साथी हारे का तू, मुझको भी श्याम जीता दे - भजन (Sathi Hare Ka Tu Mujhko Bhi Shyam Jeeta De)


साथी हारे का तू,
मुझको भी श्याम जीता दे,
मेरा ये नसीबा भी,
सोया है जगा दे,
साथी हारें का तू,
मुझको भी श्याम जीता दे ॥
दुनिया में घुमा मुझे,
मिली रुसवाई है,
अपनों से जख्म मिले,
आँख भर आई है,
सबको निभाते हो,
सबको निभाते हो,
मुझे भी निभा दे,
साथी हारें का तू,
मुझको भी श्याम जीता दे ॥

तुमसे छुपाऊं क्या मैं,
तुम्हे सब पता है,
हाथ जोड़ माफ़ी मांगू,
हुई जो खता है,
दयालु दया थोड़ी,
दयालु दया थोड़ी,
मुझपे भी लुटा दे,
साथी हारें का तू,
मुझको भी श्याम जीता दे ॥

हारे का सहारा है तू,
मैं भी एक हारा,
इतिहास कहता तुमने,
लाखों को उबारा,
‘मोहित’ मेरी भी,
‘मोहित’ मेरी भी,
किस्मत सजा दे,
साथी हारें का तू,
मुझको भी श्याम जीता दे ॥
BhaktiBharat Lyrics

साथी हारे का तू,
मुझको भी श्याम जीता दे,
मेरा ये नसीबा भी,
सोया है जगा दे,
साथी हारें का तू,
मुझको भी श्याम जीता दे ॥
Sathi Hare Ka Tu Mujhko Bhi Shyam Jeeta De - Read in English
Sathi Hare Ka Tu, Mujhko Bhi Shyam Jeeta De, Mera Ye Naseeba Bhi, Soya Hai Jaga De, Sathi Haren Ka Tu, Mujhko Bhi Shyam Jeeta De ॥
Bhajan Shri Krishna BhajanBhrij BhajanBal Krishna BhajanLaddu Gopal BhajanBhagwat BhajanJanmashtami BhajanShri Shyam BhajanIskcon BhajanPhagun Mela BhajanVasundhara Sharma BhajanRajni Rajasthani Bhajan
अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

जय जय शनि देव महाराज - भजन

जय जय शनि देव महाराज, जन के संकट हरने वाले। तुम सूर्य पुत्र बलिधारी..

हनुमत जय बजरंगबली: भजन

हनुमत जय बजरंगबली, आपका नाम जपा है जिसने, विपदा उसकी टली, पवनसुत जय बजरंगबली ॥

स्वर्ण पर्वताकार शरीरा श्री हनुमान कहावे: भजन

स्वर्ण पर्वताकार शरीरा श्री हनुमान कहावे, सालासर के स्वर्ण कलश पर लाल ध्वजा लहराये ॥

दरबार सजा तेरा न्यारा, निरखत निरखत मैं हारा: भजन

दरबार सजा तेरा न्यारा, निरखत निरखत मैं हारा ॥

राम भक्त लें चला रे, राम की निशानी - भजन

राम भक्त ले चला रें, राम की निशानी, शीश पर खड़ाऊँ, अखियों में पानी, राम भक्त लें चला रे, राम की निशानी ॥