Haanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

बुद्ध पूर्णिमा 2022 (Buddha Purnima 2022)

बुद्ध पूर्णिमा 2022
बुद्ध पूर्णिमा को वैशाख पूर्णिमा भी कहा जाता है। यह गौतम बुद्ध की जयंती है और उनका निर्वाण प्राप्ति दिवस भी है। इसी दिन भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। आज विश्व में बौद्ध धर्म को मानने वाले 50 करोड़ से अधिक लोग इस दिन को बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। बुद्ध हिंदू धर्म के लिए विष्णु के नौवें अवतार हैं। इसलिए इस दिन को हिंदुओं के लिए भी पवित्र माना जाता है।
बिहार में बोधगया नामक स्थान हिंदुओं और बौद्धों के लिए एक पवित्र तीर्थ स्थान है। यहां भगवान बुद्ध ने कठोर तपस्या की और अंत में वैशाख पूर्णिमा के दिन बोधि वृक्ष के नीचे उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई। तभी से इस दिन को बुद्ध पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है।

बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे बड़ा त्योहार है। विभिन्न देशों में, देश के रीति-रिवाजों और संस्कृति के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा समारोह आयोजित किए जाते हैं।

शुभ मुहूर्त
बुद्ध पूर्णिमा 16 मई 2022 को मनाई जायेगी
वैशाख पूर्णिमा शुभ मुहूर्त की शुरुआत - 15 मई 2022 (12:45 PM से)
वैशाख पूर्णिमा शुभ मुहूर्त की समाप्ति - 16 मई 2022 ( 09:45 PM तक)

हिंदू धर्म के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है बुद्ध पूर्णिमा:
हिंदू शास्त्रों में वर्णित है कि इस दिन भगवान बुद्ध ने अवतार लिया था, जो भगवान विष्णु के नौवें अवतार है। इसलिए बुद्ध पूर्णिमा न केवल बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए बल्कि हिंदू धर्म को मानने वालों के लिए भी महत्वपूर्ण है। कहा जाता है कि इस दिन दान करने से बहुत लाभ होता है।

हिंदू धर्म के अनुयायी इस दिन पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। पितरों की आत्मा की शांति के लिए दान करते हैं।

बुद्ध पूर्णिमा के दिन बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों के घरों में रोशनी की जाती है और घर को फूलों से सजाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन धार्मिक कार्य करने से विशेष लाभ मिलता है।

Buddha Purnima 2022 in English

Buddha Purnima is also called Vaishakh Purnima. It is the birth anniversary of Gautam Buddha and also his Nirvana day. Bhagwan Buddha attained enlightenment on this day.
यह भी जानें
बुद्ध पूर्णिमा 2022 - Buddha Purnima 2022

Blogs Buddha Purnima BlogsVaishakh Purnima BlogsBhagwan Buddha Blogs

अगर आपको यह ब्लॉग पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस ब्लॉग को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

ब्लॉग ›

मंडला पूजा क्या है?

मंडला पूजा, शास्त्रों में निर्धारित सभी तपस्या और दिनचर्या के साथ 41 दिनों की लंबी अवधि पूरे कठोर रीती रिवाज़ के साथ पालन किया जाने वाला अनुष्ठान है।

साध्वी का क्या अर्थ है?

साध्वी एक संस्कृत शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ है "गुणी महिला" और उन महिलाओं को संदर्भित करता है जिन्होंने अपनी संसार का मोह को त्याग दिया है और आध्यात्मिक जीवन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए समाज से अलग रहना चुना है। उनका जीवन भगवान के प्रति समर्पण और समाज के लिए सेवा का एक उल्लेखनीय संयोजन है। साध्वी मानते ​​है कि “मानवता की सेवा भगवान की सेवा है” और अपने जीवन भगवान के प्रति समर्पण करलेते हैं।

शकुनि से जुड़ी कुछ जानकारियाँ..

शकुनि के पिता, माता, पत्नी, बेटे का क्या नाम था? युद्ध में सहदेव ने वीरतापूर्वक युद्ध करते हुए शकुनि और उलूक को घायल कर दिया और देखते ही देखते उलूक का वध दिया।

भारतीय ऋतुएँ

सभी ऋतुओं की बात करें तो एक वर्ष में कुल छह ऋतुएँ होती हैं। इस मामले में, प्रत्येक मौसम की अवधि दो महीने है।

हिंदू परंपरा में गोत्र का महत्व

गोत्र हिंदू परंपरा की एक अवधारणा है जो किसी व्यक्ति के पैतृक वंश या कुल को संदर्भित करती है, जिसे आमतौर पर पुरुष वंश (पिता → दादा → परदादा, इत्यादि) के माध्यम से खोजा जाता है।

पूजा और आरती में अंतर

हिन्दू धर्म में पूजा पाठ का विशेष महत्व है। पूजा के माध्यम से लोग भगवान के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करते हैं और परिणामस्वरूप उनकी मनोकामना पूरी होती है। लोग दिन के अनुसार प्रत्येक भगवान की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। पूजा भगवान के प्रति समर्पण दिखाने के लिए की जाती है और इसके बाद आरती की रस्म होती है।

महाकुंभ में प्रसिद्ध अखाड़े

महाकुंभ की शान हैं अखाड़े। महाकुंभ में अखाड़े केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। तपस्वियों, संतों और आध्यात्मिक अभ्यासकर्ताओं से बने ये समूह भारत की आध्यात्मिक परंपराओं में गहराई से निहित हैं।

Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP