श्री राम जन्मभूमि मंदिर भगवान विष्णु के सातवें अवतार श्रीरामचंद्र जी का अवतरण / जन्म स्थल है। उनका अवतरण त्रेता युग मे हुआ था।
पूर्व में भाजपा के उदय के लिए अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि का चुनावी मुद्दा होना सबसे बड़ा कारण था। अतः इस मंदिर का उत्तर प्रदेश की राजनीति में ही नही देश की राजनीति में अत्यधिक महत्ता है।
भगवान श्री राम को भारत के लोग अपने आदर्श पुरुष के रूप मानते हैं, तथा उनके प्रशासनिक कौशल को दुनियाँ मे सबसे उत्तम माना जाता है, और इस कौशल को राम-राज्य के नाम से संबोधित किया जाता है। मंदिर के ही समीप स्थित नदी को, भगवान
श्रीराम के मानव रूप त्याग कर वैकुण्ठ लोक प्रस्थान गमन स्थान के रूप मे मानते है।
मंदिर की देखरेख का दायित्व नवगठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा। माननीय प्रधान मंत्री नरेन्द्र भाई मोदी ने 5 अगस्त को अयोध्या में पूजन करके मंदिर निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ की है। मंदिर के वास्तु का दायित्व अहमदाबाद के चंद्रकान्त सोमपुरा जी वर्ष १९८६ से ही कर रहे हैं।
मंदिर के बारे मे जाने!
मेट्रियल: पत्थर
फ्लोर / तल: 3
फ्लोर / तल की ऊँचाई: 20 फीट
लंबाई: 360 फीट
चौड़ाई: 235 फीट
भूतल से मंदिर की ऊँचाई: 16.5 फीट
प्रमुख शिखर की ऊँचाई: 161 फीट
धरती के नीचे भूकम्प टेस्ट: 200 फीट
मंदिर निर्माण का कार्य लार्सन टुब्रो कम्पनी तथा सलाहकार के रूप में ट्रस्ट ने टाटा कंसल्टेंट इंजीनियर्स के द्वारा किया जा रहा है।
राम मंदिर का शिखर (Shikhar) विवरण
❀ मंदिर नागरा शैली (Nagara style) में बना है।
❀ मंदिर की कुल अधिकतम ऊँचाई 161 फीट है।
❀ यह तीन-मंजिला संरचना है; प्रत्येक मंज़िल लगभग 20 फीट ऊँची है।
भक्तिभारत के ख़बरों के अनुसार, मंदिर के शिखर (स्पायर) में सोने की परत चढ़ाई गई है, जिससे वह ऊपर से “स्वर्ण शिखर” जैसा दिखता है। यह दृश्य ऊपर से बेहद शानदार लगता है क्योंकि शिखर सूर्य की रोशनी में चमकता है।
शिखर की संख्या (Number of Shikharas)
❀ मंदिर में तीन शिखर हैं: एक मुख्य शिखर और दो सहायक शिखर है।
❀ मुख्य शिखर की ऊँचाई लगभग 128 फीट है और बाकी दो शिखर लगभग 76 फीट के हैं।
❀ मंदिर के शिखर और दीवारों पर नक्काशीदार मूर्तियाँ और कलाकृतियाँ हैं, जिन्हें मारु-गुर्जरा शैली की वास्तुकला तत्वों के साथ जोड़ा गया है।
❀ मंदिर का प्लेटफ़ॉर्म (“जगति”) ऊँचा है, जिससे शिखर और मंडप अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।
ध्वज का आकार और डिजाइन
❀ ध्वज का आकार लगभग 22 फीट लंबा × 11 फीट चौड़ा बताया गया है।
❀ ध्वज का रंग केसरिया (सफ्रॉन) है, और उस पर सूर्य, ओम, और कोविदर वृक्ष जैसे प्रतीक होंगे।
❀ डिजाइन में धार्मिक और ऐतिहासिक प्रतीकों का समावेश है, जिसे विशेष रूप से तैयार किया गया है।
❀ मंदिर के शीर्ष शिखर पर पलिस्कृत कांस्य (ब्रास) का ध्वजदंड लगाया गया है। इसकी लंबाई लगभग 42 फीट है।
❀ ध्वजदंड की वजह से मंदिर की कुल ऊँचाई अब लगभग 203 फीट हो गई है।
❀ ध्वजदंड में विशेष 360° घूमने वाला चेंबर और बॉल-बेयरिंग (गेंद असर संरचना) है, ताकि ध्वज हवा में सुरक्षित और स्थिर रहे।
❀ ध्वजदंड (flag pole) और ध्वज को मौसम (हवा) बढ़ने पर भी सुरक्षित रखने की इंजीनियरिंग की गई है (पुली सिस्टम, स्टील वायर, बैल-बेयरिंग) ताकि झंडा स्थिर रहे।
❀ ध्वज (flag) डिजाइन: केसरिया रंग, उस पर सूर्य और “ॐ” चिन्ह।
❀ झंडे का आकार लगभग 22 फीट × 11 फीट है।
❀ ध्वज का वजन ~ 11 किलोग्राम बताया गया है।
प्रतीकात्मक महत्व (Symbolic Significance)
❀ धर्म ध्वजा: राम मंदिर पर ध्वजा फहराना श्रद्धा, विजय और आध्यात्मिक ऊंचाई का प्रतीक है।
❀ केसरिया रंग: यह रंग हिंदू धर्म में शक्ति, त्याग और भक्ति का प्रतिनिधित्व करता है।
❀ प्रतीक चिन्ह (सूर्य, ओम, कोविदर वृक्ष): ये प्रतीक धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखते हैं और रामायण या हिंदू दर्शन से जुड़े हैं।
प्रचलित नाम: श्री राम जन्मभूमि मंदिर