🪔दिवाली - Diwali

Diwali Date: Monday, 24 October 2022
दीपावली भारत का सबसे बड़ा और सबसे प्रकाशमय त्यौहार है।

दीपावली भारत का सबसे बड़ा और सबसे प्रकाशमय त्यौहार है। राक्षस राज रावण (लंका के अधिपति) पर विजय प्राप्त कर, 14 साल वनवास व्यतीत करके मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम, उनकी पत्नी माता सीता और उनके भाई श्री लक्ष्मण के अयोध्या वापस लौटने की खुशी व सम्मान में मनाया जाता है। दिवाली को अंग्रेजी में प्रकाश का त्योहार भी कहा जाता है।

दिवाली त्यौहार आध्यात्मिक रूप से अंधेरे पर प्रकाश की जीत को दर्शाता है। त्यौहार की तैयारी और अनुष्ठान आम तौर पर पांच दिन की अवधि में मनाए जाते हैं, लेकिन दिवाली का मुख्य त्यौहार रात के अंधेरे तथा प्रतिपदा के नये चंद्रमा की रात के साथ मनाया जाता है।

देवी लक्ष्मी, भगवान गणेश, भगवान कुबेर, भगवान यमराज, भगवान धनवंतरी, भगवान हनुमान, देवी काली, देवी सरस्वती, भगवान कृष्ण और दानव राजा बाली दिवाली के दौरान पूजा के सबसे प्रमुख नाम हैं।

संबंधित अन्य नाम
धनतेरस, धनत्रयोदशी, महालक्ष्मी पूजा, गोवर्धन पूजा, नरक चतुर्दशी, अन्नकुट पूजा, भाई दूज, भैया दूजी, भाई टीका

Diwali in English

Diwali, English Meaning: Festival of Lights also known as Deepawali is the biggest and the brightest festival in India.

धनतेरस

2 November 2021
धनतेरस को धनत्रयोदशी भी कहा जाता है, इस दिन धन और समृद्धि की देवी माँ लक्ष्मी एवं स्वास्थ्य और चिकित्सा के देवता धनवंतरी का जन्मदिन मनाया जाता है।

धनतेरस मुख्यतया खरीदारी के दिन के रूप मे मानते हैं, विशेष रूप से सोने और चांदी के लिए है। व्यापारी और खुदरा विक्रेताओं को शेयर बिक्रेता इस दिन के लिए तैयारी करते हैं। कुछ लोग अपनी जीविका, समृद्धि के अपने स्रोत, अपनी दुकानों और काम के स्थान को सजाकर शाम का लक्ष्मी पूजन करते हैं।

बड़ी दीवाली

3 November 2021
बड़ी दीवाली नरक चतुर्दशी, रूप चतुर्दशी, रूप चौदस और काली चौदस के रूप में भी जानी जाती है। आमतौर पर नरक चतुर्दशी से पहले, घर की सजावट और रंगीन रंगोली बनाकर मानते हैं। उत्तर भारत में लोग घी का दीपक घर के बाहर जलाकर, इस दिन को बड़ी दीवाली के रूप मे मानते हैं।

छोटी दीवाली

4 November 2021
इस दिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम, उनकी पत्नी माता सीता और उसके भाई श्री लक्ष्मण के द्वारा राक्षस राजा रावण पर विजय के बाद 14 साल वनवास (14 साल के निर्वासन) से वापसी की खुशी में मानते हैं। लोग नए या अपने सबसे अच्छे कपड़े पहिन कर शाम को सभी लोगों से आदर-भाव से भेंट करते हैं। दीये जलाते हैं। दिवाली के दिन श्री गणेश एवं माँ लक्ष्मी पूजन के साथ-साथ अपने-अपने ईष्ट देवी-देवताओं की पूजा करते हैं।

