देवी तारा: मन्त्र (Devi Tara Mantra)


1. एकाक्षरी तारा मन्त्र (1 अक्षर वाला मन्त्र)
ॐ त्रीं
2. तीन अक्षरी तारा मन्त्र (3 अक्षरों वाला मन्त्र)
ॐ हूं स्त्रीं हूं॥

3. चतुराक्षर तारा मन्त्र (4 अक्षरों वाला मन्त्र)
ॐ ह्रीं ह्रीं स्त्रीं हूं॥

4. पञ्चाक्षरी तारा मन्त्र (5 अक्षरों वाला मन्त्र)
ॐ ह्रीं त्रीं ह्रुं फट्॥

5. षडाक्षर तारा मन्त्र (6 अक्षरों वाला मन्त्र)
ऐं ॐ ह्रीं क्रीं हूं फट्॥

6. सप्ताक्षर तारा मन्त्र (7 अक्षरों वाला मन्त्र)
ॐ त्रीं ह्रीं, ह्रूं, ह्रीं, हुं फट्॥

7. हँस तारा मन्त्र
ऐं स्त्रीं ॐ ऐं ह्रीं फट् स्वाहा॥

चैत्र नवरात्रि 2026 तिथि

Chaitra Navratri 2026 Dates
दिन तिथि नवरात्रि में देवी के नाम रँग
19 मार्च अमावस्या माता शैलपुत्री पूजा, नवरात्रि घटस्थापना, नववर्ष पीला
20 मार्च द्वितीया माता ब्रह्मचारिणी पूजा, चेटी चंड हरा
21 मार्च तृतीया माता चंद्रघंटा पूजा, मत्स्य जयन्ती, गणगौर स्लेटी
22 मार्च चतुर्थी माता कुष्मांडा पूजा नारंगी
23 मार्च पंचमी माता स्कंद माता पूजा, लक्ष्मी पंचमी सफ़ेद
24 मार्च षष्ठी माता कात्यायनी पूजा, यमुना छठ लाल
25 मार्च सप्तमी माता कालरात्रि पूजा गहरा नीला
26 अप्रैल अष्टमी माता महागौरी पूजा, दुर्गा अष्टमी, अन्नपूर्णा अष्टमी गुलाबी
27 मार्च नवमी माता सिद्धिदात्री पूजा, राम नवमी, नवरात्रि पारण, स्वामीनारायण जयंती बैंगनी
माता के भजन | दुर्गा चालीसा | माता आरती | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | नवरात्रि विशेष | दिल्ली में माता रानी के मंदिर
Devi Tara Mantra - Read in English
1. Ekakshari Tara Mantra, Om Treem
Mantra Devi Tara Mantra MantraDevi Tara MantraNavratri MantraTara Jayanti MantraDurga Puja MantraMaa Tara Mantra
अगर आपको यह मंत्र पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!


* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

मंत्र ›

देवी तारा: मन्त्र

1. एकाक्षरी तारा मन्त्र, ॐ त्रीं

दैनिक हवन-यज्ञ विधि

दैनिक हवन-यज्ञ करने की सही और सरल विधि। और जानें मंत्रों का समयानुसार सही उपयोग उनके भावार्थ के साथ...

ईश्वर स्तुति प्रार्थना उपासना मंत्र

ईश्वर स्तुति प्रार्थना उपासना मंत्र, ओ३म् भूर्भुव: स्व: । तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो न: प्रचोदयात् ॥ तूने हमें उत्पन्न किया, पालन कर रहा है तू ।

माँ दुर्गा देव्यापराध क्षमा प्रार्थना स्तोत्रं

माँ दुर्गा की पूजा समाप्ति पर करें ये स्तुति, तथा पूजा में हुई त्रुटि के अपराध से मुक्ति पाएँ। आपत्सु मग्न: स्मरणं त्वदीयं..

विष्णु सहस्रनाम: M.S.Subbulakshmi

भगवान श्री विष्णु के 1000 नाम! विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने वाले व्यक्ति को यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता...