🐋मत्स्य जयंती - Matsya Jayanti

Matsya Jayanti Date: 3 April 2022
मत्स्य अवतार भगवान विष्णु के दस अवतारों मे से पहले अवतार हैं, जो राक्षस हयग्रीव से ब्रह्मांड को बचाने के लिए अवतरित हुए थे।

मत्स्य अवतार भगवान विष्णु के दस अवतारों मे से पहले अवतार हैं, जो राक्षस हयग्रीव से ब्रह्मांड को बचाने के लिए अवतरित हुए थे। मत्स्य जयन्ती चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है।

मत्स्य पुराण के अनुसार इस दिन मत्स्य अवतार में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इसे हयपंचमी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु ने मध्याह्नोत्तर बेला में पुष्पभद्रा तट पर मत्स्यावतार धारण कर जगत् कल्याण किया था।

संबंधित अन्य नाम
हयपंचमी

Matsya Jayanti in English

The Matsya avatar is the first of the ten incarnations of Lord Vishnu, who incarnated to save the universe from the demon Hayagriva.

श्री विष्णु मत्स्य अवतार पौराणिक कथा

एक बार ब्रह्मा जी के पास से वेदों को एक बहुत बड़े दैत्य हयग्रीव ने चुरा लिया। चारों ओर अज्ञानता का अंधकार फैल गया और पाप तथा अधर्म का बोल-बाला हो गया। तब भगवान ने धर्म की रक्षा के लिए मत्स्य रूप धारण करके उस दैत्य का वध किया और वेदों की रक्षा की। ..मत्स्य अवतार की पूरी कथा जानने के लिए यहाँ क्लिक करें!

संबंधित जानकारियाँ

भविष्य के त्यौहार
24 March 2023
आवृत्ति
वार्षिक
समय
1 दिन
सुरुआत तिथि
चैत्र शुक्ला तृतीया
समाप्ति तिथि
चैत्र शुक्ला तृतीया
महीना
मार्च / अप्रैल
कारण
भगवान विष्णु का पहला अवतार
उत्सव विधि
पूजा, कथा, भजन-कीर्तन, सत्यनारायण कथा।
महत्वपूर्ण जगह
श्री राम मंदिर, सनातन धर्म मंदिर, श्री कृष्ण मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर
पिछले त्यौहार
15 April 2021, 27 March 2020
अगर आपको यह त्यौहार पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

इस त्यौहार को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें

🔝