मंदिर (English: Mandir, Gujarati: મંદિર, Bengali: মন্দির, Telugu: మందిరం, Malayalam: ക്ഷേത്രം, Kannada: ದೇವಸ್ಥಾನ) and gurudwara is the Hindu, Buddhist and Jain name for a place of worship or prayer. A space and structure designed to bring human beings and Gods together, infused with symbolism to express the ideas and beliefs. Bhakti Bharat Celebrating 600+ Temples.
विंध्यवासिनी मंदिर @Vindhyachal Uttar Pradesh
विंध्याचल मंदिर, जिसे माँ विंध्यवासिनी मंदिर या विंध्याचल धाम के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले के विंध्याचल में गंगा नदी के तट पर स्थित है।
| ◉ मंदिर देवी विंध्यवासिनी को समर्पित है और भारत के शक्तिपीठ मंदिरों में से एक है। |
| ◉ मंदिर में नवरात्रि मुख्य त्योहार है। |
| ◉ मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान देवी मंदिर की छत पर स्थापित ध्वजस्तंभ पर निवास करती हैं। |
द्वारका धाम @Dwarka Gujarat
द्वारका धाम सात मोक्ष पुरी में से एक माना जाता है। इन चार तीर्थों मे से एक भारत की पश्चिम दिशा मे द्वारका का यह श्री द्वारकाधीश मंदिर (ગુજરાતી: શ્રી દ્વારકાધીશ મન્દિર) है।
| ◉ आदि गुरु शंकराचार्य जी द्वारा परिभाषित चार धामों में से एक। |
| ◉ सनातन सप्त मोक्ष पुरी में से एक। |
| ◉ मंदिर का निर्माण भगवान कृष्ण के पोते द्वारा किया गया था। |
रुक्मणी मंदिर, द्वारका @Dwarka Gujarat
श्री रुक्मणी देवी मंदिर भगवान कृष्ण की प्रमुख पत्नी रुक्मिणी को समर्पित है, जिन्हें माता लक्ष्मी का अवतार माना जाता है। मंदिर के गर्भगृह में माता रुक्मणी का चतुर्भुजी सुंदर विग्रह है।
| ◉ देवी रुक्मणी का पहला मंदिर। |
| ◉ पेयजल दान उच्चतम आशीर्वाद है। |
बिरला गीता मंदिर @Dwarka Gujarat
बिरला गीता मंदिर! भगवद गीता के शिक्षाप्रद मूल्यों की रक्षा हेतु बिड़ला ग्रुप द्वारा स्थापित एक सरल, सुंदर और शान्तिमय मंदिर है, जैसा कि भारत के अन्य प्रमुख शहरों में बिड़ला मंदिर फैले हुए हैं।
| ◉ बिड़ला समूह द्वारा स्थापित गीता मंदिर। |
| ◉ भक्तों के लिए गेस्ट हाउस भी उपलब्ध है। |
श्रृंगागिरी श्री षण्मुख स्वामी मंदिर @Bengaluru Karnataka
श्रृंगागिरी श्री षण्मुख स्वामी मंदिर, बेंगलुरु के राजराजेश्वरी नगर में स्थित एक अनोखा पहाड़ी मंदिर है जो भगवान षण्मुख यानि भगवान कार्तिकेय को समर्पित है।
| ◉ दुनिया का पहला मंदिर जिसमें छह चेहरों वाला विशाल षणमुख गोपुरम है। |
| ◉ आध्यात्मिकता और आधुनिक इंजीनियरिंग का अनोखा वास्तुशिल्प संगम। |
| ◉ बेंगलुरु के सबसे प्रमुख मुरुगन मंदिरों में से एक। |
बंगाली बाबा श्री गणेश मंदिर @Jaipur Rajasthan
श्री गणेश मंदिर जयपुर के सबसे पुराने मंदिरों में से एक माना गया है। श्री गणेश भगवान की मूर्ति पहाड़ों में ही पाई गई थी।
| ◉ भगवान गणेश का सिंदूरी विग्रह। |
| ◉ 50-60 गौ माताओं के साथ गौशाला। |
पनकी हनुमान मंदिर @Kanpur Uttar Pradesh
चांदी से अलंकृत आठ फुट ऊँचे सिंदूरी बाल हनुमान, सुबह पनकी हनुमान मंदिर में चमकदार मासूम चेहरा वाले रूप मे भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। दोपहर को युवा ब्रह्मचारी रूप में तथा शाम को वयस्क महापुरुष जैसे प्रतीत होते हैं श्री हनुमान।
| ◉ चमकदार मासूम चेहरा वाले बाल हनुमान। |
| ◉ कानपुर का सबसे प्रसिद्ध श्री हनुमान मंदिर। |
| ◉ बड़ी गौशाला भी उपलब्ध है। |
पंचमुखी हनुमान मंदिर, रामेश्वरम @Rameswaram Tamil Nadu
पंचमुखी हनुमान मंदिर तमिलनाडु के रामेश्वरम में स्थित है। यह मंदिर पंचमुखी अंजनेय स्वामी कोइल के नाम से भी प्रसिद्ध है।
| ◉ पंचमुखी हनुमान मंदिर में देवता को एक ही पत्थर से बनाया गया है और कहा जाता है कि इसकी ऊंचाई 18 फीट से अधिक है। |
| ◉ पंचमुखी हनुमान मंदिर में भगवान के पांच पवित्र चेहरों का पता चलता है जिनमें गरुड़, नरसिम्हा, हयग्रीव और अन्य शामिल हैं। |
| ◉ पंचमुखी हनुमान मंदिर में हनुमान देवता 700 वर्ष से अधिक पुराने हैं। |
त्रिवेणी हनुमान मंदिर @Faridabad Haryana
त्रिवेणी हनुमान मंदिर दुनिया में हनुमान जी की सबसे ऊंची प्रतिमा है। यह हनुमान मंदिर फरीदाबाद के पाली गांव में फरीदाबाद गुरुग्राम हाईवे के बीच स्थित है
| ◉ बैठे हुए हनुमान जी की दुनियाँ में सबसे उँची मूर्ति। |
देवी पाटन मंदिर @Balrampur Uttar Pradesh
देवी पाटन मंदिर, बलरामपुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर तुलसीपुर में स्थित, माँ पाटेश्वरी (दुर्गा) को समर्पित एक पूजनीय शक्ति पीठ है। इसे देवी सती के 51 शक्ति पीठों में से एक माना जाता है।
| ◉ देवी पाटन मंदिर, 51 पवित्र शक्ति पीठों में से एक है। |
| ◉ यह मंदिर माता पाटेश्वरी देवी को समर्पित है। |
| ◉ यह भारत और नेपाल के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख तीर्थस्थल है। |
श्री वार्ष्णेय मंदिर @Aligarh Uttar Pradesh
अलीगढ़ के सबसे उँचे शिखर वाला मंदिर श्री वार्ष्णेय मंदिर में देव प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन चैत्र शुक्ला श्री राम नवमी 12 अप्रैल 2000 को प्रातःकाल विद्याविनायक श्री गणेश जी की पूजा-अर्चना एवं कलश पूजन से प्रारम्भ हुआ था।
| ◉ अलीगढ़ का सबसे ऊंचाई मंदिर, 90 फीट। |
| ◉ मंदिर का वार्षिकोत्सव महोत्सव सबसे बड़ा आयोजन है। |
| ◉ उत्तर प्रदेश के 100 प्रसिद्ध पर्यटक केंद्रों की सूची में सामिल। |