भक्तमाल | भद्राचल रामदासु
वास्तविक नाम: कांचरला गोपन्ना
अन्य नाम - रामदासु, भक्त रामदासु
आराध्य - भगवान राम
गुरु:रघुनाथ भट्टाचार्य
जन्म स्थान: नेलाकोंडापल्ली, गोलकुंडा सल्तनत (वर्तमान खम्मम जिला, तेलंगाना)
जन्म: 1620 ई
मृत्यु: 1688 (आयु 68 वर्ष), भद्राचलम
वैवाहिक स्थिति: विवाहित
भाषाएँ: तेलुगु, संस्कृत, फ़ारसी, उर्दू
पिता: लिंगन्ना मंत्री
माता : कामम्बा
पत्नी - कमलम्मा
पुनर्निर्मित - सीता रामचन्द्रस्वामी मंदिर, भद्राचलम
प्रसिद्ध - भक्ति आंदोलन हिंदू धर्म के कवि-संत
भद्राचल रामदासु, जिन्हें कांचेरला गोपन्ना के नाम से भी जाना जाता है, 17वीं सदी के भगवान राम के प्रसिद्ध भक्त, तेलुगु संगीतकार और वर्तमान तेलंगाना के संत कवि थे। उन्हें विशेष रूप से भगवान राम के प्रति उनकी गहरी भक्ति और भद्राचलम स्थित श्री सीता रामचंद्र स्वामी मंदिर से उनके गहरे जुड़ाव के लिए याद किया जाता है।
भद्राचल रामदासु की दिव्य कथा
रामदासु कुतुब शाही शासक अबुल हसन कुतुब शाह के अधीन तहसीलदार (राजस्व अधिकारी) के पद पर कार्यरत थे। प्रशासन में व्यस्त होने के बावजूद, वे बचपन से ही भगवान राम के प्रति गहरी श्रद्धा रखते थे। अपनी सेवा के दौरान, रामदासु ने भद्राचलम में भगवान राम के उपेक्षित मंदिर को देखा। भक्ति से प्रेरित होकर, उन्होंने राज्य के राजस्व कोष का उपयोग मंदिर के जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण के लिए किया। जब शासक को इस बात का पता चला, तो रामदासु को गोलकोंडा किले में कई वर्षों तक कैद रखा गया।
भगवान राम और लक्ष्मण सुल्तान के समक्ष वेश बदलकर प्रकट हुए और राम की मुहर लगे सोने के सिक्कों से मंदिर पर खर्च की गई राशि का भुगतान किया। इस चमत्कार को देखकर, सुल्तान ने रामदासु को जेल से रिहा कर दिया और उन्हें सम्मानित किया।
भद्राचल रामदासु का भक्ति आंदोलन में योगदान
रामदासु ने भगवान राम को समर्पित कई भक्तिमय तेलुगु कीर्तनों की रचना की। उनके गीत आज भी कर्नाटक संगीत और भजन परंपराओं में गाए जाते हैं। वे दक्षिण भारत के सबसे महान राम भक्तों में से एक हैं। उनका जीवन भक्ति, त्याग और अटूट आस्था का प्रतीक है। हर साल भद्राचलम में उनके सम्मान में रामदासु जयंती मनाई जाती है। यहां क्लिक करें
श्री राम भजन के लिए।
तेलंगाना सरकार भद्राचलम में होने वाले प्रसिद्ध श्री राम नवमी समारोह में आधिकारिक रूप से भाग लेती है। उनकी रचनाएँ आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली और भावपूर्ण मानी जाती हैं। अक्कीनेनी नागार्जुन अभिनीत प्रसिद्ध तेलुगु भक्ति फिल्म 'श्री रामदासु' उनके जीवन और भक्ति को खूबसूरती से दर्शाती है।