश दिखाओ,
खोलो समाधि भोले शंकर,
मुझे दरश दिखाओ ॥

तुमको ढूंढा प्रभु,
मंदिर मंदिर,
तुमको ढूंढा प्रभु,
मंदिर मंदिर,
फिर भी प्रभु ढूंढ ना पाई,
मुझे दरश दिखाओ,
खोलो समाधि भोले शंकर,
मुझे दरश दिखाओ ॥

लाई मैं भोले बाबा,
बेल धतूरा,
लाई मैं भोले बाबा,
बेल धतूरा,
गंगा जल मैं लेके आई,
मुझे दरश दिखाओ,
खोलो समाधि भोले शंकर,
मुझे दरश दिखाओ ॥

करो मोपे किरपा,
मेरे भोले बाबा,
करो मोपे किरपा,
मेरे भोले बाबा,
दासी का भाग्य जगाओ,
मुझे दरश दिखाओ,
खोलो समाधि भोले शंकर,
मुझे दरश दिखाओ ॥

खोलो समाधी भोले शंकर,
मुझे दरश दिखाओ,
इस जग की झूठी माया,
से मुझको बचाओ,
खोलो समाधि भोले शंकर,
मुझे दरश दिखाओ ॥
Kholo Samadhi Bhole Shankar Mujhe Darsh Dikhao - Read in English
Kholo Samadhi Bhole Shankar, Mujhe Darash Dikhao, Iss Jag Ki Jhoothi Maya, Se Mujhko Bachao, Kholo Samadhi Bhole Shankar, Mujhe Darash Dikhao ॥
Bhajan Shiv BhajanBholenath BhajanMahadev BhajanShivaratri BhajanSavan BhajanMonday BhajanSomvar BhajanSolah Somvar BhajanJyotirling BhajanShiv Vivah Bhajan
अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

आईं महादेवी अवतार, भवानी मोरे अंगना में: भजन

आईं महादेवी अवतार, भवानी मोरे अंगना में, मोरे अंगना में तोरी मढिया में, छाईं खुशियां अपरम्पार, भवानी तोरी मढिया में, आईं महादेवी अवतार, भवानी मोरे अंगना में ॥

नित महिमा मै गाउँ मैया तेरी: भजन

सदा ज्योत जगाऊँ मैया तेरी, मुझे ना कुछ और चाहिए, नित महिमा मै गाउँ मैया तेरी, मुझे ना कुछ और चाहिए ॥

खेल पंडा खेल पंडा रे - भजन

खेल पंडा खेल पंडा, खेल पंडा रे, घड़ी आ गई सुहानी, खेल पंडा रे

सिंघ सवारी महिमा भारी: भजन

सिंघ सवारी महिमा भारी, पहाड़ों में अस्थान तेरा, ब्रम्हा विष्णु शिव शंकर भी, करते माँ गुणगान तेरा ॥

तुम शरणाई आया ठाकुर - शब्द कीर्तन

तुम शरणाई आया ठाकुर ॥ उतरि गइओ मेरे मन का संसा, जब ते दरसनु पाइआ ॥