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अंबिका भवानी मंदिर - Ambika Bhawani Mandir

मुख्य आकर्षण - Key Highlights

◉ मंदिर के गर्भगृह के अंदर एक यज्ञ कुंड है माना जाता है कि यह राजा दक्ष प्रजापति के समय का है।
◉ मंदिर में देवी की पिंड की पूजा की जाती है।

अंबिका भवानी मंदिर, बिहार के सारण जिले के दिघवारा में स्थित है। यह मंदिर देवी पार्वती के रूप 'माता अंबिका भवानी' को समर्पित है। इसे 'आमी मंदिर' के नाम से भी जाना जाता है और यह शक्ति पूजा का एक प्रमुख केंद्र है। पुरानी हिंदू परंपरा के अनुसार, यह स्थान देवी सती की कथा से जुड़ा है और कई भक्त इसे एक महत्वपूर्ण शक्ति पीठ या सिद्ध पीठ मानते हैं।

अंबिका भवानी मंदिर में दर्शन का समय
अंबिका भवानी मंदिर पूरे सप्ताह खुला रहता है और दर्शन का समय सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और शाम 5:00 बजे से रात 8:00 बजे तक है।

अंबिका भवानी मंदिर में मुख्य त्योहार
नवरात्रि अंबिका भवानी मंदिर का मुख्य त्योहार है। नवरात्रि के दौरान दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त मंदिर आते हैं। भक्त देवी को फूल, सिंदूर, मिठाई, नारियल और दूसरी पारंपरिक चीज़ें चढ़ाते हैं। साल भर बहुत से भक्त मंदिर आते हैं, लेकिन नवरात्रि के दौरान यहाँ भारी भीड़ होती है।

अंबिका भवानी मंदिर कैसे पहुँचें
अंबिका भवानी मंदिर बिहार के सारण ज़िले में दिघवारा के पास आमी गाँव में स्थित एक प्रमुख हिंदू मंदिर है। दिघवारा सड़क मार्ग से बिहार के प्रमुख कस्बों और शहरों से जुड़ा हुआ है। दिघवारा रेलवे स्टेशन सबसे नज़दीकी स्टेशन है। पटना का जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल एयरपोर्ट सबसे नज़दीकी प्रमुख हवाई अड्डा है।

प्रचलित नाम: आमी मंदिर

समय - Timings

दर्शन समय
9 AM - 8 PM
त्योहार

अंबिका भवानी मंदिर का इतिहास और धार्मिक महत्व

मान्यताओं के अनुसार, यह मंदिर सत्य युग से यहाँ स्थित है। स्थानीय धार्मिक परंपराओं के अनुसार, अंबिका भवानी को एक शक्तिशाली शक्ति तीर्थ माना जाता है। यह मंदिर माता अंबिका की पूजा से जुड़ा है और उन भक्तों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो सुरक्षा, समृद्धि और परिवार की भलाई के लिए आते हैं।

मंदिर के गर्भगृह में पत्थर या धातु की कोई मूर्ति नहीं है गर्भगृह में देवी की पिंड की पूजा की जाती है। मुख्य मंदिर के पास तीन अलग-अलग शिव मंदिर (बैद्यनाथ, विश्वनाथ और पशुपतिनाथ) है, जो एक बराबर दूरी वाला त्रिकोण बनाते हैं, और अंबिका स्थान ठीक इसके केंद्र में स्थित है।

अंबिका भवानी मंदिर को दक्ष प्रजापति के यज्ञ का स्थान माना जाता है, जहाँ भगवान शिव के अपमान के बाद देवी सती ने आत्मदाह कर लिया था। मंदिर यज्ञ कुंड अनुष्ठानों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बना हआ है, खासकर नवरात्रि के दौरान, जब भक्त प्रार्थना और आहुति देते हैं। इसके साथ ही एक पवित्र कुआँ है, जिसमें पानी का स्तर साल भर एक जैसा रहता है। पूरे मंदिर परिसर को एक किले की तरह बनाया गया है और यह बिहार के सारण जिले के दिघवारा में आमी गाँव के एक प्राचीन टीले पर स्थित है।

Ambika Bhawani Mandir in English

The Ambika Bhawani Temple is located in Dighwara, in the Saran district of Bihar. This temple is dedicated to 'Mata Ambika Bhawani,' a form of Devi Parvati. Also known as the 'Aami Temple,' it is a prominent center for Shakti worship.

जानकारियां - Information

मंत्र / प्रचलित जयकारा
जय अम्बे
बुनियादी सेवाएं
पेयजल, प्रसाद, सीसीटीवी सुरक्षा, जूता स्टोर, पार्किंग स्थल
समर्पित
देवी दुर्गा
वास्तुकला
पारंपरिक हिंदू शैली

क्रमवद्ध - Timeline

9 AM - 8 PM

कैसे पहुचें - How To Reach

पता 📧
Ami Dighwara Bihar
रेलवे 🚉
Dighwara Railway Station
हवा मार्ग ✈
Jay Prakash Narayan Airport
निर्देशांक 🌐
25.74084°N, 84.9642905°E
अंबिका भवानी मंदिर गूगल के मानचित्र पर
http://www.bhaktibharat.com/mandir/ambika-bhawani-mandir

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