एसा माना जाता है, कि माँ लक्ष्मी दीवाली की रात को पृथ्वी पर घूमने के लिए आतीं है। इसलिए लोग दीवाली की रात को, अपने दरवाजे और खिड़कियां माँ लक्ष्मी के स्वागत के लिए खुला छोड़ देते हैं।

भारत के कुछ हिस्से में दीपावली नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के रूप में भी मनाया जाता है। व्यापारी और दुकानदार अपने पुराने साल के खातों को बंद करते हैं, एवं लक्ष्मी जी और अन्य देवताओं के आशीर्वाद के साथ नये वित्त वर्ष की शुरुआत करते हैं।

सिख संप्रदाय में लोग दीपावली को बंदी छोर दिवस के रूप में भी मनाते हैं, तथा जैन समाज इस त्यौहार को भगवान महावीर जी की स्मृति के रूप में मानते हैं।

गोवर्धन पूजा

5 November 2021
जब भगवान श्री कृष्ण ने स्वर्ग के राजा इंद्र को उनके घमंड चूर करने के लिए गोवर्धन पर्वत उठा कर पराजित किया, तब से गोवर्धन पूजा मनाई जाती है। गोवर्धन पूजा, अन्नकुट पूजा के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन गेहूं, चावल जैसे अनाज से बना भोजन, बेसन से बनी करी और पत्तेदार सब्जियों को पकाया जाता है, एवं भगवान कृष्ण को भोग स्वरूप खिलाया जाता है। ब्रज में इस दिन भगवान को 56 प्रकार के भोग लगाने की परंपरा है।

भाई दूज

6 November 2021
त्योहार का अंतिम दिन भाई दूज, भैया दूजी या भाई टीका के रूप मे मनाया जाता है। यह बहन-भाई के प्यारे रिश्ते से जुड़े रक्षाबंधन की तरह, लेकिन कुछ विभिन्न अनुष्ठानों के साथ मनाया जाता है। यह धार्मिक दिन भाई - बहन के प्रेम की घनिष्ठता को जीवंत करता है।

इस दिन को यम द्वितीया भी कहते हैं। भाई दूज के दिन से ही पांच दिवसीय दीवाली उत्सव का समापन हो जाता है। यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन बहनें रोली एवं अक्षत से अपने भाई का तिलक कर उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीष देती हैं। साथ ही भाई अपनी बहन को कुछ उपहार या दक्षिणा देता है। भैया दूज पर्व को मनाने की विधि हर जगह एक जैसी नहीं है। उत्तर भारत में, इस दिन बहनें भाई को अक्षत व तिलक लगाकर नारियल देती हैं वहीं पूर्वी भारत में बहनें शंखनाद के बाद भाई को तिलक लगाती हैं और भेंट स्वरूप कुछ उपहार देती हैं।

गंगा पूजे यमुना को यमी पूजे यमराज को, सुभद्रा पूजा कृष्ण को, गंगा यमुना नीर बहे मेरे भाई की आयु बढ़े।

मान्यता है कि, इस दिन शाम के समय बहनें यमराज के नाम से चौमुख दीया जलाकर घर के बाहर रखती हैं। इस समय ऊपर आसमान में चील उड़ता दिखाई दे तो बहुत ही शुभ माना जाता है। माना जाता है कि बहनें भाई की आयु के लिए जो दुआ मांग रही हैं उसे यमराज ने स्वीकार कर लिया है या चील जाकर यमराज को बहनों का संदेश सुनाएगा।

दीवाली के अन्य नाम

असमिया: দীপাৱলী, दीपाबोली / दीपाली, बंगाली: দীপাবলি/দীপালি, गुजराती: દિવાળી, कन्नड: ದೀಪಾವಳಿ, Konkani: दिवाळी, मलयालम: ദീപാവലി, मराठी: दिवाळी, ओड़िया: ଦିପାବଳୀ, पंजाबी: ਦੀਵਾਲੀ, सिंधी: दियारी‎, तमिल: தீபாவளி, तेलुगु: దీపావళి, नेपाली: स्वन्ति or तिहार

