श्री राधा कृष्ण मोहन कुंड मंदिर का प्रारम्भ बाबा श्री रामरतन दास जी महाराज द्वारा मोहर कुंड की खुदाई से हुआ, उस समय भगवान श्री कृष्ण अर्थात मोहन को मोहर द्वारा संवोधन किया गया था। 20 फरवरी, सन 1914 मे श्री श्री 1008 श्री बाबा रामरतन दास जी महाराज समधी ग्रहण की।
वर्ष 1962 में पहले मंदिर मोहन कुंड से थोड़ी सी दूर, वहाँ आज उस स्थान पर अखण्ड धुना है जो आज भी वर्तमान 2026 में इतने वर्षों से चेतन है। बाद में अलग-अलग काल खंड में मंदिर का विस्तार हुआ। मंदिर परिसर को पाँच अलग-अलग भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है।
1) शिवालय, अखंड धूना, ऑफिस, श्री राधाकृष्ण मंदिर।
2) चार मंदिरों का समूह एवं गार्डन।
3) नवग्रह धाम एवं समाधि स्थल।
4) सत्संग हॉल एवं मोहन कुंड।
5) गौ सदन जहां पर गायों की सेवा होती है।
उसके उपरांत वर्ष 1975 में श्री श्री 1008 श्री बाबा नर्सिंग दास जी महाराज ने यहाँ अखण्ड धूने को प्रारम्भ किया। तब से अब तक यह अखंड धूना मंदिर परिसर में चेतन चला आ रहा है, 4 अगस्त 2000 को बाबाजी का तिरोधान हुआ।
इसके उपरांत, श्री श्री 1008 श्री चेतन दास जी महाराज ने मंदिर की गद्दी को संभाला; तथा 10 अप्रैल 2010 की एकादशी तक मंदिर में अपनी दिव्य सेवाएँ दीं और मंदिर को एक स्थिर एवं आलोकिक प्रांगण में परिवर्तित किया उनके बाद मंदिर में महंत श्री राजेन्द्र दास जी महाराज ने गद्दी को संभाला और मंदिर को सुचारु रूप से व्यवस्थित किया, 2021 में कोरोना महामारी से गोलोक धाम में उनका गमन हुआ। उनके बाद महंत श्री हरेकृष्ण दास जी महाराज ने 8 अगस्त 2021 को गद्दी नशीन की जो आज वर्तमान वर्ष 2026 में मंदिर में सुचारु रूप से सेवा कर रहे हैं।
मंदिर परिसर में तीनों ही महाराज जी (श्री रामरतन दास जी महाराज, श्री बाबा नर्सिंग दास जी महाराज, श्री चेतन दास जी महाराज) की समाधि के चरण दर्शन हैं। तथा तीनों ही महाराज जी के गोलोक गमन के दिन मंदिर मे क्रमशः 20 फरवरी, 4 अगस्त एवं 10 अप्रैल को वार्षिकोत्सव मनाया जाता है। जिसके अंतर्गत संत समागम, भंडारा, गीता तथा रामायण का पाठ किया जाता है। 4 नवंबर को मंदिर में वार्षिक उत्सव मनाया जाता है, जिसमें हजारों की संख्या में संत एवं भक्त सम्मिलित होते हैं।
मोहन कुंड का नवीनीकरण 2015-2016 में किया गया तथा अब इसे पक्का करा दिया गया है। मंदिर परिसर में नवग्रह धाम के ही सामने 60 लाख मूल्य लगा कर सत्संग हाल का निर्माण किया गया है। मंदिर में रहने वाले संतों द्वारा 3-4 गौ वंश की भी सेवा की जाती है। श्री राधा कृष्ण मोहन कुंड मंदिर गुरुग्राम के मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से सुभाष चौक जाने वाली रोड पर पिलर संख्या 218 पर स्थित है। मंदिर के बिल्कुल निकट पुराना आर्य समाज मंदिर भी स्थित है।

श्री राधा कृष्ण मोहन कुंड मंदिर

श्री राधा कृष्ण मोहन कुंड मंदिर

श्री राधा कृष्ण मोहन कुंड मंदिर

श्री राधा कृष्ण मोहन कुंड मंदिर

श्री राधा कृष्ण मोहन कुंड मंदिर

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श्री राधा कृष्ण मोहन कुंड मंदिर

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श्री राधा कृष्ण मोहन कुंड मंदिर

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