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श्री शीतला माता मंदिर


updated: May 06, 2018 07:30 AM About | Timing | Highlights | Photo Gallery | Video | How to Reach | Comments


श्री शीतला माता मंदिर (Shri Sheetla Mata Mandir) - Sector-6 Gurugram, Haryana - 122001

श्री शीतला माता मंदिर (Shri Sheetla Mata Mandir) is dedicated to the Devi Kripi/Kirpai, wife of Guru Dronacharya. She is kuldevi of village Gurugram therefore devotee offer mundan ceremony and married couples come to take the blessings. Read History in Hindi

समय सारिणी

दर्शन समय
5:00 AM - 8:00 PM
आरती
5:00 AM, As Per Sunset

History

कथाओं मे कहा जाता है कि, ऋषि शरदवान के दो बच्चे थे। यह सोचकर कि दोनों उनकी पूजा में उन्हें परेशान करेंगे अतः उन्हें जंगल में छोड़ दिया। भीष्म के पिता अर्थात राजा शांतनु, दोनों बच्चों के पास आते हैं और उन्हें ऋषि के रूप में पहचान लेते हैं जबकि वे हिरण की त्वचा और धनुष धारण किए हुए होते हैं। राजा उन्हें अपने साथ ले जाते हैं. जब ये समाचार ऋषि शरदवान सुनते हैं, तब वो राजा के पास आकर बच्चों को अपने साथ ले जाते हैं। जैसे-जैसे राजा शानंतू की कृपा से बच्चे बढ़े होते गये, बेटी को कृपी और पुत्र के रूप में कृपाचार्य के रूप में नामित किया गया। कृपी का गुरु द्रोणाचार्य से विवाह हुआ और दोनों गुरुग्राम में तालाब के तट पर रहने लगे, जबकि गुरु कौरवों और पांडवों को प्रशिक्षण दिया करते थे। माता कृपी गुरुशिष्यों की देखभाल के साथ, आस-पास रहने वाले लोगों के रोगों के उपचार द्वारा उनकी सेवा करतीं। अतः अपनी तपस्या और सेवा-भाव के कारण माता कृपी सभी के लिए एक मातृ तुल्य थीं।
जब महाभारत युद्ध में गुरु द्रोण वीरगति को प्राप्त हुए तो उनकी कृपी उनके साथ सती हो गई। माना जाता है कि लोगों के लाख मनाने पर भी वे नहीं मानी और 16 श्रृंगार कर सती होने का निश्चय लेकर गुरु द्रोण की चिता पर बैठ गई। उस समय उन्होंने लोगों को आशीर्वाद दिया कि मेरे इस सती स्थल पर जो भी अपनी मनोकामना लेकर पहुँचेगा, उसकी मन्नत जरुर पूरी होगी।

अन्य किवदंतियां
करीब 5000 साल पहले, राजा पूर्न्जित के एकमात्र बेटे को लकवा मार गया और उन्हें इलाज के लिए मंदिर में लाया गया। लगभग 15-16 दिनों तक बच्चे को तालाब के कीचड़ के लेप के साथ रखा गया, देवी के आशीर्वाद से बच्चा स्वथ होगया।

फोटो प्रदर्शनी

Photo in Full View
New Front entrance, new structure is not place of prayer. Its place of office, library, Kitchen​ and other official work.

New Front entrance, new structure is not place of prayer. Its place of office, library, Kitchen​ and other official work.

Top shikhar view from mela parking area which is beside the road.

Top shikhar view from mela parking area which is beside the road.

A huge Lord Shiv statue in dhyana mudra, at left side outer garden, before prayer hall.

A huge Lord Shiv statue in dhyana mudra, at left side outer garden, before prayer hall.

जानकारियां

धाम
Shri Sita Ram Baba Mandir: Baba Balaknath JiShri Ram FamilyShivling with GanShri Hanuman JiMaa kaliShri Shani Maharaj
बुनियादी सेवाएं
Drinking Water, Parking, ATM, Shoe Store, Washrooms, Parking
धर्मार्थ सेवाएं
Library, New Prayer Hall, Satsang Bhawan, Holy Pond, Mundan Platforms / Hall, Bhandra Hall, Dharamshala, Clinic, Mela Ground, Singh Dwar, Prashad Shops, Food Stall / Mithai, Restaurant, Shri Sharda Peeth Ved Pathshala (18 January, 2011)
स्थापना
Mahabharata Period
समर्पित
Maa Sheetla
क्षेत्रफल
12 acre
फोटोग्राफी
No (It's not ethical to capture photograph inside the temple when someone engaged in worship! Please also follow temple`s Rules and Tips.)

वीडियो प्रदर्शनी

It is believed, Mata Sheetala is wife of Guru Dronacharya in the epic Mahabharata

Haryanvi album `Maa Sabki Jholi Bhar De` Mata ki badhai bhajan by Shri Ashok Kumar Gohaniyan, Singer - Shri Ram Kaushik

कैसे पहुचें

कैसे पहुचें
मेट्रो: MG Road, IFFCO Chowk, HUDA City Centre | क्या संभव है? दिल्ली मेट्रो से मंदिर दर्शन...
सड़क/मार्ग: HUDA Road / Bus Stand Road >> Sheetla Mata Road / Lt. Atul Kataria Marg
पता
Sector-6 Gurugram, Haryana - 122001
निर्देशांक
28.478121°N, 77.030017°E
श्री शीतला माता मंदिर गूगल के मानचित्र पर
http://www.bhaktibharat.com/mandir/sheetla-mata-mandir

अगला मंदिर दर्शन

अन्य पुराने उत्सव

» Shardiya Navratri Mela 2017

मेले के दौरान शीतला माता मंदिर में पॉलीथीन पर प्रतिबंध रहेगा
मंदिर परिसर के अंदर व आस-पास 60 प्राईवेट सिक्योरिटी गार्ड और होमगार्ड के कर्मचारी भी लगाएं जाएंगे। 56 सीसीटीवी कैमरे पहले ही लगे हुए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में एक डिस्पेंसरी बनी हुई है, जिसमें मेला के दिनों में 24 घंटे एक चिकित्सक और सहयोगी स्टाफ तैनात रहेगा। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से 15 मिनट के अंतराल पर बसें चलाई जाएंगी सिटी बसों का रूट इस प्रकार से बनाया जाएगा कि वे माता मंदिर से होकर जाएं।

27-29 September 2017
Most famous temple in Delhi/NCR during Navratri, as per previous history 50 lakh devotees come to took darshan during these nine days.

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