मंदिर (English: Mandir, Gujarati: મંદિર, Bengali: মন্দির, Telugu: మందిరం, Malayalam: ക്ഷേത്രം, Kannada: ದೇವಸ್ಥಾನ) and gurudwara is the Hindu, Buddhist and Jain name for a place of worship or prayer. A space and structure designed to bring human beings and Gods together, infused with symbolism to express the ideas and beliefs. Bhakti Bharat Celebrating 600+ Temples.
काशी विश्वनाथ @Varanasi Uttar Pradesh
विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी में स्थित है। भगवान शिव का यह मंदिर उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में गंगा नदी के तट पर स्थित है। काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
| ◉ बारह ज्योतिर्लिंग के बीच में उत्तर प्रदेश का एक मात्र ज्योतिर्लिंग। |
| ◉ भगवान शिव को विश्वेश्वर के नाम से भी जाना जाता है। |
| ◉ मोदी सरकार द्वारा नव-निर्मित काशी विश्वनाथ कॉरिडॉर। |
बाबा बैद्यनाथ मंदिर @Deoghar Jharkhand
बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर, जिसे आमतौर पर बैद्यनाथ धाम के रूप में भी जाना जाता है, भगवान शिव का सबसे पवित्र निवास माना जाता है। झारखंड के देवघर में स्थित बैद्यनाथ धाम बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
| ◉ बारह ज्योतिर्लिंग के बीच में झारखंड का एक मात्र ज्योतिर्लिंग। |
| ◉ माता सती के 52 शक्तिपीठों में से एक, माता का हृदय विराजमान है। |
रामेश्वरम @Rameswaram Tamil Nadu
रामेश्वरम भारत के चार तीर्थ स्थानों में से एक, चार धाम, यह हर जगह से भगवान शिव के अनुयायियों को अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार रामनाथस्वामी मंदिर में स्थापित ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के लिए आते है।
| ◉ रामेश्वरम, बद्रीनाथ, पुरी, द्वारका सहित सबसे पवित्र हिंदू चार धाम स्थलों में से एक है। |
| ◉ मंदिर के प्राथमिक देवता लिंगम के रूप में रामनाथस्वामी (शिव) हैं। |
| ◉ बारह ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से एक रामेश्वरम भी है। |
| ◉ रामनाथस्वामी मंदिर का इतिहास और वास्तुकला महान है। |
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग @Trimbak Maharashtra
श्री त्रंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग तीन छोटे-छोटे लिंग ब्रह्मा, विष्णु और शिव प्रतीक स्वरूप, त्रि-नेत्रों वाले भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
| ◉ बारह ज्योतिर्लिंग के बीच में महाराष्ट्र का पहला ज्योतिर्लिंग। |
| ◉ कालसर्प शांति, त्रिपिंडी विधि और नारायण नागबलि पूजा का प्रमुख स्थान। |
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग @Bhimashankar Maharashtra
श्री भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। मंदिर के गर्भग्रह के सामने नंदी महाराज एवं कच्छप देव विराजमान हैं।
| ◉ बारह ज्योतिर्लिंग के बीच में महाराष्ट्र का दूसरा ज्योतिर्लिंग। |
| ◉ 200 सीढ़ियों की उतराई के पश्चात दर्शन। |
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग @Ellora Maharashtra
घृष्णेश्वर मंदिर शिव का एक ज्योतिर्लिंग मंदिर है जो महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में एलोरा गुफाओं के पास स्थित है। इस मंदिर को अंतिम या बारहवां ज्योतिर्लिंग (प्रकाश का लिंग) माना जाता है।
| ◉ घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग को अंतिम या बारहवां ज्योतिर्लिंग (प्रकाश का लिंग)माना जाता है। |
| ◉ घृष्णेश्वर का उल्लेख शिव पुराण, स्कंद पुराण, रामायण और महाभारत में मिलता है। |
| ◉ मंदिर के गर्भगृह (अंतरतम कक्ष) में शिव लिंग है जिसे भक्तों द्वारा छुआ जा सकता है। |
महाकालेश्वर @Ujjain Madhya Pradesh
घृष्णेश्वर मंदिर शिव का एक ज्योतिर्लिंग मंदिर है जो महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में एलोरा गुफाओं के पास स्थित है। इस मंदिर को अंतिम या बारहवां ज्योतिर्लिंग (प्रकाश का लिंग) माना जाता है।
| ◉ घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग को अंतिम या बारहवां ज्योतिर्लिंग (प्रकाश का लिंग)माना जाता है। |
| ◉ घृष्णेश्वर का उल्लेख शिव पुराण, स्कंद पुराण, रामायण और महाभारत में मिलता है। |
| ◉ मंदिर के गर्भगृह (अंतरतम कक्ष) में शिव लिंग है जिसे भक्तों द्वारा छुआ जा सकता है। |
केदारनाथ @Kedarnath Uttarakhand
केदारनाथ मंदिर, भारत के उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में गढ़वाल हिमालय श्रृंखला पर स्थित है। केदारनाथ भारत के सबसे प्रतिष्ठित और पवित्र हिंदू मंदिरों में से एक है।
| ◉ बारह ज्योतिर्लिंग के बीच में उत्तराखंड का पहला ज्योतिर्लिंग। |
| ◉ उत्तराखंड के चार धाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ में से एक। |
हनुमान बरी @Sirsaganj Uttar Pradesh
हनुमान बरी, स्वयंभू श्री हनुमान अवतरित पवित्र बरगद वृक्ष। ग्राम नगला खुशहाली में स्थित है बरगद का पवित्र पेड़ आज से लगभग 300 साल पुराना है।
| ◉ 300 साल पुराना, स्वयंभू श्री हनुमान अवतरित पवित्र बरगद वृक्ष। |
| ◉ बूढ़े मंगल और होली सबसे प्रसिद्ध त्यौहार हैं। |
गुलमोहर शिवालय @Ghaziabad Uttar Pradesh
वैशाली सेक्टर 5 का सबसे प्रसिद्ध शिव मंदिर गुलमोहर शिवालय है। यह शिव मंदिर, गुलमोहर लेन में स्थित होने के कारण गुलमोहर शिवालय कहलाया।
| ◉ मंदिर परिसर में विभिन्न प्रकार के पवित्र पेड़ और पौधे लगे हुए हैं। |
| ◉ प्रत्येक मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ होता है। |
गुरुवयूर मंदिर @East Nada, Guruvayur Kerala
गुरुवयूर मंदिर केरल के गुरुवयूर शहर में स्थित है। गुरुवायुर दक्षिण भारत के सबसे प्रतिष्ठित मंदिरों में से एक है जहां इष्टदेव भगवान विष्णु की उनके बालकृष्ण अवतार में पूजा की जाती है।
| ◉ गुरुवयूर मंदिर को गुरुवयूर श्री कृष्ण मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। |
| ◉ भगवान उन्नीकृष्णन गुरुवयूर की आश्चर्यजनक मूर्ति पत्थर के बजाय पाडाला अंजनम नामक एक दुर्लभ मिश्रण से बनी है। |
| ◉ भक्त यहां भगवान को तुलाभरम प्रक्रिया से प्रसाद चढ़ाते हैं। जहां भक्तों को उनके वजन के बराबर केले, चीनी, गुड़ और नारियल से तौला जाता है। |