नवरात्रि विशेष 2026 - Navratri Specials 2026
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

वेंकटाचल निलयं (Venkatachala Nilayam)


वेंकटाचल निलयं
वेंकटाचल* निलयं वैकुण्ठ पुरवासं
पङ्कज नेत्रं परम पवित्रं
शङ्क चक्रधर चिन्मय रूपं
वेंकटाचल निलयं वैकुण्ठ पुरवासं
पङ्कज नेत्रं परम पवित्रं
शङ्क चक्रधर चिन्मय रूपं

अम्बुजोद्भव विनुतं अगणित गुण नामं
तुम्बुरु नारद गानविलोलं

वेंकटाचल निलयं वैकुण्ठ पुरवासं
पङ्कज नेत्रं परम पवित्रं
शङ्क चक्रधर चिन्मय रूपं

मकर कुण्डलधर मदनगोपलं
भक्त पोषक श्री पुरन्दर विठलं

वेंकटाचल निलयं वैकुण्ठ पुरवासं
पङ्कज नेत्रं परम पवित्रं
शङ्क चक्रधर चिन्मय रूपं

वेंकटाचल निलयं -[i] *वेङकटाचलनिलयम्[/i]

Venkatachala Nilayam in English

Venkatachala Nilayam Vaikuntha Purvasam, Pankaj Netram Param Pavitram, Shanka Chakradhar Chinmaya Roopam
यह भी जानें

Mantra Shri Vishnu MantraNarayan MantraMangalam MantraShri Hari MantraShri Ram MantraShri Krishna MantraSinger Aishwarya Srinivas MantraSouth Indian MantraTirupati Balaji MantraTirupati MantraTirumala Mantra

अन्य प्रसिद्ध वेंकटाचल निलयं वीडियो

Raghuram Manikandan

Ragam: Sindhubhairavi By Sivasri Skandaprasad

Jayashree Rajeev

अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।

मंत्र ›

महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् - अयि गिरिनन्दिनि

अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते, गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते । महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् नवरात्रि के दौरान माता रानी का सबसे ज्यादा सुना और पढ़ा जाने वाला संस्कृत श्लोक है

श्री विन्ध्येश्वरी स्तोत्रम्

निशुम्भ शुम्भ गर्जनी, प्रचण्ड मुण्ड खण्डिनी । बनेरणे प्रकाशिनी, भजामि विन्ध्यवासिनी ॥ त्रिशूल मुण्ड धारिणी..

माँ दुर्गा देव्यापराध क्षमा प्रार्थना स्तोत्रं

माँ दुर्गा की पूजा समाप्ति पर करें ये स्तुति, तथा पूजा में हुई त्रुटि के अपराध से मुक्ति पाएँ। आपत्सु मग्न: स्मरणं त्वदीयं..

दुर्गा पूजा पुष्पांजली

प्रथम पुष्पांजली मंत्र ॐ जयन्ती, मङ्गला, काली, भद्रकाली, कपालिनी।

आदित्य-हृदय स्तोत्र

ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम् । रावणं चाग्रतो दृष्टवा युद्धाय समुपस्थितम् ॥ दैवतैश्च समागम्य द्रष्टुमभ्यागतो रणम् ।

श्री हनुमान स्तवन - श्रीहनुमन्नमस्कारः

प्रनवउँ पवनकुमार खल बन पावक ज्ञानघन ।.. गोष्पदी कृत वारीशं मशकी कृत राक्षसम् ।..

श्री चण्डी-ध्वज स्तोत्रम्

धन राज्य सुख देने वाला माँ चण्डिका का स्तोत्र। ॐ श्रीं नमो जगत्प्रतिष्ठायै देव्यै भूत्त्यै नमो नमः । परमानन्दरुपिण्यै नित्यायै सततं नमः॥१॥

Navratri Specials 2026 - Navratri Specials 2026
Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Bhakti Bharat APP