Shri Krishna Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

ऊँचे पर्वत गुफा न्यारी जहाँ मां भवन बना बैठी: भजन (Uche Parvat Gufa Nyari Jithe Maa Bhawan Bana Baithi)


ऊँचे पर्वत गुफा न्यारी जहाँ मां भवन बना बैठी: भजन
ऊँचे, पर्वत, गुफा न्यारी,
जहाँ मां, भवन बना बैठी ॥
दर्शन, करती है... जय हो ॥
दुनिया सारी,
जहाँ मां, ज्योत जगा बैठी ॥
ऊँचे, पर्वत, गुफा न्यारी...
तेरे, देखे रंग न्यारे,
मां तू, लाखों पापी तारे ॥
ओ संगतें, बोलें... जय हो ॥
जय जयकारे,
सिंह पर, आसन लगा बैठी ॥
ऊँचे, पर्वत, गुफा न्यारी...

झूले, लाल मैया का झंडा,
बहती, चरणों में गंगा।।
ओ माथे, तिलक... जय हो ॥
लगाया चंदा,
शीश पर, मुकुट सजा बैठी ॥
ऊँचे, पर्वत, गुफा न्यारी...

चूड़ा, लाल रंग का पहना,
देखी, अजब है तेरी माया ॥
ओ आसन... जय हो ॥
गुफा में लगाया,
सोहणी मां, खेल रचा बैठी ॥
ऊँचे, पर्वत, गुफा न्यारी...

मेहंदी, लाल रंग की लगाई,
सिर पर, चुनरी लाल सजाई ॥
ओ संगत... जय हो ॥
दर्शन करने आई,
मां तू, मौज लगा बैठी ॥
ऊँचे, पर्वत, गुफा न्यारी...

मैया, करती शेर सवारी,
हमें, लगती बड़ी प्यारी ॥
ओ मैया... जय हो ॥
दर्शन दे एक बारी,
मुझे क्यों, याद भुला बैठी ॥
ऊँचे, पर्वत, गुफा न्यारी…

Uche Parvat Gufa Nyari Jithe Maa Bhawan Bana Baithi in English

Unche, Parvat, Gupha Nyaari, Jahaan Maan, Bhavan Bana Baithi ॥
यह भी जानें

Bhajan Maa Durga BhajanMata BhajanNavratri BhajanMaa Sherawali BhajanDurga Puja BhajanJagran BhajanMata Ki Chauki BhajanAshtami BhajanGupt Navratri Bhajan

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

नवीनतम भजन ›

मनोज मुंतशिर रचित भए प्रगट कृपाला दीनदयाला रीमिक्स

श्री राम जानकी कथा ज्ञान की, श्री रामायण का ज्ञान, भए प्रगट कृपाला दीनदयाला, कौसल्या हितकारी । जुग-जुग से हमने पलक बिछायी, तुम्हरी राह बुहारी

जिसकी लागी रे लगन भगवान में - भजन

जिसकी लागी रे लगन भगवान में, उसका दिया रे जलेगा तूफान में।

मिल कहो गर्व से हिन्दू है हम - भजन

मिल कहो गर्व से हिन्दू है हम, यह हिन्दूस्तान हमारा, था स्वामी जी का नारा..

रोम रोम में बस हुआ है एक उसी का नाम: भजन

रोम रोम में बसा हुआ है, एक उसी का नाम, तू जपले राम राम राम, तू भजले राम राम राम

बधैया बाजे आँगने में: भजन

बधैया बाजे आँगने में, बधैया बाजे आँगने मे II चंद्रमुखी मृगनयनी अवध की, तोड़त ताने रागने में, बधैया बाजे आँगने मे..

हे राम, हे राम - भजन

हे राम, हे राम, जग में साचो तेरो नाम, हे राम, हे राम, तू ही माता, तू ही पिता है

बजरंग बाण

निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करैं हनुमान॥

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP