Haanuman Bhajan
गूगल पर भक्ति भारत को अपना प्रीफ़र्ड सोर्स बनाएँ

बजरंग बाण (Bajrang Baan)


बजरंग बाण
॥श्री बजरंग बाण पाठ॥
॥ दोहा ॥
निश्चय प्रेम प्रतीति ते,
बिनय करैं सनमान ।
तेहि के कारज सकल शुभ,
सिद्ध करैं हनुमान॥
॥ चौपाई ॥
जय हनुमंत संत हितकारी ।
सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ॥

जन के काज बिलंब न कीजै ।
आतुर दौरि महा सुख दीजै ॥

जैसे कूदि सिंधु महिपारा ।
सुरसा बदन पैठि बिस्तारा ॥

आगे जाय लंकिनी रोका ।
मारेहु लात गई सुरलोका ॥

जाय बिभीषन को सुख दीन्हा ।
सीता निरखि परमपद लीन्हा ॥

बाग उजारि सिंधु महँ बोरा ।
अति आतुर जमकातर तोरा ॥

अक्षय कुमार मारि संहारा ।
लूम लपेटि लंक को जारा ॥

लाह समान लंक जरि गई ।
जय जय धुनि सुरपुर नभ भई ॥

अब बिलंब केहि कारन स्वामी ।
कृपा करहु उर अन्तर्यामी ॥

जय जय लखन प्राण के दाता ।
आतुर ह्वै दुःख करहु निपाता ॥

जै गिरिधर जै जै सुख सागर ।
सुर-समूह-समरथ भटनागर ॥


ॐ हनु हनु हनु हनुमंत हठीले ।
बैरिहि मारु बज्र की कीले ॥

गदा बज्र लै बैरिहिं मारो।
महाराज प्रभु दास उबारो॥


ॐ कार हुंकार महाप्रभु धावो ।
बज्र गदा हनु विलम्ब न लावो ।

ॐ ह्नीं ह्नीं ह्नीं हनुमंत कपीशा ।
ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा ॥

सत्य होहु हरि शपथ पायके ।
राम दूत धरु मारु जाय के ॥

जय जय जय हनुमंत अगाधा ।
दुःख पावत जन केहि अपराधा ॥

पूजा जप तप नेम अचारा ।
नहिं जानत हौं दास तुम्हारा ॥

वन उपवन मग गिरि गृह माहीं ।
तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं ॥

पांय परौं कर जोरि मनावौं ।
येहि अवसर अब केहि गोहरावौं ॥

जय अंजनि कुमार बलवंता ।
शंकर सुवन वीर हनुमंता ॥

बदन कराल काल कुल घालक ।
राम सहाय सदा प्रतिपालक ॥

भूत, प्रेत, पिशाच निशाचर ।
अग्नि बेताल काल मारी मर ॥

इन्हें मारु, तोहि शपथ राम की ।
राखउ नाथ मरजाद नाम की ॥

जनकसुता हरि दास कहावो ।
ताकी शपथ बिलंब न लावो ॥

जै जै जै धुनि होत अकासा ।
सुमिरत होय दुसह दुःख नाशा ॥

चरण शरण कर जोरि मनावौं ।
यहि अवसर अब केहि गोहरावौं ॥

उठु, उठु, चलु, तोहि राम दुहाई ।
पाँय परौं, कर जोरि मनाई ॥

ॐ चं चं चं चं चपल चलंता ।
ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमंता ॥

ॐ हं हं हाँक देत कपि चंचल ।
ॐ सं सं सहमि पराने खल दल ॥

अपने जन को तुरत उबारो ।
सुमिरत होय आनंद हमरो ॥

यह बजरंग बाण जेहि मारै ।
ताहि कहो फिरि कौन उबारै ॥

पाठ करै बजरंग बाण की ।
हनुमत रक्षा करै प्रान की ॥

यह बजरंग बाण जो जापै ।
ताते भूत-प्रेत सब कापैं ॥

धूप देय जो जपै हमेशा ।
ताके तन नहिं रहै कलेशा ॥

॥ दोहा ॥
प्रेम प्रतीतिहि कपि भजै,
सदा धरै उर ध्यान।
तेहि के कारज सकल शुभ,
सिद्ध करैं हनुमान ॥