बंदी छोड़ दिवस (ਬੰਦੀ ਛੋੜ ਦਿਵਸ)

4 November 2021
बंदी छोड़ दिवस (ਬੰਦੀ ਛੋੜ ਦਿਵਸ) (लिबरेशन डे) एक सिख त्यौहार है जो दिवाली के दिन ही मनाया जाता है। बंदी छोड़ दिवस छठे गुरु, गुरु हरगोबिंद के ग्वालियर और उनके साथ 52 अन्य राजकुमारों के जेल से रिहाई पर मनाते हैं।

बंदी शब्द का हिन्दी अर्थ कैदी, छोड़ को रिहाई और दिवस का मतलब दिन है। बंदी छोड़ दिवस को कैदियों को जेल से आजादी वाले दिन के रूप में मनाया जाता है।

गुरु अमर दास ने इस त्यौहार के लिए दिवाली का चयन किया, जिसे बाद में बंदी छोड़ दिवस के रूप में संदर्भित किया गया, सिखों द्वारा मनाए जाने वाले तीन प्रसिद्ध त्यौहारों में से एक है यह त्यौहार, अन्य त्यौहारों में माघी और वैसाखी हैं।

दीवाली की तैयारी

» घर और व्यवसाय परिसर को आम तौर पर नए सफेदी या ताजा पेंट देकर साफ करें ।
» रंगोली डिजाइनों के पारंपरिक रूपांकनों का उपयोग करके अपने घर या व्यवसाय को रंगीन बनाने के लिए प्रवेश मार्ग बनाएं ।
» नए कपड़े, गहने और बड़ा या छोटा नए घरेलू सामान खरीदें ।
» शाकाहारी भोजन तैयार करें, पारंपरिक घर की बनी मिठाई तैयार करें ।
» कई देवताओं की पूजा करें ।
» घी और वनस्पति तेल के साथ दिए जलाएं, चमचमाते बिजली के लैंप के साथ घर सजाएँ ।
» धन प्राप्ति के लिए दिवाली के उपाय आजमाएँ ।
» अपने भाई-बहनों की देखभाल, रिश्तेदारों और पारिवारिक दोस्तों से मिलने, मिठाई बांटने, ड्राई-फ्रूट्स और उपहार की देखभाल करें ।
» दिवाली की शुभकामनाओं के आदान-प्रदान के लिए दूर के परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और दोस्तों को बुलाना दिवाली के दौरान सबसे आम गतिविधियाँ हैं ।

संबंधित जानकारियाँ

भविष्य के त्यौहार
12 November 2023
आवृत्ति
वार्षिक
समय
5 दिन
सुरुआत तिथि
कार्तिक कृष्णा त्रयोदशी
समाप्ति तिथि
कार्तिक शुक्ला द्वितीया
महीना
अक्टूबर / नवंबर
प्रकार
सार्वजनिक अवकाश
कारण
प्रभु श्री राम, पत्नी माता सीता एवं भाई के 14 साल के वनवास के बाद वापस लौटने की खुशी में।
उत्सव विधि
लक्ष्मी पूजन, हनुमान पूजा, माँ काली पूजा, गोवर्धन पूजा, मिठाइयों का वितरण, दिए-रोशनी-लाइट, शॉपिंग, घरों एवं दुकान की सजावट तथा मरम्मत।
महत्वपूर्ण जगह
घर, दुकानें, मंदिर, भारत, नेपाल, श्रीलंका, फिजी, गुयाना, मलेशिया, मॉरीशस, म्यांमार, सिंगापुर।
पिछले त्यौहार
Bhai Duj: 6 November 2021, Govardhan Puja: 5 November 2021, Diwali: 4 November 2021, Badi Diwali: 3 November 2021, Dhanteras: 2 November 2021
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