Download Bhakti Bharat APP
Hanuman Chalisa - Follow Bhakti Bharat WhatsApp Channel - Shiv Chalisa - Ram Bhajan -

बागनाथ मंदिर - Bagnath Mandir

मुख्य आकर्षण - Key Highlights

◉ यह भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन हिंदू मंदिर है।
◉ हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, बागनाथ मंदिर वह स्थान है जहां ऋषि मार्कंडेय ने भगवान शिव की पूजा की थी।
◉ जनवरी के महीने में मंदिर में मकर सक्रांति के त्योहार पर एक भव्य मेला लगता है जिसे उत्तरायणी कहा जाता है।

बागनाथ मंदिर जो उत्तराखंड राज्य के बागेश्वर शहर में सरयू और गोमती नदियों के संगम पर स्थित है। बागनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक प्राचीन हिंदू मंदिर है। यह बागेश्वर जिले का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। बागेश्वर अपने पर्वतीय प्राकृतिक सौन्दर्य, हिमानियों, नदियों और मन्दिरों के लिए प्रसिद्ध है।

बागनाथ मंदिर के पीछे की पौराणिक कथा
बागनाथ मंदिर 7वीं शताब्दी से अस्तित्व में आया, वर्तमान में नागर शैली में बागनाथ मंदिर का निर्माण चंद शासक लक्ष्मी चंद ने 1450 में करवाया था। यहां अभी भी सातवीं शताब्दी ईस्वी से लेकर 16वीं शताब्दी ईस्वी तक की कई मूर्तियां मौजूद हैं। इस मंदिर का महत्व स्कंद पुराण में वर्णित है।

बागनाथ मंदिर में चतुर्मुखी शिवलिंग और कई अन्य हिंदू देवता हैं, यह मंदिर बागेश्वर जिले के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह मंदिर विभिन्न आकार की पीतल की घंटियों के साथ अद्भुत वास्तुकला का प्रदर्शन करता है। बागेश्वर में कई मंदिर समूह हैं जो हिंदू देवताओं जैसे भगवान भैरव, दत्तात्रेय महाराज, गंगा मैया, भगवान हनुमान, देवी दुर्गा, देवी कालिका, थिंगल भैरव, पंचनाम जूनाखारा और वनेश्वर को समर्पित हैं।

किंवदंतियों और हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, बागनाथ मंदिर वह स्थान है जहां ऋषि मार्कंडेय ने भगवान शिव की पूजा की थी। ऋषि की प्रार्थना से खुश और प्रसन्न होकर भगवान शिव बाघ अवतार में प्रकट हुए और मार्कंडेय को अपनी उपस्थिति का आशीर्वाद दिया।

बागनाथ मंदिर में प्रमुख त्यौहार
बागनाथ मंदिर और उसके आसपास कई त्योहार मनाए जाते हैं। बागनाथ मंदिर हर महीने और विशेष रूप से शिवरात्रि के दिन हजारों शिव भक्तों को आकर्षित करता है।

जनवरी के महीने में मंदिर में एक मेला लगता है। यह एक भव्य मेला है जिसे उत्तरायणी कहा जाता है। यह मेला मकर सक्रांति के त्योहार पर मनाया जाता है। यह त्यौहार भोर के समय दोनों खूबसूरत नदियों सरयू और गोमती के संगम पर पवित्र स्नान करके मनाया जाता है। प्रसिद्ध पवित्र स्नान के बाद, बागनाथ मंदिर के अंदर स्थापित शिवलिंग पर जल चढ़ाया जाता है। जो लोग इस अवसर पर धार्मिक रूप से रुचि रखते हैं वे लगातार तीन दिनों तक इस अनुष्ठान को जारी रखते हैं जिसे त्रिमार्गी के नाम से जाना जाता है। मंदिर में अन्य खूबसूरत त्योहार भी मनाए जाते हैं।

बागनाथ मंदिर तक कैसे पहुंचे?
बागनाथ मंदिर, बागेश्वर शहर योग्य सड़कों द्वारा उत्तराखंड राज्य के गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र के प्रमुख स्थलों से जुड़ा हुआ है। निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम शहर है। जिससे भक्त आसानी से मंदिर की दर्शन कर सकते हैं।

प्रचलित नाम: bageshwar mandir

समय - Timings

त्योहार

Bagnath Mandir in English

Bagnath Temple is situated at the confluence of Saryu and Gomti rivers in Bageshwar city of Uttarakhand state. Bagnath Temple is an ancient Hindu temple dedicated to Bhagwan Shiva.

फोटो प्रदर्शनी - Photo Gallery

Photo in Full View
Bageshwar City

Bageshwar City

जानकारियां - Information

मंत्र
ओम नम शिवाय
बुनियादी सेवाएं
पेयजल, प्रसाद, जूता स्टोर
समर्पित
भगवान शिव
वास्तुकला
नागर शैली

क्रमवद्ध - Timeline

6 AM - 9 PM

कैसे पहुचें - How To Reach

पता 📧
RQPC+RG2, SH 37 Bageshwar Uttarakhand
सोशल मीडिया
निर्देशांक 🌐
29.8370169°N, 79.7712729°E
बागनाथ मंदिर गूगल के मानचित्र पर
http://www.bhaktibharat.com/mandir/bagnath-mandir

अगला मंदिर दर्शन - Next Darshan

अपने विचार यहाँ लिखें - Write Your Comment

अगर आपको यह मंदिर पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

भक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस मंदिर को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

शिव आरती - ॐ जय शिव ओंकारा

जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥

श्री राम स्तुति

Ram Stuti Lyrics in Hindi and English - श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन हरण भवभय दारुणं। नव कंज लोचन कंज मुख...

श्री सत्यनारायण जी आरती

जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा। सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा॥

×
Bhakti Bharat APP