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राम मंदिर अयोध्या के लिए दान/योगदान का प्रामाणिक तरीका (Authentic way to donate/contribute for Ram Mandir Ayodhya)

राम मंदिर अयोध्या के लिए दान/योगदान का प्रामाणिक तरीका
भारत मे सभी को राम मंदिर बनने की खुशी है, और सब इस ऐतिहासिक पल से स्वयं को जोड़कर देखना चाहते हैं।
पर सबसे बड़ी उलझन यह है कि, कैसे सहयोग करें?
बहुत सारी संस्थाएँ इस काम मे जुटी हुई हैं, सभी अपना-अपना कार्य अपने स्तर पर बहुत ही तत्परता से कर रहे हैं।

इन सभी प्रयासों के बाद भी भक्तों के बीच कुछ प्रश्न है, जिनका जबाब जानना भी अति आवश्यक है।

अतः भक्ति-भारत आपको मंदिर के सहयोग से जुड़ी जानकारियाँ सरल और सुलझे शब्दों मे आप तक पहुँचाने की कोशिश करेगा।

मंदिर नवनिर्माण का संछिप्त परिचय:
अयोध्या में माननीय प्रधान मंत्री द्वारा श्री राम जन्मभूमि कि भूमि पूजन के बाद, एक भव्य और दिव्य श्री राम मंदिर के निर्माण का कार्य आखिरकार शुरू हो गया है।

भारत सरकार ने ट्रस्ट को 1 रुपये की धनराशि देकर, भगवान श्री राम के भक्तों को खुले मन से योगदान करने के लिए प्रेरित किया है।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अयोध्या के श्री राम मंदिर निर्माण, रखरखाव एवं संचालन की सभी गतिविधियों का उत्तरदायित्व सौपा गया है। परन्तु मंदिर कितना भव्य, विशाल और अलौकिक बने यह सब श्री राम भक्तिजनो के योगदान पर निर्भर करेगा।

यदि आप राम मंदिर के निर्माण में दान करते हैं, तो इसका उपयोग कर एकत्र (collect tax) करने के लिए किया जा सकता है। सरकार ने राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट को दान पर वित्तीय वर्ष 2020-21 में कर छूट की घोषणा की है। यह ट्रस्ट अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनाया गया है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक अधिसूचना जारी कर कहा कि दान को धारा 80जी(80G) के तहत कर से छूट मिलेगी क्योंकि ट्रस्ट ऐतिहासिक महत्व का स्थान रखता है।

कैसे दान करें?: दान के लिए ट्रस्ट द्वारा स्थापित
Bank:
State Bank of India.
Branch: Naya Ghat Road, Ayodhya, Uttar Pradesh 224123.

PAN Number: AAZTS6197B

नकद जमा के लिए:
Current Account: 39161498809.

Cheque Deposit/Online Transfer:
Saving Account: 39161495808
IFSC CODE: SBIN0002510

Direct Online Transfer: https://srjbtkshetra.org/donate/
Other Direct Transfer Options: https://srjbtkshetra.org/donation-options/

** अकाउंट से जुड़ी सभी जानकारियाँ 18 जनवरी 2021 के आधार पर, ट्रस्ट की वेबसाइट से ली गई है, किसी भी प्रकार के परिवर्तन के लिए मुख्य वेबसाइट पर जानकारी प्राप्त करें। https://srjbtkshetra.org/

Authentic way to donate/contribute for Ram Mandir Ayodhya in English

How to cooperate for Ram temple? How to donate? Where to donate? Get to know all the options!
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अधर पणा अनुष्ठान आषाढ़ महीने त्रयोदशी तिथि पर पुरी जगन्नाथ मंदिर में आयोजित किया जाता है।

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आइए जानें! सावन शिवरात्रि से जुड़ी कुछ जानकारियाँ एवं सम्वन्धित कुछ प्रेरक तथ्य.. | सावन शिवरात्रि: Friday, 2 August 2024

कांवर यात्रा की परंपरा किसने शुरू की?

धार्मिक ग्रंथों में माना जाता है कि भगवान परशुराम ने ही कांवर यात्रा की शुरुआत की थी। इसीलिए उन्हें प्रथम कांवरिया भी कहा जाता है।

तुलाभारम क्या है, तुलाभारम कैसे करें?

तुलाभारम और तुलाभरा जिसे तुला-दान के नाम से भी जाना जाता है, एक प्राचीन हिंदू प्रथा है यह एक प्राचीन अनुष्ठान है। तुलाभारम द्वापर युग से प्रचलित है। तुलाभारम का अर्थ है कि एक व्यक्ति को तराजू के एक हिस्से पर बैठाया जाता है और व्यक्ति की क्षमता के अनुसार बराबर मात्रा में चावल, तेल, सोना या चांदी या अनाज, फूल, गुड़ आदि तौला जाता है और भगवान को चढ़ाया जाता है।

हिंदू धर्म में पूजा से पहले संकल्प क्यों लिया जाता है?

संकल्प का सामान्य अर्थ है किसी कार्य को करने का दृढ़ निश्चय करना। हिंदू धर्म में परंपरा है कि किसी भी तरह की पूजा, अनुष्ठान या शुभ कार्य करने से पहले संकल्प लेना बहुत जरूरी होता है।

भगवान जगन्नाथ के अलग-अलग बेश?

बेश एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ है पोशाक, पोशाक या पहनावा। 'मंगला अलाती' से 'रात्रि पहुड़' तक प्रतिदिन, पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर की 'रत्नवेदी' पर देवताओं को सूती और रेशमी कपड़ों, कीमती पत्थरों से जड़े सोने के आभूषणों, कई प्रकार के फूलों और अन्य पत्तियों और जड़ी-बूटियों से सजाया जाता है। जैसे तुलसी, दयान, मरुआ आदि। चंदन का लेप, कपूर और कभी-कभी कीमती कस्तूरी का उपयोग दैनिक और आवधिक अनुष्ठानों में किया जाता रहा है।

नेत्र उत्सव

नेत्रोत्सव रथ यात्रा से एक दिन पहले आयोजित किया जाता है।

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