महाकाल गंगाधर मेरे - भजन (Mahakal Gangadhar Mere)


अब कोई ना सहारा बिन तेरे,
महाकाल गंगाधर मेरे ॥
तूने लाखों पापी तारे है,
नहीं गुण और दोष विचारे है,
मैं भी आन पड़ा दर तेरे,
मैं भी आन पड़ा दर तेरे,
महाकाल गंगाधर मेरे,
अब कोईं न सहारा बिन तेरे,
महाकाल गंगाधर मेरे ॥

विषयो के जाल में फसकर के,
झूठी उल्फत में धंसकर के,
दुःख पाए नाथ घनेरे,
दुःख पाए नाथ घनेरे,
महाकाल गंगाधर मेरे,
अब कोईं न सहारा बिन तेरे,
महाकाल गंगाधर मेरे ॥

तू दीन बंधू हितकारी है,
हम दुखिया शरण तिहारी है,
हम दीन हिन है तेरे,
हम दीन हिन है तेरे,
महाकाल गंगाधर मेरे,
अब कोईं न सहारा बिन तेरे,
महाकाल गंगाधर मेरे ॥

भक्त तेरी शरण में आया है,
आके चरणों में शीश झुकाया है,
काटो जनम मरण के फेरे,
काटो जनम मरण के फेरे,
महाकाल गंगाधर मेरे,
अब कोईं न सहारा बिन तेरे,
महाकाल गंगाधर मेरे ॥

अब कोई ना सहारा बिन तेरे,
महाकाल गंगाधर मेरे ॥
Mahakal Gangadhar Mere - Read in English
Ab Koi Na Sahara Bin Tere, Mahakal Gangadhar Mere ॥
Bhajan Shiv BhajanBholenath BhajanMahadev BhajanShivaratri BhajanSavan BhajanMonday BhajanSomvar BhajanSolah Somvar BhajanJyotirling BhajanShiv Vivah Bhajan
अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

जय जय शनि देव महाराज - भजन

जय जय शनि देव महाराज, जन के संकट हरने वाले। तुम सूर्य पुत्र बलिधारी..

हनुमत जय बजरंगबली: भजन

हनुमत जय बजरंगबली, आपका नाम जपा है जिसने, विपदा उसकी टली, पवनसुत जय बजरंगबली ॥

स्वर्ण पर्वताकार शरीरा श्री हनुमान कहावे: भजन

स्वर्ण पर्वताकार शरीरा श्री हनुमान कहावे, सालासर के स्वर्ण कलश पर लाल ध्वजा लहराये ॥

दरबार सजा तेरा न्यारा, निरखत निरखत मैं हारा: भजन

दरबार सजा तेरा न्यारा, निरखत निरखत मैं हारा ॥

राम भक्त लें चला रे, राम की निशानी - भजन

राम भक्त ले चला रें, राम की निशानी, शीश पर खड़ाऊँ, अखियों में पानी, राम भक्त लें चला रे, राम की निशानी ॥