Darshan Mukhi Shri Hanuman Mandir


Updated: Aug 14, 2017 08:14 AM About | Timing | Photo Gallery | Video | Comments | Map


दर्शन मुखी श्री हनुमान मंदिर (Darshan Mukhi Shri Hanuman Mandir) - Shergarh Fort Dholpur, Rajasthan - 328001

Prachin Manokamna Siddh, Paschim Mukhi, Veer Roop, Chandan Dhari दर्शन मुखी श्री हनुमान मंदिर (Darshan Mukhi Shri Hanuman Mandir) in Shergarh fort near Chambal river. In the period of princely state, every day sawamani(50 KG) bhog was used to offer Hanumanji. Now this temple belongs to the protection of the Devasthan Division of Rajasthan. A big famous mela is organized here by the State Government and devotees on every Shri Hanuman Jayanti. Read temple history in hindi

Read Also

Key Highlights

  • Chandan Tilak Hanuman Murti.
  • Narshing Bhagwan Roop Mandir.
  • Paschim Mukhi, Veer Roop Hanuman.

Information

Arti
Summer: 8:00 AM, 8:00 PM
Winter: 9:00 AM, 7:00 PM
Popular Name
किले वाले हनुमान जी, Kile Wale Hanuman Ji
Dham
Main Hall: Shri Veer HanumanShri Radha KrishnShri Ram Pariwar
Shiv Dham: Shri GaneshShivling with Gan
YagyashalaMaa TulasiPeepal TreeBanyan TreeBanana TreeMango TreeKadamb Tree
Basic Services
Prasad, Drinking Water, Shoe Store, Childrens Park, Parking, Washroom, Solar Light
Charitable Services
Hanuman Jayanti Mela
Organized By
Government of India
How to Reach
Road: Chennai-Delhi Highway NH44
Address
Shergarh Fort Dholpur, Rajasthan - 328001
Photography
Yes (It's not ethical to capture photograph inside the temple when someone engaged in worship! Please also follow temple`s Rules and Tips.)
Coordinates
26.671152°N, 77.901555°E

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Darshan Mukhi Shri Hanuman Mandir

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History in Hindi

संकट मोचन हनुमान जी, नरसिंह भगवान रूपी, सिद्धी दाता हनुमान जी, प्राचीन मनोकामना सिद्ध, पश्चिम मुखी, वीर रूपी श्री हनुमान मंदिर। रामानंदी चंदन रूपी विग्रह होने के कारण इन्हें दर्शन रूपी हनुमान भी कहा जाता है। ज्यादा तर हनुमान जी दक्षिण मुखी होते हैं, और यहाँ हनुमान जी पश्चिम मुखी हैं इसलिए इन्हें वीर रूपी भी कहते हैं। मंदिर उतना ही पुराना है, जितना कि शेरगढ़ किला पुराना है।

किले का निर्माण जोधपुर के राजा महाराज मालदेव जी ने करवाया था। जिसके निर्माण का उल्लेख इतिहास मे कहीं नही मिलता है। बाद मे सन् 1540 मे शेरसाह सूरी ने इस किले का जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण कराया था, इसलिए इसे शेरगढ़ का किला कहते हैं। कहा जाता है कि यहाँ शेरसाह सूरी कुछ समय के लिए रुके थे। किला की चार दीवारी 552 बीघा मे फैली हुई है. सन् 1804 गोहद मध्य प्रदेश के राजा राणा कीर्ति सिंह ने राजधानी बना कर, धोलपुर रियासत की शुरुआत की थी।

रियासत काल मे, मंदिर मे हर रोज हनुमान जी का सवमानी(50 KG) का भोग लगाया जाता था। अब ये मंदिर राजस्थान के देवस्थान विभाग के संरक्षण के अंतर्गत आता है। मंदिर की पूजा पुस्तैनी पुजारी के द्वारा की जाती है। श्री हनुमान जयंती को यहाँ काफ़ी बड़े मेला का आयोजन राज्य सरकार और भक्तों द्वारा मिल कर किया जाता है। काफ़ी मुस्लिम भक्तों की भी यहाँ मनोकामनाएँ पूर्ण हुई हैं, इसका उल्लेख मंदिर मे आसानी से मिल जाता है। मंदिर को शेरगढ़ किले वाले हनुमान जी के नाम से भी जाना जाता है।

How To Reach Darshan Mukhi Shri Hanuman Mandir

http://www.bhaktibharat.com/mandir/hanuman-mandir-shergarh

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पुनर्जन्म क्या है, और क्यों होता है?

प्रश्न: पुनर्जन्म किसको कहते हैं ?
उत्तर: जब जीवात्मा एक शरीर का त्याग करके किसी दूसरे शरीर में जाती है तो इस बार बार जन्म लेने की क्रिया को पुनर्जन्म कहते हैं ।

क्या है स्वप्न आखिर?

» पहला वर्ग - दैनिक जीवन की प्रतिछाया।
» दूसरा वर्ग - अवचेतन मन से उद्घृत पूर्व संस्कार।
» तीसरा वर्ग - अलौकिक स्वप्न।

Mandir Ek Darshan

क्योंकि जब आपको ये एहसास होने लगता है कि अब कोई भी स्थान आपकी नजर से अछूता नहीं रह गया है तभी कोई नया मंदिर या फिर धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान से आपका परिचय हो सकता है।

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