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Shri Sheetla Mata Mandir


Updated: Mar 24, 2017 08:28 AM About | Timing | Photo Gallery | Video | Comments | Map


श्री शीतला माता मंदिर (Shri Sheetla Mata Mandir) - Sector-6 Gurugram, Haryana - 122001

श्री शीतला माता मंदिर (Shri Sheetla Mata Mandir) is dedicated to the Devi Kripi/Kirpai, wife of Guru Dronacharya. She is kuldevi of village Gurugram therefore devotee offer mundan ceremony and married couples come to take the blessings. Read History in Hindi

Key Highlights

  • One of the Shakti Peeth Mandir in India.
  • Suitable Holy Place for Mundan(the first hair cutting of children) Ceremony.
  • Kuldevi Temple of Village Gurugram.
  • During Navratri Mela, Around 50 lakh Devotees Come to Visit.

चैत्र नवरात्रि मेला - Chaitra Navratri Mela 2017

25 March - 28 April
मंदिर में पूरे चैत्र में मेला लगता है। करीब आठ एकड़ में पार्किंग, 24 घंटे दर्शन की सुविधा उपलब्ध रहती है। साफ सफाई, पानी आदि के अलावा माता की मूर्ति एक बड़े हॉल में शिफ्ट की गई है, जहां दर्शन आसान है। CCTV कैमरे, मेला परिसर और सरोवर परिसर में बड़े स्क्रीन पर माता के लाइव दर्शन आदि की व्यवस्था है। फ‌र्स्ट एड, एंबुलेंस और मोबाइल टॉयलेट भी बनाए गए हैं।

दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए अलग से दर्शन की व्यवस्था है। उनके लिए व्हील चेयर और VIP गेट की सुविधा दी गई है। पूजा और मंदिर परिसर को पर्यावरण सुरक्षित रखने के लिए, पॉलीथिन फ्री रखा गया है।

Information

Timing
5:00 AM - 8:00 PM
Arti
5:00 AM, As Per Sunset
Dham
Shri Sita Ram Baba Mandir: Baba Balaknath JiShri Ram FamilyShivling with GanShri Hanuman JiMaa kaliShri Shani Maharaj
Basic Services
Drinking Water, Parking, ATM, Shoe Store, Washrooms, Parking
Charitable Services
Library, New Prayer Hall, Satsang Bhawan, Holy Pond, Mundan Platforms / Hall, Bhandra Hall, Dharamshala, Clinic, Mela Ground, Singh Dwar, Prashad Shops, Food Stall / Mithai, Restaurant, Shri Sharda Peeth Ved Pathshala (18 January, 2011)
Founded
Mahabharata Period
Size/Space
12 acre
How to Reach
Metro: MG Road, IFFCO Chowk, HUDA City Centre | क्या संभव है? दिल्ली मेट्रो से मंदिर दर्शन...
Road: HUDA Road / Bus Stand Road >> Sheetla Mata Road / Lt. Atul Kataria Marg
Address
Sector-6 Gurugram, Haryana - 122001
Photography
No (It's not ethical to capture photograph inside the temple when someone engaged in worship! Please also follow temple`s Rules and Tips.)
Coordinates
28.478121°N, 77.030017°E

Photo Gallery

Photo in Full View
New Front entrance, new structure is not place of prayer. Its place of office, library, Kitchen​ and other official work.

New Front entrance, new structure is not place of prayer. Its place of office, library, Kitchen​ and other official work.

Top shikhar view from mela parking area which is beside the road.

Top shikhar view from mela parking area which is beside the road.

A huge Lord Shiv statue in dhyana mudra, at left side outer garden, before prayer hall.

A huge Lord Shiv statue in dhyana mudra, at left side outer garden, before prayer hall.

Video Gallery

It is believed, Mata Sheetala is wife of Guru Dronacharya in the epic Mahabharata

Haryanvi album `Maa Sabki Jholi Bhar De` Mata ki badhai bhajan by Shri Ashok Kumar Gohaniyan, Singer - Shri Ram Kaushik

History

कथाओं मे कहा जाता है कि, ऋषि शरदवान के दो बच्चे थे। यह सोचकर कि दोनों उनकी पूजा में उन्हें परेशान करेंगे अतः उन्हें जंगल में छोड़ दिया। भीष्म के पिता अर्थात राजा शांतनु, दोनों बच्चों के पास आते हैं और उन्हें ऋषि के रूप में पहचान लेते हैं जबकि वे हिरण की त्वचा और धनुष धारण किए हुए होते हैं। राजा उन्हें अपने साथ ले जाते हैं. जब ये समाचार ऋषि शरदवान सुनते हैं, तब वो राजा के पास आकर बच्चों को अपने साथ ले जाते हैं। जैसे-जैसे राजा शानंतू की कृपा से बच्चे बढ़े होते गये, बेटी को कृपी और पुत्र के रूप में कृपाचार्य के रूप में नामित किया गया। कृपी का गुरु द्रोणाचार्य से विवाह हुआ और दोनों गुरुग्राम में तालाब के तट पर रहने लगे, जबकि गुरु कौरवों और पांडवों को प्रशिक्षण दिया करते थे। माता कृपी गुरुशिष्यों की देखभाल के साथ, आस-पास रहने वाले लोगों के रोगों के उपचार द्वारा उनकी सेवा करतीं। अतः अपनी तपस्या और सेवा-भाव के कारण माता कृपी सभी के लिए एक मातृ तुल्य थीं।
जब महाभारत युद्ध में गुरु द्रोण वीरगति को प्राप्त हुए तो उनकी कृपी उनके साथ सती हो गई। माना जाता है कि लोगों के लाख मनाने पर भी वे नहीं मानी और 16 श्रृंगार कर सती होने का निश्चय लेकर गुरु द्रोण की चिता पर बैठ गई। उस समय उन्होंने लोगों को आशीर्वाद दिया कि मेरे इस सती स्थल पर जो भी अपनी मनोकामना लेकर पहुँचेगा, उसकी मन्नत जरुर पूरी होगी।

अन्य किवदंतियां
करीब 5000 साल पहले, राजा पूर्न्जित के एकमात्र बेटे को लकवा मार गया और उन्हें इलाज के लिए मंदिर में लाया गया। लगभग 15-16 दिनों तक बच्चे को तालाब के कीचड़ के लेप के साथ रखा गया, देवी के आशीर्वाद से बच्चा स्वथ होगया।

How To Reach Shri Sheetla Mata Mandir

http://www.bhaktibharat.com/mandir/sheetla-mata-mandir

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आरती: श्री हनुमान जी

मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं,बुद्धिमतां वरिष्ठम् ॥
वातात्मजं वानरयुथ मुख्यं, श्रीरामदुतं शरणम प्रपद्धे ॥

आरती: माँ लक्ष्मीजी

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता॥

आरती: माँ महाकाली

जय काली माता, मा जय महा काली माँ।
रतबीजा वध कारिणी माता।
सुरनर मुनि ध्याता, माँ जय महा काली माँ॥...

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