श्री सोराकायला स्वामी मंदिर आंध्र प्रदेश के तिरुपति के पास नारायणवनम में स्थित एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक तीर्थस्थल है। यह मंदिर अवधूत संत श्री सोराकायला स्वामी को समर्पित है, जिनके बारे में माना जाता है कि उनमें दिव्य उपचार शक्तियां और आध्यात्मिक ऊर्जा है। तेलुगु में \"सोराकाय\" का अर्थ लौकी होता है।
श्री सोराकायला स्वामी मंदिर का इतिहास और वास्तुकला
श्री सोराकायला स्वामी मंदिर अपनी शाश्वत अग्नि (धूनी) के लिए प्रसिद्ध है। भक्तों का मानना है कि प्रसाद के रूप में वितरित की जाने वाली विभूति (पवित्र राख) में शारीरिक और मानसिक रोगों के लिए चमत्कारी उपचार गुण होते हैं। मंदिर में श्री सोराकायला स्वामी की जीव समाधि है। यह मंदिर कल्याणा वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के सामने स्थित है।
श्री सोराकायला स्वामी हमेशा अपने साथ एक लौकी रखते थे और स्थानीय भक्तों के रोगों को ठीक करने के लिए औषधियाँ, हल्दी और जड़ी-बूटियाँ देते थे। भक्त मंदिर में लौकी (तेलुगु में सोराकाय) चढ़ाते हैं।
9 अगस्त, 1902 को संत ने इसी स्थान पर जीव समाधि (जीवित समाधि की अवस्था) ग्रहण की। उनके विश्राम स्थल पर एक मंदिर का निर्माण किया गया।
भक्त निम्नलिखित समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए यहां आते हैं:
❀ नकारात्मक ऊर्जा
❀ मानसिक तनाव
❀ काला जादू का प्रभाव
❀ स्वास्थ्य और जीवन संबंधी समस्याएं
श्री सोराकयाला स्वामी मंदिर दर्शन समय
श्री सोराकयाला स्वामी मंदिर पूरे सप्ताह खुला रहता है और दर्शन का समय सुबह 6:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक है।
श्री सोराकयाला स्वामी मंदिर के प्रमुख त्यौहार
श्री सोराकयाला स्वामी मंदिर में आराधना गुरु पूजा महोत्सव यहां का प्रमुख त्यौहार है, जो गरुड़ पंचमी तिथि को मनाया जाता है।
श्री सोराकयाला स्वामी मंदिर कैसे पहुंचें
श्री सोराकयाला स्वामी मंदिर आंध्र प्रदेश के तिरुपति के पास नारायणवनम में स्थित है। यह स्थान सड़क और स्थानीय परिवहन द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है। तिरुपति से यह मंदिर लगभग 38 किलोमीटर दूर है, और पुत्तूर रेलवे स्टेशन से लगभग 5 किलोमीटर दूर है। तिरुपति अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा है।
प्रचलित नाम: सोराकायला स्वामी
बुनियादी सेवाएं
पेयजल, प्रसाद, सीसीटीवी सुरक्षा, जूता स्टोर, पार्किंग स्थल