हनुमान चालीसा | श्री हनुमान आरती | संकटमोचन अष्टक | बालाजी आरती | श्री राम स्तुति

◉ श्री हनुमंत लाल की पूजा आराधना में हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और संकटमोचन अष्टक का पाठ बहुत ही प्रमुख माने जाते हैं।

Bajrang Baan in English

Jai Hanumanta Santa Hitakaari । Suna Liijay Prabhu Araja hamari ॥ Jana kay kaaja vilambana keejay ।..
यह भी जानें

Bhajan Hanuman BhajanBalaji BhajanBajrangbali BhajanHanuman Janmotsav BhajanMangalwar BhajanTuesday BhajanHanuman Path Bhajan

अन्य प्रसिद्ध बजरंग बाण वीडियो

Hariharan

Satish Dehra

Art of Living

Fast Bajrang Baan

Narendra Chanchal

अगर आपको यह भजन पसंद है, तो कृपया शेयर, लाइक या कॉमेंट जरूर करें!

Whatsapp Channelभक्ति-भारत वॉट्स्ऐप चैनल फॉलो करें »
इस भजन को भविष्य के लिए सुरक्षित / बुकमार्क करें Add To Favorites
* कृपया अपने किसी भी तरह के सुझावों अथवा विचारों को हमारे साथ अवश्य शेयर करें।

** आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर साझा करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक: यहाँ साझा करें।

नवीनतम भजन ›

देवा हो देवा गणपति देवा - भजन

देवा हो देवा गणपति देवा तुमसे बढ़कर कौन स्वामी तुमसे बढ़कर कौन और तुम्हारे भक्तजनों में हमसे बढ़कर कौन हमसे बढ़कर कौन ॥

तुम भी बोलो गणपति, और हम भी बोले गणपति - भजन

मानिये पहले गजानन, गजवदन हे गणपति, जिसने भी दिल से पुकारा, दुखहरण हे गणपति, जिसने भी दिल से पुकारा, दुखहरण हे गणपति, तुम भी बोलो गणपति, और हम भी बोले गणपति ॥

अपना है सेठ गणपति लाला: भजन

शिव शंकर सूत देव गणपति, देवो में बलकारी, सबसे पहले तेरा सुमिरण, करती दुनिया सारी, देवो में देव है निराला, अपना है सेठ गणपति लाला, अपना है सेठ गणपति लाला ॥

गौरी के लाड़ले - भजन

गौरी के लाड़ले, महिमा तेरी महान, करता है सबसे पहले, पूजा तेरी जहान, गौरी के लाडले, महिमा तेरी महान ॥

पधारों म्हारे अंगना जी - भजन

आओ आओ गणपति महाराज, पधारों म्हारे अंगना जी, कबसे रस्ता रहे है निहार, कबसे रस्ता रहे है निहार, पधारों म्हारे अंगना जी, आओ आओ देवों के सरताज, पधारों म्हारे अंगना जी ॥

सुख देने वाले दुख हरने वाले:भजन

सुख देने वाले दुख हरने वाले, ऐसे गणराय को सबका प्रनाम, सर्वप्रथम पूजा जिसकी होती, गन गणपति उनका नाम ॥

गाइये गणपति सुबहो शाम: भजन

गाइये गणपति सुबहो शाम, मंगलमूर्ति मंगलकारी, पावनकारी तेरो नाम, गाइये गणपति सुबहों शाम ॥

Ganesh Aarti Bhajan - Ganesh Aarti Bhajan
Hanuman Chalisa - Hanuman Chalisa
Bhakti Bharat APP