मन की तरंग मार लो - भजन (Man Ki Tarang Mar Lo Bas Ho Gaya Bhajan)


मन की तरंग मार लो, बस हो गया भजन।
आदत बुरी संवार लो, बस हो गया भजन॥
आये हो तुम कहाँ से, जाओगे तुम कहाँ।
इतना ही विचार लो, बस हो गया भजन॥

कोई तुम्हे बुरा कहे, तुम सुन कर क्षमा करो।
वाणी का स्वर संभाल लो, बस हो गया भजन॥

नेकी सभी के साथ में बन जाए तो करो।
मत सर बंदी का हर लो, बस हो गया भजन॥

नजरो में तेरी दोष है, दुनिया निहारते।
समता का अंजन ढाल लो, बस हो गया भजन॥

यह महल माडिया ना तेरे साथ जायेगी।
सतगुरु की महिमा जान लो, बस हो गया भजन॥

अनमोल ब्रह्मानंद जो चाहिए सदा।
घट घट में राम निहार लो, बस हो गया भजन॥

मन की तरंग मार लो, बस हो गया भजन।
आदत बुरी संवार लो, बस हो गया भजन॥

आरती कुंजबिहारी की | आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन | श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं | आरती श्री बाल कृष्ण जी की | ॐ जय जगदीश हरे | मधुराष्टकम्: धरं मधुरं वदनं मधुरं | कृष्ण भजन | अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं | श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी
Man Ki Tarang Mar Lo Bas Ho Gaya Bhajan - Read in English
Man Ki Tarang Mar Lo, Bas Ho Gaya Bhajan । Aadat Buri Sanwar Lo, Bas Ho Gaya Bhajan ॥
Bhajan Shri Krishna BhajanBrij BhajanBaal Krishna BhajanBhagwat BhajanJanmashtami BhajanLaddu Gopal BhajanRadhashtami BhajanPhalguna BhajanIskcon BhajanShri Shyam Bhajan
अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल - भजन

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल। छोटो सो मेरो मदन गोपाल..

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं - भजन

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम । कौन कहता हे भगवान आते नहीं..

आयो फागणियो अलबेलो: भजन

आयो फागणियो अलबेलो, बाबा श्याम धणी को मेलो, चाल्यो भगता को यो रेलो, खाटू श्याम जी, ओ खाटू धाम जी ॥

मन में है विश्वास अगर जो श्याम सहारा मिलता है: भजन

मन में है विश्वास अगर जो, श्याम सहारा मिलता है, रोता है कोई श्याम का प्रेमी ॥

सारा बरसाना तेरा दीवाना हुआ: भजन

तेरी मुरली की धुन, हमने जबसे सुनी, सारा बरसाना तेरा दीवाना हुआ, मिली तुमसे नजर, मेरी जब सांवरे, ये दिल भी हमारा बेगाना हुआ ॥