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Makar Sankranti 2019


Updated: Jan 12, 2018 16:26 PM About | In Hindi | History | Dates | Read Also


Upcoming Event: 14 January 2019
मकर संक्रांति (Makar Sankranti) festival is dedicated to the Hindu god Surya. When Sun shifted from dahanu to makar rashi or dakshinayan to uttarayan.

मकर संक्रांति (Makar Sankranti) festival is dedicated to the Hindu god Surya. When Sun shifted from dahanu to makar rashi or dakshinayan to uttarayan. Sankranti means the passing of the sun from one zodiac to the other one. Most of the Hindu festival celebrated as per moon position but this festival celebrated on the basic of Sun. Therefore no fix date declared as per Hindu Panchang.

Makara makes the end of the winter season and the start of longer days compare to winter. On this festival people pray to the sun and bathe at the Prayaga Raj at the Kumbh Mela as per Adi Shankara and in *Ganga Sagar. Traditionaly devotees took holy dip in rivers, especially Ganga, Yamuna, Godavari, Krishna and Cauvery.

In different part of Indian, Makar Sankranti celebrated with different name. Sankranti in Karnataka, Pongal in Tamil Nadu and Kerala, Maghi in Punjab and Haryana, Uttarayana in Gujarat and Rajasthan and Uttarayani in Uttarakhand.

Related Name
Sankranthi, पोंगल, Pongal, उत्तरायण, Uttarayana, Maghi, माघे सङ्क्रान्ति, Maghe Sankranti

हिन्दी मे जानिए मकर संक्रांति के बारे मे

मकर संक्रांति त्योहार, हिंदुओं के देव सूर्य को समर्पित है। जब सूर्य धनु से मकर राशि या दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर स्थानांतरित होता है, तब संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है. संक्रांति का मतलब है, सूरज का एक राशि से दूसरी राशि मे प्रवेश करना है। अधिकांश हिंदू त्यौहार चंद्रमा की स्थिति के अनुसार मनाये जाता हैं, लेकिन यह त्यौहार सूर्य के चारों तरफ प्रथ्वी के चक्र की स्थति के अनुसार मनाया जाता है। इसलिए हिंदू पंचांग के अनुसार कोई तय तिथि घोषित नहीं की जा सकती है।

मकर सर्दियों के मौसम का अंत माना जाता है, और सर्दियों की तुलना में, लम्बे दिनों की शुरुआत होजाती है। इस त्यौहार पर लोग सूर्य की प्रार्थना करते हैं और आदि गुरु शंकराचार्य के अनुसार गांगजी, गंगा सागर, कुंभ और प्रयाग राज में स्नान करना चाहिए। परंपरा के अनुसार भक्त नदियों विशेषकर गंगा, यमुना, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी में डुबकी लगाते है।

भारत के अलग-अलग हिस्से में मकर संक्रांति विभिन्न नामों के साथ मनाई जाती है, कर्नाटक में संक्रांति, तमिलनाडु और केरल में पोंगल, पंजाब और हरियाणा में माघी, गुजरात और राजस्थान में उत्तरायण एवं उत्तराखंड मे उत्तरायणी के नाम से जानी जाती है।

मकर संक्रांति से जुड़ी पौराणिक कथाएं

प्रशंग 1: चूंकि, शनिदेव मकर राशि के स्वामी हैं, कहा जाता है कि इस दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उसके घर जाया करते हैं। अत: इस दिन को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है।

प्रशंग 2: मकर संक्रांति के दिन ही गंगाजी भागीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में जा उनसे मिली थीं। यह भी कहा जाता है कि गंगा को धरती पर लाने वाले महाराज भगीरथ ने अपने पूर्वजों के लिए इस दिन तर्पण किया था। उनका तर्पण स्वीकार करने के बाद इस दिन गंगा समुद्र में जाकर मिल गई थी। इसलिए मकर संक्रांति पर गंगा सागर में मेला लगता है।

प्रशंग 3: महाभारत के महान योद्धा भीष्म पितामह ने अपनी देह त्यागने के लिए , सूर्य के मकर राशि मे आजाने तक इंतजार किया था।

प्रशंग 4: इस दिन भगवान विष्णु ने असुरों का अंत कर युद्ध समाप्ति की घोषणा की एवं सभी असुरों के सिरों को मंदार पर्वत के नीचे दबा दिया था। इस प्रकार यह दिन बुराइयों और नकारात्मकता के अंत का दिन भी माना जाता है।

प्रशंग 6: माता यशोदा ने जब कृष्ण जन्म के लिए व्रत किया था तब सूर्य देवता उत्तरायण काल में पदार्पण कर रहे थे और उस दिन मकर संक्रांति थी। माना जाता उसी दिन से मकर संक्रांति व्रत का प्रचलन सुरू हुआ।

Information

Futures Dates
14 January 202014 January 2022
Frequency
Yearly / Annual
Duration
1
Begins (Tithi)
Paush / Magha
Ends (Tithi)
Paush / Magha
Months
January
Celebrations
Sun Worship, Eating Til-Gud, Eating Khichdi खिचड़ी, Daan, Dakshina, Dip in Ganges, Holy Bath, Kite Flying, Melas.
Imp Places
Prayaga Raj, Ganga Sagar, Holy Rivers.
Past Dates
14 January 2018, 14 January 2017, 14 January 2016

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