श्री खीर भवानी दुर्गा मंदिर, जिसे रागन्या देवी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, कश्मीर के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है। श्रीनगर से लगभग 25 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में गांदरबल जिले के तुलमुल्ला गाँव में स्थित यह मंदिर माता रागन्या देवी (खीर भवानी) को समर्पित है। खीर शब्द का अर्थ है दूध और चावल से बनी खीर, जो मुख्य प्रसाद के रूप में देवी को चढ़ाई जाती है। यह प्रसाद देवी के साथ इतना गहराई से जुड़ गया कि उन्हें खीर भवानी के नाम से जाना जाने लगा।
श्री खीर भवानी दुर्गा मंदिर में दर्शन का समय
श्री खीर भवानी दुर्गा मंदिर पूरे सप्ताह खुला रहता है और दर्शन का समय सुबह 06:00 बजे से रात 08:00 बजे तक है।
श्री खीर भवानी दुर्गा मंदिर का मुख्य त्योहार
खीर भवानी मेला मंदिर का सबसे महत्वपूर्ण उत्सव है, जो ज्येष्ठ अष्टमी (मई-जून) के दौरान आयोजित किया जाता है। देश भर से हजारों भक्त, विशेषकर कश्मीरी पंडित, प्रार्थना करने और आशीर्वाद लेने के लिए इस मंदिर में आते हैं। यह अमरनाथ यात्रा के बाद कश्मीर में हिंदुओं के सबसे बड़े जमावड़ों में से एक है।
यह मंदिर
स्वामी विवेकानंद से गहराई से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने 1898 में इस मंदिर के दर्शन किए थे। मान्यता है कि उन्हें यहाँ एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव हुआ था, जिससे देवी माँ के प्रति उनका समर्पण और भी गहरा हो गया।
श्री खीर भवानी दुर्गा मंदिर कैसे पहुँचें
श्री खीर भवानी दुर्गा मंदिर गांदरबल ज़िले के तुलमुल्ला गाँव में स्थित है, जो श्रीनगर से लगभग 25 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में है। श्रीनगर से तुलमुल्ला गाँव तक नियमित टैक्सी और बस सेवाएँ उपलब्ध हैं। सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन श्रीनगर रेलवे स्टेशन है और सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (लगभग 30 किलोमीटर दूर) है।
प्रचलित नाम: रागन्या देवी मंदिर
बुनियादी सेवाएं
पेयजल, प्रसाद, सीसीटीवी सुरक्षा, जूता स्टोर, पार्किंग स्थल